भास्कर अपडेट्स:Meta ने केरल CM के हटाए पोस्ट बहाल किए, सरकार ने मांगा जवाब
केरल CM वीडी सतीशन के फेसबुक पेज से हटाए गए पोस्ट Meta ने बहाल कर दिए हैं। इनमें आशा वर्कर्स के ओणम बोनस और मिलाद-उन-नबी की बधाई वाले पोस्ट शामिल थे। CMO ने Meta और केंद्रीय IT मंत्रालय से पोस्ट हटाने की वजह पूछी है। सरकार ने यह भी पूछा कि पोस्ट ऑटोमेटेड सिस्टम या किसी व्यक्ति के जरिए हटाए गए थे। सतीशन ने कहा कि सरकारी पोस्ट का बिना वजह हटना गंभीर चिंता है। मुख्यमंत्री के सचिव रतन यू. केलकर ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स की सुरक्षा मजबूत करने की मांग की। आज की अन्य बड़ी खबरें… महाराष्ट्र में दही हांडी के दौरान 2 की मौत, मुंबई में 306 गोविंदा घायल महाराष्ट्र में दही हांडी के दौरान हादसों में 2 लोगों की मौत हो गई। मुंबई में 7 साल के रुद्र कदम पर ईंटों का खंभा गिर गया। वहीं पुणे में लोहे का ढांचा गिरने से एक महिला की जान चली गई। मुंबई में 306 गोविंदा घायल हुए। घायलों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। प्रशासन ने अतिरिक्त बेड और दवाओं की व्यवस्था की थी। डिप्टी CM एकनाथ शिंदे ने युवाओं से सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा, हांडी तोड़ें, लेकिन अपनी जान बचाएं। BJP सांसद दिनेश शर्मा बने अंडमान-निकोबार के नए उपराज्यपाल भाजपा के राज्यसभा सांसद और यूपी के पूर्व डिप्टी CM दिनेश शर्मा को अंडमान-निकोबार का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति भवन ने शनिवार को इसकी घोषणा की। 62 साल के दिनेश शर्मा कार्यभार संभालने के दिन से पद पर होंगे। वे मौजूदा उपराज्यपाल एडमिरल डी.के. जोशी (रिटायर्ड) की जगह लेंगे। डी.के. जोशी ने 8 अक्टूबर 2017 को पद संभाला था। शर्मा का राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर को खत्म होना था। वे राज्यसभा के उपसभापति भी हैं। कांग्रेस ने जाति जनगणना का फॉर्म बदलने और ड्रॉपडाउन लिस्ट की मांग की कांग्रेस ने जाति जनगणना के फॉर्म में जातियों की ड्रॉपडाउन लिस्ट देने की मांग की है। पार्टी नेता सुभाषिनी यादव ने कहा कि खुद जाति का नाम लिखने से अलग-अलग नाम और स्पेलिंग दर्ज हो सकती हैं, जिससे आंकड़ों में गड़बड़ी हो सकती है। कांग्रेस ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के पास जातियों की सूची पहले से मौजूद है। पार्टी ने नए फॉर्म के लिए राजनीतिक दलों, विशेषज्ञों और जनता से चर्चा की मांग की है। कांग्रेस के मुताबिक, सही जातिगत आंकड़े OBC, EBC और अन्य पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व और सरकारी योजनाओं के लिए जरूरी हैं। जाति जनगणना फरवरी 2027 से शुरू होनी है।
एमपी में बाढ़...नदियां उफान पर, डैम के गेट खुले:ग्वालियर-चंबल, सागर में आज स्ट्रॉन्ग सिस्टम; अब तक 30 इंच से ज्यादा बारिश
पूर्वी हिस्से के बाद अब मानसूनी सिस्टम पश्चिमी हिस्से को भी तरबतर कर रहा है। इससे कई जिलों में बाढ़ के हालात हैं। नर्मदा समेत कई नदियां उफान पर हैं। बरगी, भदभदा और कलियासोत डैम के गेट खुल चुके हैं। भोपाल समेत 12 जिलों में कोटे से ज्यादा बारिश हो गई है। रविवार को ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के 15 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है। शनिवार को सीधी के कैमूर पहाड़ की मूड़ा घाटी में लैंडस्लाइड के कारण सीधी-UP मार्ग बंद हो गया। बारिश के चलते सड़क पर बड़े पत्थर और पेड़ गिर गए थे। सड़क के नीचे 100 फीट से ज्यादा गहरी खाई होने से यहां हादसे का खतरा भी बढ़ गया। छतरपुर में मूसलाधार बारिश के चलते सभी स्कूल बंद रहे। लवकुशनगर में कच्चा मकान ढह गया। उमरिया में बाढ़ में एक महिला बह गई। मैहर में पुलों के ऊपर से पानी बहने के कारण मुकुंदपुर मार्ग बंद है। भोपाल में भदभदा के बाद कलियासोत डैम के गेट भी खुल गए। इससे कलियासोत नदी किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट रहने को कहा गया है। आज इन जिलों में बारिश मौसम केंद्र (IMD) भोपाल ने शनिवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह, पन्ना और सतना में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा। शनिवार की बारिश और बाढ़ से जुड़ी तस्वीरें देखिए… अगले 3 दिनों तक दिखेगा असर मौसम विशेषज्ञों की माने तो 6 सितंबर को भी सिस्टम की सक्रियता रहेगी। हालांकि, इंदौर में तेज बारिश होने का अनुमान नहीं है। 7, 8 और 9 सितंबर को भी कुछ जिलों में तेज बारिश होने का अनुमान है। 23 जिलों में ज्यादा बारिश IMD की माने तो अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। 32 जिलों में 1% से 22% तक कम बारिश प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 1% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी में 1% से 22% तक कम बारिश हुई है। पिछले एक सप्ताह में यह आंकड़ा काफी सुधरा है। बीते एक सप्ताह से यहां के कई जिलों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। इससे आंकड़े में सुधार आया और सीजन में पहली बार पूर्वी हिस्सा आंकड़ों में बेहतर रहा है। जिससे आंकड़ा तीन प्रतिशत ज्यादा हो गया है। वहीं, पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 2% से 53% कम पानी गिरा है। मैप से समझें, 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम जून में सूखा, जुलाई-अगस्त में अच्छी बारिश मौसम विभाग के अनुसार, जून में 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआती दिनों में तेज बारिश होने से यह बढ़ गया। इसके बाद मानसून दो बार ब्रेक हुआ और कई दिन तक बारिश नहीं हुई। आखिरी सप्ताह में फिर से स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। बावजूद इसके 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि, जुलाई और फिर अगस्त का भी फुल हो गया, लेकिन जून की भरपाई नहीं हो पाई। यही वजह से अब तक भी प्रदेश में 5 प्रतिशत कम पानी गिरा है। सितंबर के पहले सप्ताह में भारी बारिश का दौर रहा है। इस वजह से आंकड़े में सुधार आ गया है। प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जिले की सामान्य बारिश 38 से 39 इंच तक है। अब जानिए, एमपी के 5 बड़े शहरों में बारिश का रिकॉर्ड… भोपाल में 4 साल से कोटे से ज्यादा बारिश भोपाल में सितंबर महीने की औसत बारिश 7 इंच है, लेकिन पिछले 5 साल से कोटे से ज्यादा पानी बरस रहा है। ओवरऑल रिकॉर्ड की बात करें तो साल 1961 में पूरे सितंबर माह में 30 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, 24 घंटे में सर्वाधिक 9.2 इंच बारिश का रिकॉर्ड 2 सितंबर 1947 को बना था। इस महीने औसत 8 से 10 दिन बारिश होती है। वहीं, दिन में तापमान 31.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस तक रहता है। इंदौर में सितंबर में रिकॉर्ड 30 इंच बारिश इंदौर में सितंबर महीने में रिकॉर्ड 30 इंच बारिश हो चुकी है। यह ओवरऑल रिकॉर्ड साल 1954 में बना था। वहीं, 20 सितंबर 1987 को 24 घंटे में पौने 7 इंच पानी गिर चुका है। इस महीने इंदौर में औसत 8 दिन बारिश होती है, लेकिन इस बार 15 या इससे अधिक दिन तक बारिश हो सकती है। ग्वालियर में वर्ष 1990 में गिरा था 25 इंच पानी ग्वालियर में सितंबर 1990 में 647 मिमी यानी साढ़े 25 इंच बारिश हुई थी। यह सितंबर में मासिक बारिश का ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 7 सितंबर 1988 को 24 घंटे में साढ़े 12 इंच बारिश हुई थी। सितंबर में ग्वालियर की औसत बारिश करीब 6 इंच है, लेकिन पिछले चार साल से इससे अधिक बारिश हो रही है। ग्वालियर में इस बार अगस्त में ही बारिश का कोटा पूरा हो गया। ऐसे में सितंबर में जितनी भी बारिश होगी, वह बोनस की तरह ही रहेगी। जबलपुर में 24 घंटे में साढ़े 8 इंच बारिश का रिकॉर्ड सितंबर महीने में जबलपुर में भी मानसून जमकर बरसता है। 20 सितंबर 1926 को जबलपुर में 24 घंटे के अंदर साढ़े 8 इंच बारिश का रिकॉर्ड है। वहीं, पूरे महीने में 32 इंच बारिश साल 1926 को हो चुकी है। यहां महीने में औसत 10 दिन बारिश होती है। वहीं, सामान्य बारिश साढ़े 8 इंच है। पिछले 3 साल से सामान्य से ज्यादा पानी गिर रहा है। उज्जैन में 1981 में पूरे मानसून का कोटा हो गया था फुल उज्जैन की सामान्य बारिश 34.81 इंच है, लेकिन वर्ष 1961 में सितंबर की बारिश ने ही पूरे सीजन की बारिश का कोटा फुल कर दिया था। इस महीने 1089 मिमी यानी करीब 43 इंच पानी गिरा था। वहीं, 24 घंटे में सर्वाधिक साढ़े 5 इंच बारिश का रिकॉर्ड 27 सितंबर 1961 को बना था। सितंबर महीने में उज्जैन की सामान्य बारिश पौने 7 इंच है, लेकिन पिछले दो साल से 12 इंच से ज्यादा बारिश हो रही है। इस महीने औसत 7 दिन बारिश होती है।
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