BCCI: टीम इंडिया की हार और फिटनेस पर मंथन, मुंबई में जुटेंगे क्रिकेट के बड़े चेहरे
मुंबई। भारतीय क्रिकेट में लगातार मिल रही हार और खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) गंभीर नजर आ रहा है। गुरुवार को मुंबई स्थित BCCI मुख्यालय में भारतीय क्रिकेट के बड़े अधिकारियों और कप्तानों की अहम बैठक होगी। इसमें हेड कोच गौतम गंभीर, चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण, टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल और टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर शामिल होंगे। बैठक की अध्यक्षता BCCI सचिव देवजीत सैकिया करेंगे।
बैठक में पिछले कुछ समय के प्रदर्शन का लेखा-जोखा रखा जाएगा और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। खास तौर पर टीम की प्लानिंग और इन बड़े पदों पर बैठे लोगों के बीच बेहतर तालमेल कैसे बनाया जाए, इस पर फोकस रहेगा। भारतीय टी20 टीम का हालिया प्रदर्शन चिंता बढ़ाने वाला रहा है। टीम को आयरलैंड के खिलाफ सीरीज में 0-2 से चौंकाने वाली हार मिली, जबकि इंग्लैंड ने भारत को 0-4 से हरा दिया। वनडे में भी स्थिति बहुत अच्छी नहीं रही। पिछली पांच वनडे सीरीज में भारत को तीन में हार का सामना करना पड़ा है। ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में मिली हार ने टीम मैनेजमेंट की चिंता बढ़ाई है।
अब नजर टेस्ट क्रिकेट पर है। भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ विदेशी जमीन पर टेस्ट सीरीज खेलनी है। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी करनी है। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचना फिलहाल मुश्किल नजर आ रहा है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में जीत की लय लौटाना और घरेलू मैदान पर दबदबा फिर कायम करना टीम की बड़ी प्राथमिकता होगी।
फिटनेस को लेकर COE पर सवाल
बैठक में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी चर्चा के केंद्र में रह सकता है। पिछले कुछ समय में कई खिलाड़ी फिट घोषित होने के बाद इंटरनेशनल मैचों के दौरान दोबारा चोटिल हुए हैं। आईपीएल के बाद फिट घोषित किए गए नितीश रेड्डी अफगानिस्तान के खिलाफ जून में क्वाड इंजरी के कारण बाहर हुए। जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में हर्षित राणा और वरुण चक्रवर्ती हैमस्ट्रिंग चोट का शिकार हुए। इसके बाद वॉशिंगटन सुंदर भी इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से राइट हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण बाहर हो गए।
फिटनेस को लेकर स्थिति यह है कि साई सुदर्शन और जसप्रीत बुमराह को श्रीलंका टेस्ट सीरीज के लिए फिट बताया गया था, लेकिन दोनों खेल नहीं सके। वॉशिंगटन सुंदर को भी अभी पूरी तरह फिट घोषित नहीं किया गया है। COE में स्पोर्ट्स साइंस हेड का पद करीब 18 महीने से खाली है।
BCCI के एक अधिकारी के मुताबिक, मेडिकल टीम को चयनकर्ताओं को खिलाड़ी की फिटनेस और जोखिम की स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। लेकिन जवाबदेही तय करने वाला कोई प्रमुख अधिकारी नहीं होने से फैसले पर स्थिति साफ नहीं हो पा रही है। नतीजा यह है कि ‘subject to fitness’ अब अपवाद के बजाय टीम चयन का आम हिस्सा बनता जा रहा है।
रोहित शर्मा का भविष्य
ODI टीम को लेकर फ़िलहाल सबसे अहम मुद्दा पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर चयन का मुश्किल फैसला है। माना जा रहा है कि चयनकर्ताओं को अगले वर्ल्ड कप तक उनकी फ़ॉर्म और फ़िटनेस बनाए रखने की क्षमता पर भरोसा नहीं रहा था और उन्होंने इंग्लैंड सीरीज़ से पहले उनसे बात भी की थी। चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को लग रहा था कि रोहित इंग्लैंड के ख़िलाफ़ ODI सीरीज़ के बाद रिटायर हो जाएंगे, लेकिन लॉर्ड्स में होने वाले आखिरी ODI से ठीक पहले सैकिया ने ऐसी बातों को महज़ अटकलें बताकर खारिज कर दिया।
यह देखना बाकी है कि लॉर्ड्स में रोहित के शतक के बाद अगरकर यह मुद्दा उठाते हैं या BCCI दखल देता है। अगरकर का चीफ़ सेलेक्टर बने रहना भी BCCI के लिए चर्चा का विषय है। कहा जाता है कि सितंबर में अपना कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने पर उन्होंने पद छोड़ने की इच्छा जताई थी, लेकिन BCCI ने अभी तक इस पर कोई फ़ैसला नहीं लिया है।
tilak varma: टेस्ट में टीम इंडिया के दरवाजे खटखटा रहा धांसू बल्लेबाज, बोला- यह मेरी असली ताकत
tilak varma: साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ने अपनी टीम को दलीप ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचाने के बाद रेड-बॉल क्रिकेट के लिए दीवानगी को फिर ज़ाहिर किया। उन्होंने कहा- भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलना हमेशा से उनका सपना रहा है।
तिलक वर्मा ने नॉर्थ ज़ोन के ख़िलाफ़ 116 और 51 रन की नाबाद पारियां खेलकर साउथ ज़ोन को ईस्ट ज़ोन के ख़िलाफ़ फ़ाइनल में पहुंचाया। तिलक फिलहाल 23 वर्ष के हैं और भारत के T20I उप-कप्तान भी हैं। टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनकी दिवानगी से उनका मैसेज साफ है कि वह टीम इंडिया के लिए व्हाइट ड्रेस में भी खेलना चाहते हैं।
रेड बॉल क्रिकेट पसंद, वही असली ताकत
मैच के बाद तिलक वर्मा ने कहा- मुझे हमेशा से रेड-बॉल क्रिकेट खेलना पसंद रहा है और मैंने कभी भारत के लिए व्हाइट-बॉल फ़ॉर्मेट खेलने का सपना नहीं देखा था, लेकिन यह भगवान की मर्ज़ी है। मैंने भारत के लिए T20 और ODI में डेब्यू किया है, लेकिन मेरी असली ताकत हमेशा रेड-बॉल क्रिकेट ही रही है।
तिलक ने पिछले तीन सालों में भारत के लिए 53 T20I और 5 ODI मैच खेले हैं, लेकिन उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि व्हाइट-बॉल क्रिकेट में उनकी सफलता कभी भी रेड-बॉल क्रिकेट में उनके लक्ष्यों से बड़ी नहीं है।
उन्होंने कहा- मैंने बहुत मेहनत की है। शायद 10 साल की उम्र से ही, और अब मैं 23 साल का हूं, जो किसी ने नहीं देखा। IPL की वजह से मेरा चयन व्हाइट-बॉल फ़ॉर्मेट के लिए हुआ। लेकिन उससे पहले मैंने रेड-बॉल क्रिकेट में बहुत पसीना बहाया है। उन्होंने आगे कहा- इसलिए यह हमेशा से मेरी ताकत रही है और मुझे टेस्ट क्रिकेट खेलना पसंद है। यह मेरे खून में बसा है। तिलक ने कहा कि हाल के वर्षों में भारत के इंटरनेशनल शेड्यूल की वजह से उन्हें घरेलू रेड-बॉल क्रिकेट खेलने के कम मौके मिले हैं। उन्होंने कहा कि जब भी उन्हें समय मिलता है, वह ज़्यादा से ज़्यादा रणजी ट्रॉफ़ी क्रिकेट खेलने की कोशिश करते हैं।
ये भी पढ़ें: icc test ranking: कंगारू गेंदबाज ने बुमराह से छीना नंबर वन का ताज, गिल की रैंकिंग भी गिरी
उन्होंने कहा- अभी मैं अपने देश के लिए T20 और ODI खेलने के लिए उपलब्ध हूं, लेकिन मुझे रेड-बॉल क्रिकेट खेलना पसंद है। हालांकि मेरे पास घरेलू रेड-बॉल क्रिकेट खेलने के लिए ज़्यादा समय नहीं होता क्योंकि पिछले तीन-चार सालों से मैं रणजी ट्रॉफ़ी खेलने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन मुझे समय नहीं मिल पा रहा है क्योंकि मेरा इंटरनेशनल शेड्यूल व्यस्त रहता है। इसलिए मैं ज्यादा से ज्यादा रेड-बॉल क्रिकेट खेलने की कोशिश कर रहा हूं, क्योंकि मैं वहां अच्छा प्रदर्शन करके भारतीय टीम में जगह बनाना चाहता हूं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi




