नशे के खिलाफ रतलाम पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कार से बरामद हुई 10 लाख की MD ड्रग्स, 5 आरोपी गिरफ्तार
रतलाम: मध्यप्रदेश में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस का एक्शन लगातार जारी है। अलग-अलग जिलों में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए पुलिस नशा तस्करों पर शिकंजा कस रही है और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज रही है। ताजा मामला राज्य के रतलाम जिले से सामने आया है। जहां पुलिस ने एमडी ड्रग्स की तस्करी के मामले में 5 युवकों को गिरफ्तार किया है।
बता दें कि रिंगनोद थाना चौकी ढोढर पुलिस ने महू-नीमच फोरलेन पर सर्किट हाउस के सामने एक कार की तलाशी के दौरान 100 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की। जिसकी कीमत करीब 10 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने कार में सवार पांच युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपी इंदौर, खरगोन और बड़वानी जिले के रहने वाले हैं।
कार से बरामद हुई एमडी ड्रग्स, 5 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, एसपी अमित कुमार के निर्देशन में जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और परिवहन के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग कार क्रमांक MP-09-AX-7430 में एमडी ड्रग्स लेकर जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम तत्काल ही सक्रिय हो गई और ढोढर में महू-नीमच फोरलेन रोड पर सर्किट हाउस के सामने घेराबंदी की।
इस दौरान पुलिस की टीम ने एक संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कार से 100 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुआ। पुलिस ने एमडी ड्रग्स और कार जब्त कर उसमें सवार पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने इन आरोपियों को किया गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में फारूख मेवाती (33 वर्ष) खरगोन, अरबाज पठान (26 वर्ष) इंदौर, साहिल शेख (25 वर्ष) इंदौर, इमरान मंसूरी (24 वर्ष) बड़वानी, और शाहरूख मंसूरी (32 वर्ष) बड़वानी शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ किया मामला दर्ज
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों से ड्रग्स के स्रोत, सप्लायर, संभावित खरीदार और पूरे सप्लाई नेटवर्क के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
इन 5 नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों पर गिरी गाज, नियम तोड़ने पर RBI ने लगाया लाखों का जुर्माना, देखें लिस्ट
सितंबर में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की बड़ी कारवाई सामने आई है। 5 नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाया गया है। मार्च 2025 में RBI द्वारा किए गए एक निरीक्षण के दौरान नियमों के अनुपालन में खामियों का पता चला था। जिसके बाद सेंट्रल बैंक ने नोटिस जारी करके स्पष्टीकरण मांगा था। इसपर मिली प्रतिक्रिया और मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद जब आरोप सही साबित हो गए, तब पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया।
इस सूची में ट्रांसयूनियन सिविल लिमिटेड, हिंदुजा लेलैंड फाइनेंस लिमिटेड, इक्विफैक्स क्रेडिट इंफॉर्मेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, सम्मान फिनसर्व लिमिटेड और CRIF हाई मार्क क्रेडिट इंफॉर्मेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड शामिल है। आरबीआई ने कार्रवाई की जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है।
हिंदुजा लेलैंड फाइनेंस लिमिटेड
इस कंपनी पर 6.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। कंपनी माइक्रोफाइनेंस लोन की कीमत तय करने के लिए बोर्ड से मंजूर पॉलिसी लागू नहीं कर पाई। न ही सिंटीकेट सिक्योरिटाइजेशन जैसी गतिविधियां नहीं की।
इक्विफैक्स क्रेडिट इंफॉर्मेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड
इक्विफैक्स क्रेडिट इंफॉर्मेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पर 11,94,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। “क्रेडिट जानकारी को अपडेट/सही करने में देरी के लिए ग्राहकों को मुआवजा देने के फ्रेमवर्क” पर जारी निर्देशों के अनुपालन में खामियों को देखते हुए उठाया गया है। कंपनी तय सीमा के भीतर कुछ पात्र शिकायतकर्ता के बैंक खातों में मुआवजे की राशि जमा नहीं कर पाई।
सम्मान फिनसर्व लिमिटेड
इस कंपनी पर 4.20 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस कंपनी ने “तनाव जल्द पहचान और बड़े क्रेडिट पर जानकारी के केंद्रीय भंडार रिपोर्टिंग (CRILC)” पर जारी निर्देशों का सही से अनुपालन नहीं किया। अपने उधारकर्ताओं की क्रेडिट जानकारी सेंट्रल रिपॉजिटरी ऑफ क्रेडिट” को रिपोर्ट नहीं कर पाई।
CRIF हाई मार्क क्रेडिट इंफॉर्मेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड
कंपनी पर 6 लाख 89 हजार 600 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। आरबीआई द्वारा जारी क्रेडिट जानकारी को देर से अपडेट या ठीक करने के लिए ग्राहकों को मुआवजा देने की फ्रेमवर्क” पर जारी निर्देशों का सही से अनुपालन नहीं किया करता। पात्र ग्राहकों के बैंक खातों में मुआवजे की रकम जमा नहीं कर पाई।
ट्रांस यूनियन सिविल लिमिटेड
इस कंपनी पर पर 26 लाख 82 हजार 800 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। कंपनी पात्र ग्राहकों के खाते में निर्धारित समय सीमा के भीतर मुआवजे की राशि जमा नहीं कर पाई।
आरबीआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनसे जुड़े ग्राहकों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सभी लेनदेन और एग्रीमेंट पहले की तरह ही जारी रहेंगे। अन्य सेवाओं का लाभ भी मिलता रहेगा।
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