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नहर के तेज बहाव में फंसा था बेजुबान कुत्ता, CRPF जवान ने बिना देर किए बचाई जान, वीडियो देख लोगों ने किया सलाम!

CRPF जवान ने तेज बहाव वाली नहर में फंसे कुत्ते को रेस्क्यू कर इंसानियत की मिसाल पेश की. वीडियो वायरल होने के बाद लोग जवानों की बहादुरी और संवेदनशीलता की जमकर तारीफ कर रहे हैं.

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Aja Ekadashi 2026: जानिए 6 या 7 सितंबर कब रखा जाएगा अजा एकादशी का व्रत? इस दिन बन रहे हें दुर्लभ Shubh Yog, जानें भगवान विष्णु की Puja Vidhi

हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। साल में कुल 24 एकादशी तिथि पड़ती है और हर महीने 2 एकादशी तिथि आती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत के रखने से और भगवान विष्णु की पूजा करने से आध्यात्मिक शांति एवं जीवन में सुख-समृद्धि बनीं रहती है। सितंबर में पड़ने वाली एकादशी को अजा एकादशी के नाम से जाना जाता है। आइए आपको बताते हैं अजा एकादशी कब है, जानें पूजा-विधि और पारण का समय। 

कब रखा जाएगा व्रत?
वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 6 सितंबर 2026 को शाम 7.30 बजे आरंभ होगी और अगले दिन 7 सितंबर को शाम 5.05 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार, अजा एकादशी का व्रत 7 सितंबर 2026, सोमवार को रखा जाएगा।

अजा एकादशी पर बन रहे हैं शुभ योग
इस बार अजा एकादशी धार्मिक दृष्टि के लिहाज से बेहद खास मानी जा रही है। असल में 7 सितंबर की सुबह पुनर्वसु और पुष्य नक्षत्र का संयोग रहेगा। इतना ही नहीं, इस दिन वरीयान योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बनने की बात कही गई है।

व्रत का पारण कब किया जाएगा?
अजा एकादशी व्रत पारण अगले दिन 8 सितंबर 2026 को किया जाएगा। पंचांग के अनुसार, इस दिन 6.02 बजे से 8.33 बजे तक 8.33 बजे तक पारण का शुभ समय रहेगा। साधक इस अवधि में स्नान, पूजा और भगवान विष्णु की आराधना करने के बाद व्रत खोलते हैं।

अजा एकादशी की पूजा विधि
 - सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र को धारण करें।

 - इसके बाद पूजा स्थल की सफाई कर गंगाजल से शुद्धिकरण करें और व्रत का संकल्प लें।

 - अब पीले या लाल कपड़े पर भगवान विष्णु की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें।

 - फिर भगवान को पीला चंदन, अक्षत, फूल, माला और वस्त्र अर्पित करें। पूजा में तुलसी दल जरुर शामिल करें।

 - इसके बाद खीर, मिठाई और मौसमी फलों का भोग लगाएं।

 - घी का दीपक और धूप जलाकर भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें।

 - अब विष्णु चलीसा का पाठ करें और अजा एकादशी व्रत कथा को पढ़े या सुनें।

 - आखिर में भगवान विष्णु और एकादशी माता की आरती करें।

 - अगले दिन द्वादशी तिथि में पूजा करने के बाद निर्धारित समय में व्रत का पारण करें।

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  Sports

tilak varma sledge: दलीप ट्रॉफी फाइनल में तिलक वर्मा का पारा चढ़ा, वैभव सूर्यवंशी को बोले- 'क्या रे ये वाइस-कैप्टन'

स्पोर्ट्स डेस्क। दलीप ट्रॉफी के फाइनल में पहले ही दिन मैदान पर रोमांच के साथ गर्मागर्मी भी देखने को मिली। साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ईस्ट जोन के ओपनर्स वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन की शानदार बल्लेबाजी से इस कदर परेशान हुए कि उन्होंने 10वें ओवर के आसपास वैभव को स्लेज करना शुरू कर दिया। हालांकि तिलक की यह कोशिश युवा बल्लेबाज पर ज्यादा असर नहीं डाल सकी।

ईस्ट जोन की पारी की शुरुआत से ही वैभव और ईश्वरन ने साउथ जोन के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया था। मोहम्मद सिराज जैसे तेज गेंदबाज के खिलाफ भी दोनों बल्लेबाजों ने आसानी से रन बनाए। कुछ ओवर पहले ही वैभव ने सिराज की गेंदों पर जोरदार शॉट लगाए थे। इसके बाद तिलक ने खुद वैभव के पास जाकर उनका ध्यान भटकाने की कोशिश की।

तिलक ने वैभव के सामने जाकर कहा- 'क्या रे ये वाइस-कैप्टन' इसके बाद वह वहां से चले गए। तिलक की इस छोटी सी स्लेजिंग का वैभव की बल्लेबाजी पर कोई खास असर नहीं पड़ा। दोनों बल्लेबाजों ने अपनी लय बरकरार रखी और ईस्ट जोन को शानदार शुरुआत दिलाई।

ईश्वरन ने महज 46 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। वह 14वें ओवर में इस मुकाम तक पहुंचे। दूसरी ओर वैभव भी तेजी से अपने अर्धशतक की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन 16वें ओवर में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज सीवी मिलिंद की शॉर्ट गेंद पर अपना विकेट गंवा बैठे।

हालांकि, तब तक दोनों बल्लेबाज मैच का रुख तय कर चुके थे। वैभव और ईश्वरन ने शुरुआती 15 ओवर में ही 100 रन जोड़ दिए। खास बात यह थी कि जिस पिच पर पहले घंटे में बल्लेबाजों से संभलकर खेलने की उम्मीद थी, वहां दोनों ने आक्रामक अंदाज दिखाया।

इससे पहले ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। उन्हें उम्मीद थी कि शुरुआती घंटे में तेज गेंदबाजों को पिच से मदद मिलेगी। मोहम्मद सिराज के पहले ओवर में सीम और बाउंस के संकेत भी मिले, लेकिन ईस्ट जोन के बल्लेबाजों ने धीरे-धीरे साउथ के गेंदबाजी आक्रमण की धार कुंद कर दी।

वैभव ने ऑफ साइड पर जमकर रन बटोरे, जबकि ईश्वरन ने लेग साइड को निशाना बनाया। दोनों की बल्लेबाजी से परेशान तिलक को 8वें ओवर से ही पांच बाउंड्री राइडर्स लगाने पड़े। रेड-बॉल क्रिकेट में इस तरह का फील्ड सेटअप कम ही देखने को मिलता है।

हालांकि, साउथ जोन ने पहले सत्र में दोनों बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया। वैभव शॉर्ट गेंद पर आउट हुए, जबकि ईश्वरन रन आउट हो गए। पिच पर बल्लेबाज एस मोहन के साथ हुई गलतफहमी के कारण ईश्वरन को विकेट गंवाना पड़ा। पहले सत्र के अंत तक ईस्ट जोन का स्कोर 133 रन पर दो विकेट था।

Sun, 06 Sep 2026 15:04:48 +0530

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