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बी प्राक ने दी मेघना गुलज़ार की ‘दायरा’ के इकलौते गाने को अपनी आवाज़, गुलज़ार ने लिखे लिरिक्स और अमित त्रिवेदी ने दिया संगीत

कुछ दिन पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेघना गुलज़ार ने खुलासा किया था कि उनकी आने वाली क्राइम बेस्ड एक्साइटिंग फिल्म क्राइम थ्रिलर ‘दायरा’ में सिर्फ़ एक ही गाना है और इसके बोल किसी और ने नहीं, बल्कि दिग्गज गीतकार गुलज़ार ने लिखे हैं. इसके बाद अमित त्रिवेदी ने बताया कि उन्होंने इस गाने को कंपोज़्ड किया है. अब हमें पता चला है कि इस खास गाने को अपनी आवाज़ बी प्राक ने दी है. यानी इस एक गाने के लिए तीन बेहद अलग और दमदार संगीतकार एक साथ आए हैं, जो फिल्म के सबसे दिलचस्प सरप्राइज़ में से एक हो सकता है.

आवाज़, संगीत और शायरी का यह मेल अपने आप में काफी अनोखा

इंडस्ट्री के सूत्रों के अनुसार, अपनी दिल को छू लेने वाली आवाज़ और ‘मिट्टी’ और ‘रांझा’ जैसे गानों के लिए पहचाने जाने वाले बी प्राक ने अमित त्रिवेदी और गुलज़ार के साथ मिलकर इस गाने पर काम किया है. आवाज़, संगीत और शायरी का यह मेल अपने आप में काफी अनोखा है. फिल्म के निर्माताओं ने अपने गानों से जुड़ी ज़्यादा जानकारी सामने नहीं आने दी है, लेकिन ‘दायरा’ जैसी कहानी में सिर्फ़ एक गाने का होना अपने आप में काफी दिलचस्प है.

दायरा में करीना और पृथ्वीराज आएंगे नजर

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्मकार मेघना गुलज़ार के निर्देशन में बनी ‘दायरा’ में करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन दो पुलिस अधिकारियों के किरदार में नजर आएंगे. दोनों की न्याय को लेकर अपनी-अपनी सोच है, लेकिन यही सोच उन्हें बहस के दो अलग-अलग सिरों पर खड़ा कर देती है. अपराध, कानून, पुलिस व्यवस्था और न्याय के बड़े सवाल के ज़ोर-गिर्द मुड़ते हुए यह फिल्म उस जटिल स्थिति को सामने प्रकाशित है, जहाँ न्याय की तलाश ही खुद एक बहस बन जाती है.

दायरा के ट्रेलर को मिली थी तारीफ

हाल ही में जारी हुए ट्रेलर को समीक्षकों और दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है. फिल्म पहले ही आईएमडीबी की सबसे ज्यादा प्रतीक्षित आने वाली फिल्मों की सूची में नंबर 1 पर चल रही है. फिल्म से जुड़े कार्यक्रमों के वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से फैल चुके हैं और अब दर्शकों को पहली बार करीना और पृथ्वीराज को साथ देखने का बेसब्री से इंतजार है. खास बात यह है कि दोनों ही कलाकार इस बार पुलिस की वर्दी में एक बिल्कुल अलग दुनिया का हिस्सा बनते नजर आएंगे.

मेघना गुलजार यूनिक फिल्में बनाने को लेकर जानी जाती हैं.

मेघना गुलजार अपनी कहानियों में वास्तविकता और गहरी मानवीय भावनाओं को जगह देने के लिए जानी जाती हैं. उनकी फिल्मों में संगीत भले ही कम इस्तेमाल हुआ हो, लेकिन जब हुआ है तो कहानी का अहम हिस्सा बना है. ‘राज़ी’ का ‘दिलबरो’ हो या ‘तलवार’ में लगभग पूरी तरह एक ही गाने पर आधारित संगीत का माहौल, मेघना की फिल्मों ने यह दिखाया है कि कहानी में सिर्फ एक गाना भी कितना गहरा भावनात्मक असर छोड़ सकता है. यही वजह है कि ‘दायरा’ के इकलौते गाने को लेकर बना रहस्य और भी दिलचस्प हो जाता है.

18 सितंबर को रिलीज होगी फिल्म

गुलज़ार की शायरी, अमित त्रिवेदी का संगीत और बी प्राक की दमदार आवाज़ जब एक साथ बढ़ती, तो यह गाना ‘दायरा’ की कहानी में एक और अनएक्सपेक्टेड लेयर जोड़ सकता है. अगर फिल्म के निर्माताओं ने गाने की बाकी जानकारियों को पूरी अंडर रैप्स रखा है. लेकिन अगर यह साझेदारी उतनी ही खास निकली, सुनने में लग रही है, तो ‘दायरा’ की जांच और रहस्य के अलावा दर्शकों के लिए एक और बड़ा संगीत से जुड़ आश्चर्य इंतजार कर रहा हो सकता है जंगली पिक्चर्स और पेन स्टूडियोज द्वारा निर्मित, पेन मरुधर द्वारा वितरित ‘दायरा’ 18 सितम्बर को सिनेमा में रिलीज होगी.

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Uttarakhand Elections 2027: अल्मोड़ा की 6 सीटों पर सियासी घमासान शुरू, वोटों के गणित से तय होगी जीत-हार

Uttarakhand Elections 2027: उत्तराखंड में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. जिसके लिए सभी दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. राज्य में मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच ही होगा. लेकिन बीएसपी, आम आदमी पार्टी (AAP), बहुजन समाज पार्टी (BSP) उत्तराखंड क्रांति दल (UKD), समाजवादी पार्टी (SP), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी)   CPI(M), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) CPI(ML), ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) निर्दलीय उम्मीदवार भी अपनी राजनीतिक किस्मत आजमाते हैं.

कुमाऊं की ऐतिहासिक धरोहर है अल्मोड़ा

ऐसे में हम आज बात करने वाले हैं उत्तराखंड की सांस्कृतिक राजधानी और कुमाऊं की ऐतिहासिक धरोहर माना जाने वाला अल्मोड़ा (Almora) जिला राजनीतिक रूप से बेहद सजग और रणनीतिक महत्व रखने वाला क्षेत्र है. 2027 में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर यहां भी सियासी बिसात बिछने लगी है और चुनावी हलचल तेज हो गई है.

अपनी मनमोहक बाल मिठाई, ऐतिहासिक जागेश्वर धाम, प्रसिद्ध कसार देवी मंदिर और हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियों के अद्भुत नजारों के लिए दुनिया भर में मशहूर अल्मोड़ा की राजनीति में स्थानीय युवाओं के रोजगार, पलायन की समस्या, स्वास्थ्य-शिक्षा व्यवस्था, कृषि-बागवानी और पर्वतीय बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों की भूमिका बेहद अहम रहती है.

राजनीतिक जानकारों की मानें तो जिले की सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच पारंपरिक व सीधा मुकाबला रहा है, जबकि उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) और निर्दलीय उम्मीदवार कई सीटों पर समीकरण बनाते-बिगाड़ते रहे हैं. 2022 के विधानसभा चुनाव में जिले की छह सीटों पर कड़ा मुकाबला देखने को मिला था, जहां भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी. ऐसे में 2027 के चुनाव में भाजपा के सामने अपना दबदबा बनाए रखने और कांग्रेस के लिए कुमाऊं के इस सांस्कृतिक किले पर फिर से मजबूत पकड़ बनाने की बड़ी परीक्षा होगी.

‘कुर्सी का काउंटडाउन’ की इस सीरीज में आज बात अल्मोड़ा जिले की…

अल्मोड़ा जिला, जिसकी पहचान सिर्फ इसके सुहावने मौसम और पहाड़ों की खूबसूरती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका राजनीतिक और ऐतिहासिक इतिहास भी बेहद समृद्ध रहा है. यह वही अल्मोड़ा है, जो चंद राजाओं की ऐतिहासिक राजधानी रहा और स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कुमाऊं में राजनीतिक चेतना का प्रमुख केंद्र बना. गोविंद वल्लभ पंत जैसे दिग्गज नेताओं की इस कर्मभूमि ने उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन से लेकर आज तक राज्य की दिशा तय करने में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई है.

अल्मोड़ा जिला आज अपने सांस्कृतिक वैभव, ऐतिहासिक चितई गोलू देवता मंदिर, कसार देवी की अलौकिक ऊर्जा और जीवंत स्थानीय बाजारों के रूप में पहचाना जाता है. लेकिन इन सब के बीच, अल्मोड़ा नगर के शहरी क्षेत्रों से लेकर रानीखेत, द्वारहाट, सल्ट, सोमेश्वर और भिकियासैंण के ग्रामीण व पर्वतीय अंचलों तक यहां की सियासत का अपना एक अलग मिज़ाज है. आखिर अल्मोड़ा जिले की विधानसभा सीटों का राजनीतिक इतिहास क्या कहता है? किस सीट पर किस पार्टी का दबदबा रहा है? कौन-से चेहरे यहां बाजी मारते आए हैं और 2027 में किसका सिक्का चल सकता है? आइये सिलसिलेवार ढंग से जानते हैं…

अल्मोड़ा जिले की कुल आबादी और साक्षरता दर

क्रमांक विवरण संख्या / दर
1 कुल जनसंख्या 6,22,506
2 पुरुष जनसंख्या 2,91,081
3 महिला जनसंख्या 3,31,425
4 कुल साक्षर व्यक्ति 4,36,497
5 कुल साक्षरता दर 80.47%
6 पुरुष साक्षरता दर 92.86%
7 महिला साक्षरता दर 69.92%
8 ग्रामीण साक्षरता दर 78.60%
9 शहरी साक्षरता दर 93.73%

अल्मोड़ा जिले की कुल धार्मिक आबादी

क्रमांक धर्म आबादी प्रतिशत
1 हिंदू 6,11,250 98.19%
2 मुस्लिम 7,752 1.25%
3 ईसाई 1,895 0.30%
4 सिख 256 0.04%
5 बौद्ध 201 0.03%
6 जैन 31 0.00%
7 अन्य धर्म 6 0.00%
8 धर्म नहीं बताया 1,115 0.18%
कुल सभी धर्म 6,22,506 100%

2022 विधानसभा चुनाव परिणाम के अनुसार अल्मोड़ा की सभी 6 सीटों पर ऐसा रहा रिजल्ट

क्र. विधानसभा सीट विजेता प्रत्याशी पार्टी प्राप्त मत निकटतम प्रतिद्वंद्वी पार्टी प्राप्त मत जीत का अंतर
1 द्वाराहाट (48) मदन सिंह बिष्ट कांग्रेस 17,766 अनिल सिंह शाही भाजपा 17,584 182
2 सल्ट (49) महेश सिंह जीना भाजपा 22,393 सुरेंद्र सिंह जीना कांग्रेस 18,705 3,688
3 रानीखेत (50) प्रमोद नैनवाल भाजपा 21,047 करण माहरा कांग्रेस 18,463 2,584
4 सोमेश्वर (51, अ.जा.) रेखा आर्या भाजपा 26,161 राजेंद्र बाराकोटी कांग्रेस 20,868 5,293
5 अल्मोड़ा (52) मनोज तिवारी कांग्रेस 24,439 कैलाश शर्मा भाजपा 24,312 127
6 जागेश्वर (53) मोहन सिंह महरा भाजपा 27,530 गोविंद सिंह कुंजवाल कांग्रेस 21,647 5,883

अल्मोड़ा में बीजेपी और कांग्रेस बीच रहा कांटे का मुकाबला

अल्मोड़ा (Almora): इस हॉट सीट पर कांग्रेस के मनोज तिवारी और भाजपा के कैलाश शर्मा के बीच बेहद कांटे की टक्कर देखने को मिली थी. अंत में कांग्रेस प्रत्याशी ने महज 127 वोटों के बेहद करीबी अंतर से भाजपा को हराकर इस सीट पर जीत दर्ज की.

द्वाराहाट सीट पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच 182 मतों से हुई जीत-हार

द्वाराहाट (Dwarahat): इस सीट पर भी कांग्रेस और भाजपा के बीच बेहद करीबी मुकाबला हुआ, जिसमें कांग्रेस के मदन सिंह बिष्ट ने बाजी मारी. उन्होंने भाजपा प्रत्याशी अनिल सिंह शाही को मात्र 182 वोटों के अंतर से हराकर विधानसभा में अपनी जगह बनाई.

जागेश्वर सीट पर जिले की सबसे बड़ी जीत

जागेश्वर (Jageshwar): लंबे समय तक कांग्रेस का गढ़ रही इस सीट पर इस बार बड़ा उलटफेर हुआ और भाजपा के मोहन सिंह महरा ने जीत दर्ज की. उन्होंने कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल को 5,883 वोटों से शिकस्त दी.

बीजेपी उम्मीदवार ने कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष को दी पटखनी

रानीखेत (Ranikhet): इस प्रतिष्ठित सीट पर भाजपा के प्रमोद नैनवाल ने कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष करण महरा को चुनावी मैदान में पटखनी दी. प्रमोद नैनवाल ने 2,584 वोटों के अंतर से यह महत्वपूर्ण मुकाबला अपने नाम किया था.

सोमेश्वर में लगातार दूसरी बार 2022 में खिला कमल

सोमेश्वर (Someshwar - SC): इस सुरक्षित सीट पर भाजपा की कद्दावर नेता और कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत रखी. उन्होंने कांग्रेस के राजेंद्र बाराकोटी को 5,293 वोटों से हराकर लगातार दूसरी बार इस सीट पर कमल खिलाया.

बीजेपी के महेश जीना ने सल्ट सीट पर बरकरार रखी जीत

सल्ट (Salt): इस सीट पर भाजपा के महेश जीना ने अपनी पारिवारिक विरासत और राजनीतिक पकड़ को बरकरार रखते हुए जीत हासिल की. उन्होंने मुख्य मुकाबले में कांग्रेस के अनुभवी नेता रंजीत सिंह रावत को 3,688 वोटों के अंतर से चुनाव हराया.

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