पाकिस्तान के खिलाफ उतरते ही हरमनप्रीत कौर ने रचा इतिहास, महिला-पुरुष क्रिकेट में यह कारनामा करने वाली बनीं पहली खिलाड़ी
IND W vs PAK W: भारत और पाकिस्तान के बीच आज महिला एशिया कप 2026 का 9वां हाई-वोल्टेज मुकाबला दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है. पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है, यानी टीम इंडिया पहले गेंदबाजी करेगी. वहीं इस मैच में उतरते ही भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने इतिहास रच दिया है. उन्होंने वर्ल्ड क्रिकेट में वह कारनामा कर दिखाया है जो पुरुष और महिला दोनों टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में आज तक कोई नहीं कर सका.
150 टी20I मैचों में कप्तानी करने वाली पहली खिलाड़ी बनीं हरमनप्रीत
पाकिस्तान के खिलाफ महिला एशिया कप 2026 के मुकाबले में उतरते ही हरमनप्रीत कौर ने एक बड़ा कीर्तिमान बना दिया है. टी20 इंटरनेशनल में बतौर कप्तान हरमनप्रीत कौर का यह 150वां मैच है. इससे पहले दुनिया के किसी भी महिला या पुरुष क्रिकेटर ने टी20 इंटरनेशनल में यह कारनामा नहीं किया था. भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर को साल 2012 में टीम इंडिया का टी20 कप्तान बनाया गया था. इसके बाद से वह लगातार टीम इंडिया का नेतृत्व कर रही हैं और उसे आगे बढ़ा रही हैं.
हरमनप्रीत कौर अब बतौर कप्तान अपना 150वां टी20 इंटरनेशनल मैच खेलने उतरी हैं. हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में टीम इंडिया ने अब तक खेले 149 टी20 इंटरनेशनल मैचों में से 87 में जीत दर्ज की है. जबकि 57 मैचों में हार का सामना किया है. वहीं 5 मैच रद्द हुए हैं.
???? ???????????????????????????????????? ????????????????????????, ???????????????????????????????????????? ???????????????????????? ????
— BCCI Women (@BCCIWomen) September 5, 2026
Harmanpreet Kaur becomes the first cricketer to captain a side in 1️⃣5️⃣0️⃣ T20Is. ???? ????
Updates ▶️ https://t.co/1WHHWPMe2o#TeamIndia | #WomensAsiaCup | @ImHarmanpreet pic.twitter.com/WrdFlp7kcH
महिला टी20 इंटरनेशनल मैचों में सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी करने वाली खिलाड़ी
हरमनप्रीत कौर (भारत) - 150 मैच
चमारी अटापट्टू (श्रीलंका) - 121 मैच
मैरी बिमेन्यिमाना (रवांडा) - 101 मैच
मैग लेनिंग (ऑस्ट्रेलिया) - 100 मैच
नारुएमोल चाईवाई (थाईलैंड) - 98 मैच
कप्तानी से हरमनप्रीत कौर की बल्लेबाजी पर नहीं पड़ा कोई असर
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने न सिर्फ अपनी कप्तानी में टीम इंडिया को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है, बल्कि एक बल्लेबाज के तौर पर भी लगातार अपनी श्रेष्ठता साबित की है. कप्तानी की बड़ी जिम्मेदारी मिलने के बाद भी उन्होंने इसके दबाव का असर कभी अपने निजी प्रदर्शन पर पड़ने नहीं दिया. उनके आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि कप्तानी का जिम्मा संभालने के बाद उनका बल्ला और भी ज्यादा गरजा है.
बतौर कप्तान T20I में शानदार है हरमनप्रीत कौर का बल्लेबाजी रिकॉर्ड
हरमनप्रीत कौर ने बतौर कप्तान खेले 149 टी20 इंटरनेशनल मैचों की 136 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 32.68 की शानदार औसत से 3301 रन बनाए हैं. इस दौरान उनके बल्ले से 1 शानदार शतकीय और 16 अर्धशतकीय पारियां देखने को मिली हैं. यह आंकड़ा बताया है कि इस दौरान उनका आत्मविश्वास कितना ज्यादा रहा है.
कप्तानी के इस लंबे सफर में उनकी निरंतरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इतने मैचों में वह सिर्फ 4 पारियों में ही बिना खाता खोले पवेलियन लौटी हैं. यह रिकॉर्ड गवाही देता है कि हरमनप्रीत कौर दबाव की परिस्थितियों में टीम को आगे से लीड करने की झमता रखती हैं.
नागरिकों की खुफिया जानकारी ने पंजाब के नशा विरोधी अभियान को ‘अतिरिक्त मज़बूती’ दी: DGP गौरव यादव
पंजाब में नशे के खिलाफ लड़ाई में नागरिकों की भागीदारी एक अहम ताकत के रूप में उभरकर सामने आई है. नागरिकों से मिली 51,979 गुप्त सूचनाओं की मदद से पंजाब की भगवंत मान सरकार के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत नशा-विरोधी एनफोर्समेंट अभियान में अधिकारियों ने 25,339 गिरफ्तारियां की हैं. यह आंकड़े 1 मार्च 2025, जब ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान की शुरुआत की गई थी, से 03 सितंबर 2026 तक की अवधि के हैं.
गुप्त सूचनाओं के आधार पर हुई गिरफ्तारियां
ये गुप्त सूचनाएं सेफ पंजाब हेल्पलाइन (97791-00200) के जरिए मिलीं, इन सूचनाओं से एनफोर्समेंट एजेंसियों को संदिग्ध नशा तस्करी और इससे जुड़ी गतिविधियों के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारी मिली. यह तथ्य विशेष रूप से अहम है कि पंजाब में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटांसेज (NDPS) अधिनियम के तहत दर्ज कुल 59,293 एफआईआर में से 25,000 से अधिक गिरफ्तारियां नागरिकों से मिली गुप्त सूचनाओं के आधार पर हुई हैं.
इसके अलावा, नशे के कारोबार के बड़े खिलाड़ियों पर भी कार्रवाई की गई है. आंकड़ों के अनुसार, 2 किलोग्राम से अधिक हेरोइन के साथ 696 ‘बड़ी मछलियों’ को गिरफ्तार किया गया है. यह कार्रवाई केवल छोटे स्तर के नशा विक्रेताओं तक सीमित न रहकर बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क के खिलाफ भी कार्रवाई को दर्शाती है.
62 लाख टैबलेट और कैप्सूल भी बरामद
बरामदगी का आंकड़ा भी अभियान के व्यापक स्तर को दर्शाता है. एनफोर्समेंट एजेंसियों ने 3,757 किलोग्राम हेरोइन, 964 किलोग्राम अफीम, 45 टन पोस्त की भूसी, 1,288 किलोग्राम गांजा और 71 किलोग्राम मेथामफेटामाइन, जिसे आमतौर पर ‘आइस’ के नाम से जाना जाता है, बरामद किया है. इसके अलावा, एनडीपीएस अधिनियम के तहत 62 लाख टैबलेट और कैप्सूल भी बरामद किए गए हैं.
22 करोड़ रुपये की नशीली दवाओं की बिक्री
इस एनफोर्समेंट अभियान के दौरान 22 करोड़ रुपये की नशीली दवाओं की बिक्री से अर्जित धनराशि अथवा नशीले पदार्थों की अवैध खरीद, बिक्री, वितरण या तस्करी के लिए रखी गई. धनराशि भी जब्त की गई है. इसके अलावा, नशीले पदार्थों की वाणिज्यिक मात्रा से जुड़े 2,675 मामले दर्ज किए गए हैं. पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा, “गुप्त सूचनाओं ने एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स को अतिरिक्त मजबूती दी है और हमें पूरा विश्वास है कि आने वाले दिनों में नागरिकों की ओर से गुप्त सूचनाएँ देने और उनके परिणामस्वरूप होने वाली गिरफ्तारियों में और अधिक भागीदारी देखने को मिलेगी.”
खुफिया जानकारी का उपयोग
एडीजीपी एएनटीएफ पंजाब नीलाभ किशोर ने कहा, “ये आंकड़े दर्शाते हैं कि नशा विरोधी अभियान में कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ नागरिकों से प्राप्त खुफिया जानकारी का उपयोग भी लगातार बढ़ रहा है. हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त 51,979 गुप्त सूचनाएं इस बात का संकेत हैं कि आम नागरिक सक्रिय रूप से कार्रवाई के तंत्र तक महत्त्वपूर्ण जानकारी पहुंचा रहे हैं.”
राज्य सरकार ने नशे की लत से जूझ रहे लोगों को पुलिस के हस्तक्षेप के माध्यम से उपचार व्यवस्था से जोड़ने के लिए भी प्रयास तेज़ किए हैं. आंकड़ों के अनुसार, पुलिस द्वारा नशे की लत से जूझ रहे 42,498 लोगों को नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती करवाया गया, जबकि 1,55,970 अन्य लोगों को पुलिस द्वारा आउटपेशेंट ओपिओइड असिस्टेड ट्रीटमेंट (OOAT) क्लीनिकों तक पहुँचाया गया.
कानूनी संरक्षण प्रदान करता है
इसके अलावा, एनडीपीएस अधिनियम की धारा 64A के तहत 11,239 व्यक्तियों को प्रतिरक्षा प्रदान की गई है. यह प्रावधान निर्धारित परिस्थितियों में उन नशीले पदार्थों पर निर्भर व्यक्तियों को कानूनी संरक्षण प्रदान करता है, जो स्वेच्छा से उपचार करवाते हैं. नवीनतम आंकड़े इस प्रकार नशे के ख़िलाफ़ अभियान के दोहरे दृष्टिकोण को दर्शाते हैं—एक ओर नशीले पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई और दूसरी ओर नशे के कारोबार में शामिल लोगों तथा नेटवर्क की पहचान के लिए नागरिकों एवं कानून लागू करने वाले अधिकारियों की बढ़ती भागीदारी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation





