बिना मान्यता संचालित मदरसों पर धामी सरकार की कार्रवाई जारी, देहरादून और हल्द्वानी में कार्रवाई
प्रदेश में निर्धारित मान्यता एवं शैक्षणिक मानकों का अनुपालन नहीं करने वाले मदरसों के विरुद्ध राज्य सरकार की कार्रवाई लगातार जारी है. इसी क्रम में देहरादून और हल्द्वानी में बिना मान्यता संचालित मदरसों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है. अल्पसंख्यक मामलों के सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि देहरादून में तीन मदरसों के संबंध में कार्रवाई की गई. इनमें आजाद कॉलोनी स्थित मदरसा जामिया-तुस-सलाम अल-इस्लामिया को सील किया गया, जबकि मदरसा दार-ए-अरकम, आजाद कॉलोनी, माजरा तथा मदरसा दारूल उलूम रहीमिया के प्रबंधकों द्वारा मदरसों का संचालन बंद किए जाने संबंधी लिखित अंडरटेकिंग दी गई है.
मदरसों का संचालन बंद कराया
उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 17 मदरसों को सील किया जा चुका है, जबकि तीन मदरसों के प्रबंधकों ने संचालन बंद किए जाने की लिखित सूचना दी है. इस प्रकार अब तक कुल 20 बिना मान्यता संचालित मदरसों का संचालन बंद कराया गया है.
मदरसे को भी सील किया गया
इसी क्रम में नैनीताल जनपद के हल्द्वानी में शनि बाजार रोड, गौजाजाली उत्तर स्थित मदरसा जामिया नूरिया बरकाते आमिना तथा इंदिरा नगर, बनभूलपुरा में संचालित बिना मान्यता प्राप्त मदरसे को भी सील किया गया है. हल्द्वानी नगर मजिस्ट्रेट ए.बी. वाजपेयी ने बताया कि संबंधित मदरसा प्रबंधकों को मान्यता से जुड़े आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था. निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई.
शैक्षणिक मानकों का अनुपालन कराया
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में किसी भी शिक्षण संस्थान का संचालन निर्धारित नियमों एवं मान्यता के बिना नहीं होने दिया जाएगा. राज्य में लागू नई व्यवस्था के अंतर्गत अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही निर्धारित शैक्षणिक मानकों का अनुपालन कराया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के भविष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा. नियमों का उल्लंघन कर संचालित संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी.
Bihar News: भीख मांगते लोगों पर बच्चा चोरी का गहराया शक, ग्रामीणों ने जमकर पीटा, फिर मंदिर में किया बंद
Bihar News: बिहार की राजधानी पटना स्थित रांगा थाना क्षेत्र के शहरी गांव में शनिवार को उस समय भारी अफरा तफरी मच गई, जब भिक्षाटन करने आए एक दल को ग्रामीणों ने बच्चा चोर समझकर दबोच लिया. देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और लोगों ने कानून हाथ में लेते हुए पकड़े गए लोगों की जमकर धुनाई कर दी. इस हंगामे के बीच कुछ जागरूक ग्रामीणों ने दखल देकर स्थिति को संभाला और आरोपियों को एक मंदिर परिसर में सुरक्षित रखकर पुलिस को खबर दी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी संदिग्धों को अपनी सुरक्षा में लिया और पूछताछ के लिए थाने ले आई.
नाबालिग चालक के दावे से भड़का आक्रोश
घटना की शुरुआत तब हुई जब साधु और धार्मिक वेशभूषा में कुछ लोग इलाके में घूमकर लोगों से भीख मांग रहे थे. इसी बीच शहरी गांव के रहने वाले करीब तेरह साल के एक टोटो चालक ने सनसनीखेज दावा किया. चालक का कहना था कि इस दल के कुछ सदस्य उसके टोटो पर सवार होकर जा रहे थे. रास्ते में एक सुनसान मोड़ आते ही उन्होंने उसे जबरन पकड़ने और खींचने की कोशिश की. बच्चा किसी तरह उनके चंगुल से छूटकर भागा और रास्ते में अपने चाचा को पूरी आपबीती सुनाई.
गांव में तेजी से फैली अफवाह और हुई मारपीट
बच्चे की बात सुनते ही परिजनों और ग्रामीणों के होश उड़ गए. चालक का चाचा फौरन कुछ ग्रामीणों को साथ लेकर मौके की तरफ दौड़ा और घेराबंदी करके भीख मांग रहे लोगों को पकड़कर गांव के चौक पर ले आया. जैसे ही यह खबर फैली कि बच्चा चोर पकड़ा गया है, पूरे गांव से सैकड़ों लोग लाठी डंडे लेकर इकट्ठा हो गए. उत्तेजित भीड़ ने किसी की एक न सुनी और पकड़े गए लोगों पर टूट पड़ी. कुछ लोगों ने उनकी जमकर पिटाई कर दी, जिससे मौके पर चीख पुकार मच गई.
मंदिर में बंद कर बचाई जान, पुलिस को बुलाया
माहौल बिगड़ता देख गांव के कुछ समझदार और बुजुर्ग लोग आगे आए. उन्होंने उग्र हो रही भीड़ को समझा बुझाकर शांत कराया और किसी बड़ी अनहोनी को टालने के लिए पकड़े गए सभी लोगों को गांव के ही एक मंदिर के कमरे में बंद कर दिया. इसी दौरान पकड़े गए लोगों के दल से जुड़ी करीब आठ से दस महिलाएं भी रोती बिलखती वहां पहुंच गईं. स्थिति तनावपूर्ण होते देख ग्रामीणों ने तुरंत रांगा थाना पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी. सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और चारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर गाड़ी में बिठाया.
पास के गांव में भी पकड़े गए दो साथी
शहरी गांव में हंगामा चल ही रहा था कि पास के खोखराटोला से भी ऐसी ही खबर सामने आई. वहां भी ग्रामीणों ने इसी दल के दो अन्य सदस्यों को भीख मांगते हुए देखा. बच्चा चोरी की चर्चा पहले ही फैल चुकी थी, इसलिए वहां के लोगों ने भी दोनों को घेरकर पकड़ लिया. खोखराटोला के ग्रामीणों ने भी कानून हाथ में लेने के बजाय समझदारी दिखाई और सीधे पुलिस को खबर दी. इसके बाद पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर उन दोनों को भी अपनी हिरासत में ले लिया.
सहरसा के रहने वाले हैं सभी लोग
ग्रामीणों और पुलिस द्वारा की गई शुरुआती पूछताछ में पकड़े गए लोगों ने अपनी पहचान उजागर की है. उन्होंने बताया कि वे सभी बिहार राज्य के सहरसा जिले के बख्तियारपुर इलाके के रहने वाले हैं. उनका कहना था कि वे लोग रोजी रोटी के सिलसिले में धार्मिक वेश बनाकर अलग अलग गांवों में घूमते हैं और भिक्षा मांगकर अपना गुजारा करते हैं. उन्होंने बच्चा चोरी या किसी बच्चे को जबरन पकड़ने के सभी आरोपों को पूरी तरह से गलत और मनगढ़ंत बताया.
पुलिस कर रही है गहन जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक बच्चा चोरी या किसी बच्चे के अपहरण की कोशिश की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की सच्चाई जानने के लिए पकड़े गए सभी लोगों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है. इसके साथ ही टोटो चालक और उसके परिजनों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं. पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और संदिग्ध दिखने पर खुद मारपीट करने के बजाय तुरंत प्रशासन को सूचित करें. खबर लिखे जाने तक मामले में लिखित तहरीर देने और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने का काम जारी था.
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