मलबे के नीचे 11 दिन तक सांसें साधे रहीं दो जिंदगियां, नेपाल के महाप्रलय में दिखा एक और कुदरत का चमत्कार
Nepal Flood Rescue: प्रकृति के कहर और बेबस इंसानों की जंग में कभी-कभी ऐसे पल भी आते हैं जो हर किसी की आंखें नम कर देते हैं. नेपाल में आई भयानक बाढ़ के ग्यारहवें दिन कुछ ऐसा ही अनोखा मंजर देखने को मिला, जब चारों तरफ बिछी तबाही के बीच दो जिंदगियां मौत को चकमा देकर बाहर आ गईं. शनिवार को जब उम्मीदें पूरी तरह दम तोड़ रही थीं, तब बचाव टीमों के कड़े संघर्ष ने साबित कर दिया कि हौसले के आगे सबसे बड़ी मुश्किल भी घुटने टेक देती है. इस त्रासदी में अब तक बड़ी संख्या में लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन इन दो जिंदगियों के मिलने से राहत कर्मियों का जोश फिर से दोगुना हो गया है.
सुरंग में घुटती सांसों के बीच ऐसे मिला नया जीवन
बचाव कार्य के दौरान पहला बड़ा चमत्कार अपर त्रिशूली जलविद्युत परियोजना के पास हुआ. यहां के ऑडिट चार नंबर सुरंग में पानी और भारी गाद घुसने के बाद माना जा रहा था कि अंदर किसी का बचना मुमकिन नहीं होगा. इसके बावजूद नेपाल सेना और दक्षिण कोरिया से आई आपदा प्रबंधन की टीम ने उम्मीद का दामन नहीं छोड़ा. राहत कर्मियों ने जान जोखिम में डालकर उस अंधेरी और दलदल से भरी सुरंग में कदम रखा. कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने वहां फंसे एक चीनी नागरिक को जिंदा ढूंढ निकाला. उसे सुरक्षित बाहर निकालना किसी बेहद जटिल मिशन से कम नहीं था, क्योंकि वहां कभी भी और मलबा गिर सकता था.
चार मंजिला ढहे मकान से बुजुर्ग महिला की सुरक्षित वापसी
दूसरी जांबाजी की कहानी नुवाकोट के विदुर इलाके से सामने आई, जहां बेत्रावती में आई बाढ़ ने चार मंजिला पक्के मकान को ताश के पत्तों की तरह ढहा दिया था. इस विशाल मलबे के नीचे चौंसठ साल की चंडिका श्रेष्ठ फंसी हुई थीं. ग्यारह दिनों तक बिना भोजन और पानी के उस घुटन भरे मलबे में दबे रहना किसी खौफनाक सपने जैसा था. सब इंस्पेक्टर सुमन कुमार के नेतृत्व में नौ सदस्यीय जांबाज टीम ने पत्थरों और कंक्रीट को बेहद सावधानी से काटना शुरू किया ताकि महिला को चोट न पहुंचे. जब कई घंटों के प्रयास के बाद महिला को बाहर निकाला गया, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें भर आईं और बचाव दल की मेहनत रंग लाई.
नेपाल में 11 दिनों बाद भी मलवे के अंदर महिला को ज़िंदा देखकर सनसनी फ़ैल गई… आज आर्मी की टीम के द्वारा एक सफल रैस्क्यू कर दिया गया…
— Indu (@induXwin) September 5, 2026
उनके घर के लोगों की खोजबीन जारी है… फ़िलहाल महिला को एक अस्पताल में इलाज के लिए भेज दिया गया है… आख़िर इतने दिनों की हिम्मत और कीचड़ जैसे मलवे… pic.twitter.com/MFhU7YRyzh
पनबिजली संयंत्रों पर सबसे ज्यादा मार और लापता लोगों का दर्द
नेपाल की नदियों पर बने बांध और ऊर्जा संयंत्र इस प्रलय की सीधी चपेट में आए हैं. बाढ़ के पानी ने ग्यारह प्रमुख जलविद्युत परियोजनाओं को पूरी तरह से तहस नहस कर दिया है. सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन बिजली संयंत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों और मजदूरों समेत नौ सौ से अधिक लोग अब भी लापता हैं. नदी के किनारे बसे कई कार्यालय और मशीनरी कक्ष पूरी तरह से गाद में दबे पड़े हैं. लगातार खराब होते मौसम और पहाड़ों से गिरते पत्थरों के बावजूद राहत कर्मी इन लापता लोगों की तलाश में दिन रात जुटे हुए हैं.
त्रासदी का बढ़ता दायरा और दिल दहला देने वाले हालात
नेपाल में अचानक आई इस जल प्रलय ने जानमाल का ऐसा नुकसान किया है जिसकी भरपाई शायद कभी न हो सके. देश के अलग अलग इलाकों से और शव मिलने के बाद मरने वालों का आंकड़ा एक हजार तीन सौ से भी ऊपर पहुंच चुका है. हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें सैकड़ों विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. सेना और पुलिस ने अब तक तेरह हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है. अस्पतालों और राहत शिविरों में हालात बेहद भावुक हैं, जहां कई शवों की शिनाख्त करना भी मुश्किल हो रहा है क्योंकि पानी के बहाव और भारी पत्थरों के दबाव ने इंसानी शरीरों को बुरी तरह क्षत विक्षत कर दिया है.
पहाड़ों पर कुदरती हलचल ने मचाई भारी तबाही
यह समूची तबाही नेपाल और तिब्बत सीमा के पास हुए एक बड़े हिमस्खलन के बाद शुरू हुई थी. विशाल ग्लेशियर के टूटने से भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बेकाबू हो गया और इसने रास्ते में आने वाली हर चीज को लील लिया. कंक्रीट के बड़े पुल, पक्की सड़कें और सैकड़ों वाहन तिनके की तरह बह गए. सीमा के उस पार तिब्बत में भी भारी नुकसान हुआ है और वहां भी कई लोग लापता हैं. नेपाल में सबसे बुरा असर चितवन में देखा गया, जहां से सबसे ज्यादा शव निकाले गए हैं. इसके अलावा रसुवा, धादिंग और गोरखा जैसे पहाड़ी जिलों में नदियां अब भी शांत होने का नाम नहीं ले रही हैं. राहत दल हर उस कोने तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं जहां जिंदगी की हल्की सी भी उम्मीद बाकी है.
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IND W vs PAK W: पाकिस्तान ने फिर किया भारत के सामने सरेंडर, सिर्फ 55 रनों पर हुआ ऑलआउट, श्री चरणी-प्रेमा की घातक गेंदबाजी
IND W vs PAK W: महिला एशिया कप 2026 का 9वां मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है. इस मैच में टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी पाकिस्तानी टीम ने भारतीय गेंदबाजों के सामने पूरी तरह सरेंडर कर दिया. भारतीय गेंदबाजों ने पाकिस्तान को 18.1 ओवरों में सिर्फ 55 रनों पर समेट दिया है. यह पाकिस्तान की महिला टीम का टी20 इंटरनेशनल इतिहास का सबसे छोटा स्कोर है. पाकिस्तान की तरफ से केवल दोनों ओपनर, मुनीबा अली और शावाल जुल्फिकार ही दहाई का आंकड़ा छू सकीं. वहीं, भारत की ओर से श्री चरणी और प्रेमा रावत ने घातक गेंदबाजी करते हुए 3-3 विकेट चटकाए, जबकि दीप्ति शर्मा ने 2 विकेट लिए. वहीं शैफाली वर्मा को 1 सफलता मिली.
पाकिस्तान की शुरुआत रही बेहद खराब, 29 रन पर गंवा दिए थे 3 विकेट
भारत के खिलाफ इस मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने पाकिस्तानी महिला टीम की शुरुआत बेहद खराब हुई है. पाकिस्तान को पहला झटका पांचवे ओवर में शैफाली वर्मा ने दिया. उन्होंने पाकिस्तानी ओपनर मुनीबा अली को चलता किया. मुनीबा अली 15 गेंद पर 13 रन बनाकर पवेलियन लौंटी. इसके बाद 6वें ओवर में श्री चरणी ने पाकिस्तान को 2 बड़े झटके दिए. इस ओवर की दूसरी गेंद पर श्री चरणी ने गुल फिरोजा को अपना शिकार बनाया. वो खाता भी नहीं खोल सकीं. फिर इस ओवर की आखिरी गेंद पर श्री चरणी ने ओपनर शावाल जुल्फिकार को अपना पवेलियन का रास्ता दिखाया. शावाल जुल्फिकार 14 गेंद पर 14 रन बनाईं.
#TeamIndia spinners on a roll with the ball ????
— BCCI Women (@BCCIWomen) September 5, 2026
Shafali Verma ???? Sree Charani ???? Prema Rawat ???? Deepti Sharma
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श्री चरणी के सामने पाकिस्तानी बल्लेबाजों का रहा बुरा हाल
इसके बाद भी पाकिस्तानी टीम के विकेट गिरने का सिलसिला थमा नहीं. भारतीय गेंदबाजों ने ऐसा दबाव बनाया कि पाकिस्तान की टीम पूरी तरह सरेंडर करने पर मजबूर हो गई. सिर्फ 35 रन के स्कोर तक पहुंचते-पहुंचते पाकिस्तान ने अपने 6 विकेट खो दिए थे. टीम को चौथा झटका 8वें ओवर में आयशा जफर के रूप में लगा, जिन्हें श्री चरणी ने केवल 2 रन के निजी स्कोर पर पवेलियन भेज दिया.
प्रेमा रावत ने भी की घातक गेंदबाजी
इसके बाद 9वें ओवर में प्रेमा रावत ने कमाल किया और सदफ शमास को 3 रन पर आउट करके पाकिस्तान को पांचवां झटका दिया. अभी पाकिस्तानी टीम संभल भी नहीं पाई थी कि 10वें ओवर की पहली ही गेंद पर दीप्ति शर्मा ने पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना को आउट कर दिया। पाकिस्तानी कप्तान अपना खाता भी नहीं खोल सकीं.
इसके बाद एमान फातिमा 10 गेंद पर 5 रन बनाकर रनआउट हो गईं. फिर अगले यानी 15वें ओवर में प्रेमा रावत ने उम्म-ए-हानी को अपना शिकार बनाया. उम्म-ए-हानी 6 रन बनाकर चलती बनीं. इसके बाद देखते ही देखते पाकिस्तान की पूरी टीम सिर्फ 56 रनों पर सिमट गई.
Innings Break!
— BCCI Women (@BCCIWomen) September 5, 2026
An outstanding bowling performance from #TeamIndia! ???? ????
3️⃣ wickets each for Sree Charani & Prema Rawat
2️⃣ wickets for Deepti Sharma
1️⃣ wicket for Shafali Verma
Stay tuned for India's chase! ⌛️
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ऐसी है भारत और पाकिस्तान महिला टीम की प्लेइंग 11:
भारतीय महिला टीम की प्लेइंग 11: स्मृति मंधाना, शैफाली वर्मा, प्रतिका रावल, हरमनप्रीत कौर, भारती फुलमाली, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, प्रेमा रावत, श्री चरणी, क्रांति गौड़, नंदनी शर्मा.
पाकिस्तानी महिला टीम की प्लेइंग 11: मुनीबा अली (विकेटकीपर), शावाल जुल्फिकार, गुल फिरोजा, आयशा जफर, सदफ शमास, फातिमा सना (कप्तान), एमान फातिमा, तुबा हसन, नशरा संधू, सादिया इकबाल, उम्म-ए-हानी.
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