Responsive Scrollable Menu

इजराइल बोला- अमेरिका तैयार हुआ तो गाजा खाली करा देंगे:रक्षा मंत्री ने कहा- हमास हथियार नहीं छोड़ रहा, लोगों को हटाकर ही समस्या सुलझेगी

इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा कि अगर अमेरिका मंजूरी देता है तो हम गाजा से फिलिस्तीनियों को बाहर निकाल देंगे। काट्ज ने कहा कि हमास हथियार छोड़ने को तैयार नहीं है। ऐसे में गाजा की समस्या का समाधान लोगों को वहां से हटाए बिना संभव नहीं है। फिलिस्तीनियों को गाजा से बाहर निकालने की योजना तैयार है। लोगों को समुद्र, हवाई मार्ग या किसी भी दूसरे तरीके से बाहर भेजने की तैयारी है। उन्होंने कहा- अब इजराइल अमेरिका के फैसले का इंतजार कर रहा है कि इन लोगों को कहां भेजा जाएगा। इजिप्ट के विरोध के बाद प्रस्ताव पर पीछे हटे ट्रम्प अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में कहा था कि गाजा के करीब 20 लाख फिलिस्तीनियों को वहां से चले जाना चाहिए। ट्रम्प ने गाजा को फिर से बसाने और उसे भूमध्यसागर के किनारे एक लग्जरी रिसॉर्ट में बदलने की बात कही थी। ट्रम्प के इस प्रस्ताव का कई देशों ने विरोध किया था। इनमें मिस्र भी शामिल था। मिस्र, इजराइल के अलावा गाजा से सीमा साझा करने वाला इकलौता देश है। फिलिस्तीनियों ने भी इस प्रस्ताव का विरोध किया। उनका कहना था कि अगर उन्हें उनकी जमीन से जबरन हटाया गया तो यह उन्हें 1948 की याद दिलाएगा, जब इजराइल के बनने के दौरान बड़ी संख्या में फिलिस्तीनियों को अपना घर छोड़ना पड़ा था। फिलिस्तीनी इस घटना को ‘नकबा’ यानी तबाही कहते हैं। बाद में अक्टूबर में गाजा में युद्धविराम का ऐलान करते हुए ट्रम्प ने इलाके के लिए 20 बिंदुओं वाली योजना पेश की। इसमें फिलिस्तीनियों को गाजा से जबरन हटाने की बात नहीं थी। काट्ज बोले- 80% लोग गाजा छोड़ने को तैयार काट्ज ने अब इस प्लान को लेकर कहा कि योजना रद्द नहीं हुई है। ट्रम्प ने इस विचार को सिर्फ फ्रीज किया है। वे फिलिस्तीनियों को रखने वाले देशों की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने भी दावा किया कि गाजा के 80% लोग वहां से जाना चाहते हैं, लेकिन हमास उन्हें ऐसा करने से रोक रहा है। गाजा से लोगों को जबरन हटाने का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय कानून के लिहाज से भी गंभीर है। जिनेवा कन्वेंशन के तहत कब्जे वाले इलाके से आम नागरिकों को जबरन दूसरी जगह भेजना युद्ध अपराध माना जाता है। नेतन्याहू बोले- इजराइली सेना पीछे नहीं हटेगी इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को गाजा पट्टी में तैनात इजराइली सैनिकों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि इजराइली सेना पीछे नहीं हटेगी। अक्टूबर 2025 में इजराइल और हमास के बीच सीजफायर लागू होने के बाद नेतन्याहू का गाजा इलाके का यह पहला दौरा था। नेतन्याहू ने गाजा में तथाकथित येलो लाइन के पास कहा, "हम इस इलाके को नियंत्रित कर रहे हैं। हम पीछे नहीं हट रहे हैं। हम इसी लाइन पर बने रहेंगे।" यलो लाइन गाजा के उन इलाकों को अलग करती है, जो हमास और इजराइली सेना के नियंत्रण में हैं। हम गाजा पट्टी के 60% हिस्से को नियंत्रित करते हैं और हम रुकने वाले नहीं हैं, क्योंकि हम उन आतंकियों को खत्म कर रहे हैं जो हर दिन हमें धमकी देते हैं। हमास के हमले और गाजा में मौतों का आंकड़ा हमास के हमले के बाद इजराइली हमलों के कारण गाजा की बड़ी आबादी पहले ही अपने ही इलाके में विस्थापित हो चुकी है। इजराइली आंकड़ों के अनुसार, हमले में 1,221 लोग मारे गए थे। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इसके बाद इजराइल के हमलों में 73,470 लोगों की मौत हुई है। उसके मुताबिक युद्धविराम के बाद भी 1,330 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। गाजा में जंग से 98% जमीन बंजर, 21 लाख लोग बेघर जंग की वजह से गाजा के 23 लाख लोगों में से 90% बेघर हो गए हैं। ये बिना पानी-बिजली के तंबुओं में रह रहे हैं और आधे से ज्यादा भुखमरी झेल रहे हैं। 80% इलाका मिलिट्री जोन बन चुका है। UN की रिपोर्ट के मुताबिक, गाजा में जमा 510 लाख टन मलबा हटाने में 10 साल और 1.2 ट्रिलियन डॉलर लग सकते हैं। 80% इमारतें तबाह हो गई हैं, जिससे 4.5 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है। 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजराइल में घुसपैठ की और करीब 251 लोगों को बंधक बना लिया। जवाब में इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तुरंत जंग का ऐलान किया और हमास पर हमले शुरू कर दिए। 66 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे गए उत्तर और दक्षिण गाजा से भगाए गए लाखों लोग अब टेंटों में बिना पानी, बिजली और दवा के दिन गुजार रहे हैं। यूएन एजेंसियों के मुताबिक, आधे से ज्यादा लोग भुखमरी से जूझ रहे हैं। अब तक 66,158 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, इनमें 18,430 बच्चे (लगभग 31%) शामिल हैं। गाजा में करीब 39,384 बच्चे सूचि बद्ध हैं जिनके माता या पिता में से कोई एक मारा गया है। वहीं, 17,000 फिलिस्तीनी बच्चे माता-पिता दोनों खो चुके हैं। राहत एजेंसियां कहती हैं- यह अब शहर नहीं, जिंदा बचे लोगों का कैंप मात्र है। गाजा दो हिस्सों में बट गया UN रिपोर्ट के मुताबिक 80% इमारतें तबाह हो गई हैं। जिनमें से आधी से ज्यादा पूरी तरह ढह गईं। इजराइल ने एक किलोमीटर गहरा बफर जोन और 4 सैन्य कॉरिडोर बना दिए हैं। इनमें सबसे बड़ा मोराग कॉरिडोर है, जिससे अब गाजा को दो हिस्सों में बांट चुका है। अभी गाजा के 80% से ज्यादा हिस्से पर इजराइली सेना का कब्जा है। आम गाजा वासियों की आवाजाही सिर्फ 20% हिस्से में सीमित है। 90% स्कूल और 94% अस्पतालों को नुकसान गाजा में शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों बर्बादी के निशान बन चुके हैं। हमले से पहले गाजा में 850 स्कूल थे, आज 90% स्कूल तबाह हो चुके हैं। गाजा में 10 यूनिवर्सिटी की 51 इमारतों में से एक भी इमारत चालू हालत में नहीं है। 30 हजार करोड़ का एजुकेशन इंफ्रा तबाह। गाजा में 2 साल पहले 36 अस्पतालों में 3412 बेड थे। 94% अस्पतालों को नुकसान पहुंचा है। जिनमें से आधे बंद हैं। 19 अस्पताल में थोड़ा-बहुत इलाज हो रहा है। यहां सिर्फ 33% बेड ही उपलब्ध हैं। करीब 40 हजार करोड़ रुपए का हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर तबाह हो गया है। हाल ही में गाजा के अस्पतालों का दौरा करने वाले विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि डॉ रिख पीपरकॉर्न का कहना है कि स्कूलों की जगह अब टेंट हैं और अस्पतालों की जगह खामोशी है। यहां बच्चों के पास किताब नहीं, मरीजों के पास डॉक्टर नहीं है। गाजा के 83% कुएं भी टूट गए कभी उपजाऊ रही गाजा की धरती इजराइली हवाई हमलों से अब बंजर हो गई है। इसके अलावा, 83% सिंचाई कुएं भी टूट चुके हैं। बेतलहिया के किसान हानी शफाई का 65 करोड़ रुपए का स्ट्रॉबेरी फार्म अब सिर्फ राख है। उनका कहना है कि मेरे दादा के लगाए पेड़, मेरी बनाई ग्रीनहाउस, सब बुलडोजर से मिटा दिए गए। वे कहते हैं कि अब खेत नहीं, बस धूल और यादें हैं। संयुक्त राष्ट्र के फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक, गाजा युद्ध की वजह से मिट्टी में विस्फोटक रसायनों का स्तर 3 गुना तक बढ़ गया है। -------------- ये खबर भी पढ़ें 2 दिन बाद अमेरिका का ईरान पर फिर मिसाइल हमला:19 की मौत, 68 घायल; जवाब में जॉर्डन-बहरीन के अमेरिकी मिलिट्री बेस पर ईरानी स्ट्राइक अमेरिका ने 2 दिन बाद फिर ईरान पर हमला किया है। अमेरिकी सेना ने मंगलवार रात सिरिक, खुजस्तान, केश्म द्वीप और बंदर अब्बास में मिसाइल और ड्रोन स्ट्राइक की। ईरान के अनुसार इन हमलों में 19 लोगों की मौत हुई है, जबकि 68 लोग घायल हुए हैं। पूरी खबर पढ़ें…

Continue reading on the app

जरूरत की खबर- FDA ने रोकी धतूरे की ऑनलाइन बिक्री:जानिए यह कितना खतरनाक, अगर गलती से खा लिया तो तुरंत क्या करें

कर्नाटक के फूड सेफ्टी एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने अमेजन, स्विगी, इंस्टामार्ट और बिगबास्केट के फूड लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। जांच में पता चला कि कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर धतूरे के फल और बीज खाने-पीने के प्रोडक्ट्स की कैटेगरी में बेचे जा रहे थे। मामला तब सामने आया, जब एक महिला की मां ने धतूरे को सामान्य फल समझकर खा लिया और उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद फूड सेफ्टी अधिकारियों ने जांच शुरू की। दरअसल, धतूरा एक टॉक्सिक प्लांट है। इसके सेवन से गंभीर हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। ऐसे में इसके बारे में सही जानकारी होना जरूरी है। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में धतूरा पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. एम.के सिंह, डायरेक्टर, सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, नारायणा हॉस्पिटल, गुरुग्राम सवाल- धतूरा क्या है? जवाब- धतूरा एक टॉक्सिक प्लांट है, जो भारत समेत दुनिया के कई देशों में उगता है। बड़े सफेद या बैंगनी फूल और कांटेदार फल इसकी पहचान हैं। यह नाइटशेड (Solanaceae) परिवार का सदस्य है, जिसमें टमाटर, आलू और बैंगन जैसे पौधे भी शामिल हैं। हालांकि, धतूरा इन पौधों से अलग है, क्योंकि इसके बीज, पत्तियां, फूल, फल और जड़, सभी में जहरीले रसायन पाए जाते हैं। सवाल- इसे जहरीला क्यों माना जाता है? जवाब- धतूरे के सभी हिस्सों में जहरीले केमिकल होते हैं। ये ब्रेन और नर्वस सिस्टम को प्रभावित करते हैं। इसलिए धतूरे को जहरीला पौधा माना जाता है। सवाल- धतूरे को खाने की चीज बताकर ऑनलाइन बेचने का पूरा मामला क्या है? क्या ये सिर्फ मिस्टेक है? जवाब- पॉइंटर्स से समझिए- क्या यह सिर्फ गलती थी? फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने इसे साधारण गलती नहीं माना है। डिपार्टमेंट का कहना है कि धतूरा एक जहरीला पौधा है। अगर कोई प्लेटफॉर्म उसे खाने वाले प्रोडक्ट की तरह दिखाता है, तो इससे लोगों की सेहत को गंभीर खतरा हो सकता है। इसी वजह से अधिकारियों ने केवल लिस्टिंग हटाने के बजाय लाइसेंस निलंबन जैसी सख्त कार्रवाई भी की है। सवाल- धतूरे में कौन-से जहरीले तत्व होते हैं? जवाब- धतूरे में ‘ट्रोपेन एल्कलॉइड्स’ नाम के जहरीले केमिकल कंपाउंड्स होते हैं। ये केमिकल नर्वस सिस्टम को प्रभावित करते हैं और धतूरे की टॉक्सिसिटी के लिए जिम्मेदार होते हैं। ग्राफिक में इस समूह के सभी जहरीले तत्व देखिए- सवाल- अगर कोई गलती से धतूरा खा ले सेहत पर क्या असर होगा? जवाब- धतूरा खाने के बाद उसके जहरीले केमिकल पेट और आंतों से ब्लड में पहुंच जाते हैं। इसके बाद ये पूरे शरीर में फैलकर नर्वस सिस्टम को प्रभावित करने लगते हैं। इसे थोड़ा विस्तार से समझिए- 1. जहर ब्लड में पहुंचता है 2. शरीर के सामान्य सिग्नल गड़बड़ होने लगते हैं 3. ब्रेन पर असर शुरू होता है 4. हार्ट और शरीर पर असर बढ़ता है 5. गंभीर टॉक्सिसिटी सवाल- धतूरा खाने पर कौन-से शुरुआती लक्षण दिखाई देते हैं? जवाब- धतूरा टॉक्सिसिटी के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि व्यक्ति ने धतूरे की कितनी मात्रा खाई है। उसके शरीर में जहर कितना फैल चुका है। ग्राफिक में सभी लक्षण देखिए- सवाल- धतूरा खाने के कितनी देर बाद लक्षण दिख सकते हैं? जवाब- आमतौर पर इसके शुरुआती लक्षण 30 मिनट से 2 घंटे के भीतर दिखने शुरू हो जाते हैं, लेकिन कुछ मामलों में इन्हें उभरने में इससे ज्यादा समय भी लग सकता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति ने धतूरे का कौन-सा हिस्सा खाया है, कितनी मात्रा में खाया है और उसकी उम्र और हेल्थ कंडीशन कैसी है। सवाल- क्या धतूरा जानलेवा भी हो सकता है? जवाब- हां, इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि इसमें मौजूद जहरीले रसायनों की मात्रा का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। यही कारण है कि डॉक्टर धतूरा टॉक्सिसिटी के हर केस को मेडिकल इमरजेंसी मानते हैं। सवाल- अगर कोई गलती से धतूरा खा ले तो तुरंत क्या करना चाहिए? जवाब- इसे मेडिकल इमरजेंसी मानना चाहिए। घरेलू इलाज या लक्षणों के दिखने का इंतजार करने के बजाय तुरंत डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए। क्या करना चाहिए और क्या नहीं, ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या धतूरे को छूने से भी नुकसान हो सकता है? जवाब- पौधे को छूने के बाद अगर हाथ धोए बिना आंख, नाक या मुंह को छू लिया जाए तो समस्या हो सकती है। सवाल- क्या आयुर्वेद या पारंपरिक चिकित्सा में धतूरे का कोई इस्तेमाल है? जवाब- हां, आयुर्वेद में धतूरे का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसे सामान्य जड़ी-बूटी की तरह नहीं माना जाता। ‘जर्नल ऑफ आयुर्वेदिक एंड इंटीग्रेटेड मेडिकल साइंस’ (JIMS) में पब्लिश एक रिव्यू के मुताबिक, आयुर्वेद में धतूरे को सेमी-पॉइजनस कैटेगरी में रखा गया है। यानी यह ऐसा पदार्थ है, जिसमें औषधीय गुण भी हैं और विषैले गुण भी। इसके पत्ते, फूल, बीज और जड़ का यूज अलग-अलग आयुर्वेदिक दवाओं में होता है। हालांकि, आयुर्वेद में भी धतूरे का उपयोग बहुत सावधानी से किया जाता है। पहले विशेष प्रक्रियाओं से इसकी टॉक्सिसिटी कम की जाती है। साथ ही इसकी मात्रा का सख्ती से पालन किया जाता है, क्योंकि थोड़ी सी चूक भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। सवाल- किसी जहरीले पौधे को फूड सप्लीमेंट बताकर बेचने पर क्या कार्रवाई हो सकती है? जवाब- ऐसे मामलों में फूड सेफ्टी अधिकारी जांच कर सकते हैं और कई सख्त कदम उठा सकते हैं, जैसेकि- सवाल- ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ऐसा प्रोडक्ट मिलने पर ग्राहक इसकी शिकायत कहां कर सकते हैं? जवाब- ग्राहक इसकी शिकायत सीधे FSSAI के ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं। यह पोर्टल पैकेज्ड फूड, ऑनलाइन एग्रीगेटर और फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म से जुड़ी शिकायतों के लिए बनाया गया है। ग्राहक शिकायत के साथ प्रोडक्ट की फोटो, स्क्रीनशॉट, बिल या अन्य सबूत भी अपलोड कर सकते हैं। ***** ग्राफिक्स- विपुल शर्मा …………………… ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- 4,000 किलो मिलावटी खोया जब्त:ऐसे करें असली खोया की पहचान, मिठाई खरीदते समय बरतें ये 8 जरूरी सावधानियां हाल ही में उत्तर प्रदेश के कई जिलों में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी खोया के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की। कानपुर, मेरठ, हापुड़, मुजफ्फरनगर और मुरादाबाद से अब तक करीब 4,000 किलो मिलावटी खोया जब्त करके उसे नष्ट किया जा चुका है। पूरी खबर पढ़ें…

Continue reading on the app

  Sports

क्या इस हिल स्टेशन पर घर बनाएंगे सचिन तेंदुलकर? 70 करोड़ में खरीदी इतनी जमीन

सचिन तेंदुलकर ने 70 करोड़ रुपये में 3.89 एकड़ जमीन खरीदी है. मास्टर ब्लास्टर ने ये जमीन लोनावाला में खरीदी है. Tue, 08 Sep 2026 14:36:31 +0530

  Videos
See all

LIVE : Punjab Government के खिलाफ Congress का प्रदर्शन | CM Bhagwant Mann | Top News #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-08T09:07:14+00:00

Punjab सरकार के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन | #shortvideo #shorts #viral #viralvideo #video #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-08T09:06:55+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers