नेपाली PM संसद में बोले- भारत को धन्यवाद:कहा- सही समय पर पड़ोसी देशों ने मदद पहुंचाई; 7 दिन में 1200+ मौतें
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने बाढ़ राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए संसद में भारत और चीन को धन्यवाद दिया। बुधवार को संसद को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों पड़ोसी देशों ने समय पर राहत सामग्री, तकनीकी टीमें और आपात मदद भेजी। भारत ने राहत सामग्री की पांचवीं खेप भेजी है। भारतीय टीमें सुरंगों में सर्च ऑपरेशन और शवों की पहचान में मदद कर रही हैं। वहीं, चीन ने ग्यिरोंग बॉर्डर तक जाने वाला हाईवे खोल दिया है, जिससे राहत दल प्रभावित इलाकों तक पहुंच रहे हैं। बाढ़ से अब तक कुल 1,225 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें नेपाल में 1,204 और तिब्बत में 21 लोगों की जान गई है। वहीं, 4700 से ज्यादा लोग लापता हैं। कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स के कर्मचारी भी गायब हैं। आशंका है कि कुछ लोग अब भी सुरंगों में फंसे हो सकते हैं। नेपाल त्रासदी की 4 तस्वीरें… खबर से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
भारत ने पाकिस्तान में हिंदू मंदिर गिराने की निंदा की:100 साल पुराने मंदिर की जगह मदरसा बनाने का आरोप; इस्लामाबाद बोला- बारिश से गिरी इमारत
भारत ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 100 साल से ज्यादा पुराने एक हिंदू मंदिर को गिराए जाने की कड़ी निंदा की है। यह मंदिर लाहौर से करीब 130 किलोमीटर दूर नारोवाल जिले के सिराज गांव में था। मंदिर को 21 अगस्त को गिराए जाने की खबर सामने आई थी। हिंदू समुदाय के प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि मंदिर को जानबूझकर गिराया गया, ताकि उसकी जमीन या आसपास की जमीन का इस्तेमाल मदरसा बनाने के लिए किया जा सके। वहीं, पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि भारी बारिश के कारण मंदिर की इमारत अपने आप गिर गई। भारत बोला- मंदिर की सुरक्षा नहीं कर पाए अधिकारी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने इस घटना की खबरों को गंभीर चिंता के साथ देखा है। उन्होंने पाकिस्तान के सिराज गांव में ऐतिहासिक हिंदू मंदिर को नष्ट किए जाने की निंदा की। भारत के मुताबिक, ऐसी घटनाएं पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदायों की कमजोर स्थिति और उनके धार्मिक अधिकारों व पूजा स्थलों के गंभीर उल्लंघन को दिखाती हैं। आरोप- कट्टरपंथियों ने जानबूझकर मंदिर गिराया पाकिस्तान मसीहा मिल्लत पार्टी (PMMP), हिंदू समुदाय के प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि कुछ धार्मिक कट्टरपंथियों ने जानबूझकर मंदिर को गिराया। PTI के मुताबिक, उनका आरोप है कि इसके बाद मंदिर की जमीन को पास के एक मदरसे के इस्तेमाल के लिए लेने की कोशिश की गई। PMMP के अध्यक्ष असलम परवेज सहोत्रा ने सरकार से कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि 28 अगस्त को उन्होंने पंजाब के अतिरिक्त गृह सचिव से मुलाकात कर लिखित शिकायत दी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सहोत्रा ने आरोप लगाया कि प्रतिबंधित दक्षिणपंथी इस्लामिक राजनीतिक संगठन तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) के कुछ लोग मंदिर गिराने में शामिल थे। मंदिर गिराए जाने के बाद उसके शिखर में लगे धातु के सामान, ईंटें और दूसरी सामग्री वहां से हटा दी गई। सहोत्रा के मुताबिक, मंदिर से लगी जमीन को पहले इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) ने मदरसा बनाने के लिए लीज पर दिया था। हालांकि, बाद में किराया नहीं चुकाने और जमीन का तय मकसद के लिए इस्तेमाल नहीं होने के आरोप में लीज रद्द कर दी गई थी। पाकिस्तानी अधिकारी बोले- मंदिर का कोई रिकॉर्ड नहीं पाकिस्तानी अधिकारियों ने इन आरोपों से अलग दावा किया है। ETPB के वरिष्ठ अधिकारी राणा इफ्तिखार ने कहा कि भारी बारिश के कारण मंदिर की इमारत गिर गई। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि मंदिर 100 साल से ज्यादा पुराना था। इफ्तिखार ने कहा कि रिकॉर्ड में मंदिर का कोई नाम दर्ज नहीं है, लेकिन यह करीब 100 से 125 साल पुरानी इमारत थी। उन्होंने कहा कि मंदिर से लगी जमीन को भले ही एक धार्मिक शिक्षण संस्थान के लिए लीज पर दिया गया था, लेकिन मंदिर की अपनी जमीन किसी को लीज पर नहीं दी गई थी। इफ्तिखार ने कहा कि मंदिर को दोबारा बनाया या बहाल किया जाएगा या नहीं, इसका फैसला ETPB के वरिष्ठ अधिकारी करेंगे। ------------------ यह खबर भी पढ़ें… रक्षा-समझौते की आड़ में हथियारों का जखीरा भर रहा पाकिस्तान:तुर्किये से ड्रोन की सप्लाई, 60 घंटे में दर्जनों सैन्य विमान पहुंचे सऊदी अरब और तुर्किये से हुए रक्षा समझौते की आड़ में पाकिस्तान हथियारों का जखीरा बढ़ा रहा है। 19 से 21 अगस्त के बीच करीब 60 घंटे में तुर्किये के दर्जनों सैन्य विमानों ने पाकिस्तान के अलग-अलग एयरबेस पर लैंडिंग और टेकऑफ किया। पूरी खबर पढ़ें…
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