IND W vs PAK W: पाकिस्तान ने फिर किया भारत के सामने सरेंडर, सिर्फ 55 रनों पर हुआ ऑलआउट, श्री चरणी-प्रेमा की घातक गेंदबाजी
IND W vs PAK W: महिला एशिया कप 2026 का 9वां मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है. इस मैच में टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी पाकिस्तानी टीम ने भारतीय गेंदबाजों के सामने पूरी तरह सरेंडर कर दिया. भारतीय गेंदबाजों ने पाकिस्तान को 18.1 ओवरों में सिर्फ 55 रनों पर समेट दिया है. यह पाकिस्तान की महिला टीम का टी20 इंटरनेशनल इतिहास का सबसे छोटा स्कोर है. पाकिस्तान की तरफ से केवल दोनों ओपनर, मुनीबा अली और शावाल जुल्फिकार ही दहाई का आंकड़ा छू सकीं. वहीं, भारत की ओर से श्री चरणी और प्रेमा रावत ने घातक गेंदबाजी करते हुए 3-3 विकेट चटकाए, जबकि दीप्ति शर्मा ने 2 विकेट लिए. वहीं शैफाली वर्मा को 1 सफलता मिली.
पाकिस्तान की शुरुआत रही बेहद खराब, 29 रन पर गंवा दिए थे 3 विकेट
भारत के खिलाफ इस मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने पाकिस्तानी महिला टीम की शुरुआत बेहद खराब हुई है. पाकिस्तान को पहला झटका पांचवे ओवर में शैफाली वर्मा ने दिया. उन्होंने पाकिस्तानी ओपनर मुनीबा अली को चलता किया. मुनीबा अली 15 गेंद पर 13 रन बनाकर पवेलियन लौंटी. इसके बाद 6वें ओवर में श्री चरणी ने पाकिस्तान को 2 बड़े झटके दिए. इस ओवर की दूसरी गेंद पर श्री चरणी ने गुल फिरोजा को अपना शिकार बनाया. वो खाता भी नहीं खोल सकीं. फिर इस ओवर की आखिरी गेंद पर श्री चरणी ने ओपनर शावाल जुल्फिकार को अपना पवेलियन का रास्ता दिखाया. शावाल जुल्फिकार 14 गेंद पर 14 रन बनाईं.
#TeamIndia spinners on a roll with the ball ????
— BCCI Women (@BCCIWomen) September 5, 2026
Shafali Verma ???? Sree Charani ???? Prema Rawat ???? Deepti Sharma
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श्री चरणी के सामने पाकिस्तानी बल्लेबाजों का रहा बुरा हाल
इसके बाद भी पाकिस्तानी टीम के विकेट गिरने का सिलसिला थमा नहीं. भारतीय गेंदबाजों ने ऐसा दबाव बनाया कि पाकिस्तान की टीम पूरी तरह सरेंडर करने पर मजबूर हो गई. सिर्फ 35 रन के स्कोर तक पहुंचते-पहुंचते पाकिस्तान ने अपने 6 विकेट खो दिए थे. टीम को चौथा झटका 8वें ओवर में आयशा जफर के रूप में लगा, जिन्हें श्री चरणी ने केवल 2 रन के निजी स्कोर पर पवेलियन भेज दिया.
प्रेमा रावत ने भी की घातक गेंदबाजी
इसके बाद 9वें ओवर में प्रेमा रावत ने कमाल किया और सदफ शमास को 3 रन पर आउट करके पाकिस्तान को पांचवां झटका दिया. अभी पाकिस्तानी टीम संभल भी नहीं पाई थी कि 10वें ओवर की पहली ही गेंद पर दीप्ति शर्मा ने पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना को आउट कर दिया। पाकिस्तानी कप्तान अपना खाता भी नहीं खोल सकीं.
इसके बाद एमान फातिमा 10 गेंद पर 5 रन बनाकर रनआउट हो गईं. फिर अगले यानी 15वें ओवर में प्रेमा रावत ने उम्म-ए-हानी को अपना शिकार बनाया. उम्म-ए-हानी 6 रन बनाकर चलती बनीं. इसके बाद देखते ही देखते पाकिस्तान की पूरी टीम सिर्फ 56 रनों पर सिमट गई.
Innings Break!
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An outstanding bowling performance from #TeamIndia! ???? ????
3️⃣ wickets each for Sree Charani & Prema Rawat
2️⃣ wickets for Deepti Sharma
1️⃣ wicket for Shafali Verma
Stay tuned for India's chase! ⌛️
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ऐसी है भारत और पाकिस्तान महिला टीम की प्लेइंग 11:
भारतीय महिला टीम की प्लेइंग 11: स्मृति मंधाना, शैफाली वर्मा, प्रतिका रावल, हरमनप्रीत कौर, भारती फुलमाली, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, प्रेमा रावत, श्री चरणी, क्रांति गौड़, नंदनी शर्मा.
पाकिस्तानी महिला टीम की प्लेइंग 11: मुनीबा अली (विकेटकीपर), शावाल जुल्फिकार, गुल फिरोजा, आयशा जफर, सदफ शमास, फातिमा सना (कप्तान), एमान फातिमा, तुबा हसन, नशरा संधू, सादिया इकबाल, उम्म-ए-हानी.
SIR ने वर्षों से बिछड़े जींद के 2 सगे भाइयों को मिलवाया, स्कूल के प्रमाण पत्र लेने पहुंचे सीताराम हुए भावुक
हरियाणा के जीन्द में SIR ने 35 साल से बिछड़े जीन्द के 2 सगे भाइयों को मिलवाने का काम किया है. इनमें से एक भाई जींद रहता था. दूसरा अपने वोट के सिलसिले में जब पंजाब में रहने वाला भाई जीन्द आया तो 35 साल से बिछड़े अपने भाई से मिलने का सौभाग्य मिला. बीते 35 साल से पंजाब में रह रहे सीताराम को SIR के सत्यापन के लिए अपने स्कूल के प्रमाण पत्र की जरूरत थी. इस सिलसिले में सीताराम जोकि दिव्यांग है पंजाब से जींद अपने पुराने स्कूल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मनोहरपुर पहुंचे तो यहां स्कूल के स्टाफ ने वेरिफिकेशन के लिए गांव में फोन किया. इस दौरान सूचना गांव में रह रहे उसके सगे भाई कृष्ण तक पहुंची तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं था क्योंकि 35 साल बिछड़ा उसका भाई जिसका आज तक अता पता नही था स्कूल में आया हुआ था उसने तुरंत बीएलओ को फोन किया और सीताराम की पहचान करते हुए कहा कि हां यह मेरा ही भाई है. मैं इसे पिछले 35 साल से ढूंढ रहा हूं.
यह पल बेहद भावुक और यादगार बन गया
भाई की पहचान होते ही वह तत्काल विद्यालय पहुंच गए. जैसे ही दोनों भाइयों ने एक-दूसरे को देखा, वे भावुक होकर गले मिल गए और दोनों की आंखों से आंसू छलक पड़े. 35 साल का बिछोह आखों के आंसू नहीं रोक पा रहा था. विद्यालय परिसर में मौजूद लोगों के लिए भी यह पल बेहद भावुक और यादगार बन गया. बताया गया कि सीताराम छह भाइयों में पांचवें नंबर पर हैं. वह बीते लंबे समय से पंजाब में रह रहे थे और वहीं सरकारी नौकरी करते थे. इससे पहले उन्होंने एक निजी स्कूल में चपरासी के रूप में भी काम किया था.
बेहद यादगार अनुभव बताया
मौके पर मौजूद एडिशनल एईआरओ डॉ.रमेश कुमार ने इस घटना को अपने लिए बेहद यादगार अनुभव बताया. उन्होंने कहा कि यह महज एक प्रशासनिक सत्यापन प्रक्रिया नहीं रही बल्कि इसने वर्षों से बिछड़े दो भाइयों को फिर से मिला दिया. एडिशनल एईआरओ डॉ. रमेश कुमार ने कहा, यह घटना इस बात की मिसाल बन गई कि कभी-कभी एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया भी किसी परिवार के लिए जिंदगी का सबसे भावुक और यादगार पल लेकर आती है. एसआईआर सत्यापन के दौरान बीएलओ की सजगता से 35 साल से बिछड़े भाइयों का मिलन संभव हुआ.
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