tilak varma: टेस्ट में टीम इंडिया के दरवाजे खटखटा रहा धांसू बल्लेबाज, बोला- यह मेरी असली ताकत
tilak varma: साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ने अपनी टीम को दलीप ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचाने के बाद रेड-बॉल क्रिकेट के लिए दीवानगी को फिर ज़ाहिर किया। उन्होंने कहा- भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलना हमेशा से उनका सपना रहा है।
तिलक वर्मा ने नॉर्थ ज़ोन के ख़िलाफ़ 116 और 51 रन की नाबाद पारियां खेलकर साउथ ज़ोन को ईस्ट ज़ोन के ख़िलाफ़ फ़ाइनल में पहुंचाया। तिलक फिलहाल 23 वर्ष के हैं और भारत के T20I उप-कप्तान भी हैं। टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनकी दिवानगी से उनका मैसेज साफ है कि वह टीम इंडिया के लिए व्हाइट ड्रेस में भी खेलना चाहते हैं।
रेड बॉल क्रिकेट पसंद, वही असली ताकत
मैच के बाद तिलक वर्मा ने कहा- मुझे हमेशा से रेड-बॉल क्रिकेट खेलना पसंद रहा है और मैंने कभी भारत के लिए व्हाइट-बॉल फ़ॉर्मेट खेलने का सपना नहीं देखा था, लेकिन यह भगवान की मर्ज़ी है। मैंने भारत के लिए T20 और ODI में डेब्यू किया है, लेकिन मेरी असली ताकत हमेशा रेड-बॉल क्रिकेट ही रही है।
तिलक ने पिछले तीन सालों में भारत के लिए 53 T20I और 5 ODI मैच खेले हैं, लेकिन उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि व्हाइट-बॉल क्रिकेट में उनकी सफलता कभी भी रेड-बॉल क्रिकेट में उनके लक्ष्यों से बड़ी नहीं है।
उन्होंने कहा- मैंने बहुत मेहनत की है। शायद 10 साल की उम्र से ही, और अब मैं 23 साल का हूं, जो किसी ने नहीं देखा। IPL की वजह से मेरा चयन व्हाइट-बॉल फ़ॉर्मेट के लिए हुआ। लेकिन उससे पहले मैंने रेड-बॉल क्रिकेट में बहुत पसीना बहाया है। उन्होंने आगे कहा- इसलिए यह हमेशा से मेरी ताकत रही है और मुझे टेस्ट क्रिकेट खेलना पसंद है। यह मेरे खून में बसा है। तिलक ने कहा कि हाल के वर्षों में भारत के इंटरनेशनल शेड्यूल की वजह से उन्हें घरेलू रेड-बॉल क्रिकेट खेलने के कम मौके मिले हैं। उन्होंने कहा कि जब भी उन्हें समय मिलता है, वह ज़्यादा से ज़्यादा रणजी ट्रॉफ़ी क्रिकेट खेलने की कोशिश करते हैं।
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उन्होंने कहा- अभी मैं अपने देश के लिए T20 और ODI खेलने के लिए उपलब्ध हूं, लेकिन मुझे रेड-बॉल क्रिकेट खेलना पसंद है। हालांकि मेरे पास घरेलू रेड-बॉल क्रिकेट खेलने के लिए ज़्यादा समय नहीं होता क्योंकि पिछले तीन-चार सालों से मैं रणजी ट्रॉफ़ी खेलने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन मुझे समय नहीं मिल पा रहा है क्योंकि मेरा इंटरनेशनल शेड्यूल व्यस्त रहता है। इसलिए मैं ज्यादा से ज्यादा रेड-बॉल क्रिकेट खेलने की कोशिश कर रहा हूं, क्योंकि मैं वहां अच्छा प्रदर्शन करके भारतीय टीम में जगह बनाना चाहता हूं।
duleep trophy: तिलक की शानदार बैंटिंग, निधीश का गेंदबाजी में कमाल; दलीप ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचा साउथ जोन
चेन्नई: धाकड़ बल्लेबाज तिलक वर्मा की शानदार बल्लेबाजी और एमडी निधीश की घातक गेंदबाजी के दम पर साउथ जोन ने नॉर्थ जोन को 7 विकेट से हराकर दलीप ट्रॉफी के फाइनल में जगह बना ली। फाइनल 6 सितंबर से चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां साउथ जोन का सामना ईशान किशन की कप्तानी वाले ईस्ट जोन से होगा।
181 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए साउथ जोन ने 182 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम किया। तिलक वर्मा 51 रन बनाकर नाबाद रहे, जबकि आर स्मरण ने 31 रन की नाबाद पारी खेली। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 80 रन की अटूट साझेदारी कर टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला।
तिलक ने इस मुकाबले की पहली पारी में भी कमाल किया था। उन्होंने नाबाद 116 रन बनाए थे और दूसरी पारी में भी जिम्मेदारी संभालते हुए टीम को फाइनल तक पहुंचाया। बुधवार को लंच से ठीक पहले साउथ ने दो विकेट जल्दी गंवा दिए थे। इसके बाद नंबर-4 पर उतरे तिलक ने संभलकर बल्लेबाजी की। पहली गेंद पर अबिद मुश्ताक की गेंद पर उनके खिलाफ करीबी एलबीडब्ल्यू अपील भी हुई, लेकिन इसके बाद उन्होंने पारी को मजबूती से आगे बढ़ाया। स्मरण ने भी तिलक का अच्छा साथ दिया। वह स्ट्राइक रोटेट करते रहे और स्पिनरों को हावी होने का मौका नहीं दिया। काली मिट्टी की सपाट पिच पर बल्लेबाजी आसान थी, जिससे गेंदबाजों को ज्यादा मदद नहीं मिली।
हालांकि, नॉर्थ जोन की दूसरी पारी में एमडी निधीश ने मैच का रुख बदल दिया। केरल के इस तेज गेंदबाज ने 56 रन देकर 5 विकेट झटके। यह उनका फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 10वां पांच विकेट हॉल रहा। उन्होंने बुधवार की सुबह नॉर्थ के शुरुआती तीन विकेट लेकर टीम को दबाव में ला दिया और पूरे मुकाबले में अपनी मजबूत छाप छोड़ी।
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नॉर्थ जोन एक समय 175 रन पर 2 विकेट के साथ मजबूत स्थिति में था। सनत सांगवान ने अर्धशतक लगाकर पारी संभाली, लेकिन निधीश और लेग स्पिनर श्रेयस गोपाल ने दूसरे सत्र में मैच पलट दिया। नॉर्थ ने 34 रन के अंदर पांच विकेट गंवा दिए। बाद में अंशुल कंबोज और निशांत सिंधु ने आठवें विकेट के लिए 60 रन जोड़कर टीम की बढ़त को 100 के पार पहुंचाया।
साउथ की जीत की नींव पहली पारी में ही रख दी गई थी। विद्वथ कावेरप्पा ने 66 रन देकर चार विकेट लिए और नॉर्थ को 195 रन पर समेट दिया। नॉर्थ की ओर से इकबाल ने 76 रन बनाए। जवाब में साउथ ने 312 रन बनाए, जिसमें तिलक के 116 और श्रेयस गोपाल के 87 रन अहम रहे। दूसरी पारी में नॉर्थ 297 रन बना सका और साउथ ने 181 रन का लक्ष्य हासिल कर फाइनल का टिकट कटाया।
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