डॉ. दिनेश शर्मा को मिली नई जिम्मेदारी, अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल नियुक्त
उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान-निकोबार का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है. राष्ट्रपति भवन की ओर से 5 सितंबर 2026 को उनकी नियुक्ति से संबंधित आदेश जारी किया गया. वह पदभार ग्रहण करने के साथ ही नई जिम्मेदारी संभालेंगे. डॉ. दिनेश शर्मा का राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा है. राजनीति में आने से पहले वह लखनऊ विश्वविद्यालय में वाणिज्य विभाग के शिक्षक रहे. उन्होंने एमकॉम के साथ पीएचडी की है। शिक्षण कार्य के साथ-साथ वह भारतीय जनता पार्टी के संगठन में भी सक्रिय रहे और समय के साथ पार्टी में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं.
लखनऊ के मेयर से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
डॉ. शर्मा की सक्रिय राजनीति में पहचान लखनऊ से बनी. वह नगर निगम चुनाव में पहली बार लखनऊ के महापौर चुने गए. इसके बाद उन्होंने लगातार दूसरी बार भी मेयर का पद संभाला. लखनऊ की स्थानीय राजनीति से शुरुआत करने के बाद उनका कद धीरे-धीरे भाजपा संगठन में बढ़ता गया. संगठन में उनकी सक्रियता को देखते हुए वर्ष 2014 में उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया. इसी अवधि में उन्हें गुजरात भाजपा का प्रभारी भी नियुक्त किया गया. पार्टी के सदस्यता अभियान समेत संगठन से जुड़े कई महत्वपूर्ण अभियानों में उन्होंने जिम्मेदारी निभाई.
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2017 में बने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री
उत्तर प्रदेश की राजनीति में डॉ. दिनेश शर्मा को बड़ी जिम्मेदारी वर्ष 2017 में मिली। उस साल विधानसभा चुनाव में भाजपा की सरकार बनने के बाद उन्हें उत्तर प्रदेश का उपमुख्यमंत्री बनाया गया. योगी आदित्यनाथ सरकार के पहले कार्यकाल में उनके पास माध्यमिक और उच्च शिक्षा के अलावा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विभाग भी रहे. सरकार में रहते हुए शिक्षा और तकनीक से जुड़े मामलों में उन्होंने अपनी भूमिका निभाई.
2023 में पहुंचे राज्यसभा
वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश में भाजपा की दोबारा सरकार बनने के बाद डॉ. शर्मा को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया. इसके बाद सितंबर 2023 में भाजपा ने उन्हें उत्तर प्रदेश से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया। वह निर्विरोध राज्यसभा के लिए चुने गए. राज्यसभा सांसद के तौर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश से जुड़े विभिन्न मुद्दों के साथ शिक्षा और राजनीति से संबंधित विषयों पर भी अपनी बात रखी. अब राष्ट्रपति की ओर से अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल के रूप में नियुक्ति के बाद डॉ. दिनेश शर्मा के राजनीतिक सफर में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है. राज्यसभा और उत्तर प्रदेश सरकार की जिम्मेदारियों के बाद अब वह केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन की कमान संभालेंगे.
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नागौद ब्लॉक के सड़वा गांव में पिछले 15-20 दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण लोगों के घरों में कमर तक पानी भर गया है. इससे लोगों का राशन और इलेक्ट्रॉनिक सामान खराब हो गया है। जलभराव से मकानों के गिरने का खतरा भी पैदा हो गया है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरपंच और प्रशासन दोनों ही उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं. जल निकासी के लिए नालियों की सफाई नहीं की गई है और जगह-जगह ब्लॉकेज होने की वजह से पानी भर रहा है. शिकायत करने पर अधिकारी केवल आते हैं, देखकर चले जाते हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता. जलभराव के कारण घर में कीड़े-मकोड़े और सांप निकलने का भी खतरा बढ़ गया है, जिससे लोग डरे हुए हैं. बीमार पड़ने पर अस्पताल तक जाना भी मुश्किल हो रहा है. कार्यक्रम के दूसरे भाग में, बिलासपुर जिले के सरकंडा और आसपास के क्षेत्रों को मिलाकर एक अलग नगर निगम बनाने की मांग उठी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्तमान में बिलासपुर नगर निगम में वार्डों की संख्या बढ़ जाने से विकास कार्य बाधित हो रहे हैं और सरकंडा क्षेत्र उपेक्षित रह गया है. सरकंडा क्षेत्र में सफाई व्यवस्था, पार्क और सब्जी मंडी जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है. यहां के निवासियों का मानना है कि यदि नया नगर निगम बनता है, तो विकास कार्यों में तेजी आएगी और क्षेत्र का सर्वांगीण विकास हो सकेगा.
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