यूक्रेन पर 72 घंटे तक हमले रोकने का आदेश, पुतिन ने अचानक लिया फैसला; क्या है मकसद
रूसी राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने बताया कि कीव पर हमले शनिवार आधी रात से तीन दिनों तक रोके जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह रोक अमेरिकी प्रतिनिधियों के यूक्रेन यात्रा को ध्यान में रखते हुए की गई है।
घर में टूटा शीशा रखना शुभ है या अशुभ? जानें धार्मिक मान्यता और वास्तु से जुड़ी बातें
Ghar mein sheesha rakhne ke niyam: भारतीय घरों में शीशे का इस्तेमाल रोजमर्रा की जिंदगी में होता है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं और लोकविश्वासों में इसे केवल उपयोग की वस्तु नहीं माना गया है। कई परंपराओं में शीशे को ऊर्जा और प्रतिबिंब से जोड़कर देखा जाता है। यही कारण है कि घर में टूटे हुए शीशे को रखने को लेकर भी कई मान्यताएं प्रचलित हैं।
टूटा हुआ शीशा रखना क्यों माना जाता है अशुभ?
लोकमान्यताओं और कुछ वास्तु परंपराओं के अनुसार, टूटे या चटके हुए शीशे को घर में रखना शुभ नहीं माना जाता। ऐसी मान्यता है कि इससे घर की सकारात्मकता प्रभावित हो सकती है।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये बातें धार्मिक विश्वासों और पारंपरिक धारणाओं पर आधारित हैं। इन्हें वैज्ञानिक तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
धार्मिक परंपराओं में शीशे का महत्व
कई धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में शीशे को सुंदरता, आत्मचिंतन और प्रतिबिंब का प्रतीक माना जाता है। कुछ पूजा और पारंपरिक अनुष्ठानों में भी शीशे का उपयोग देखने को मिलता है।
इसी वजह से टूटे हुए शीशे को लेकर लोगों के बीच अलग-अलग मान्यताएं विकसित हुईं। कई परिवार इसे घर में रखने से बचते हैं और शीशा टूटने पर उसे जल्द बदल देते हैं।
वास्तु मान्यताओं में टूटे शीशे को लेकर क्या कहा जाता है?
कुछ वास्तु मान्यताओं में टूटे हुए शीशे को नकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि घर में साफ और सही स्थिति में मौजूद वस्तुएं व्यवस्था और सकारात्मकता का प्रतीक होती हैं।
हालांकि, वास्तु से जुड़े नियम अलग-अलग परंपराओं और विशेषज्ञों के अनुसार भिन्न हो सकते हैं। इसलिए इन्हें व्यक्तिगत आस्था और विश्वास के आधार पर देखा जा सकता है।
टूटा हुआ शीशा घर में हो तो क्या करना चाहिए?
व्यावहारिक रूप से देखा जाए तो टूटा हुआ शीशा चोट लगने का कारण बन सकता है। इसलिए इसे सुरक्षित तरीके से हटाना और उसकी जगह नया शीशा लगाना बेहतर होता है।
धार्मिक मान्यता रखने वाले लोग टूटे शीशे को लंबे समय तक घर में न रखने की परंपरा का पालन करते हैं।
शीशे की दिशा को लेकर भी हैं मान्यताएं
वास्तु परंपराओं में घर में शीशा लगाने की दिशा को लेकर भी अलग-अलग धारणाएं प्रचलित हैं। कुछ लोग इसे उत्तर या पूर्व दिशा से जोड़ते हैं, जबकि घर की बनावट और उपयोग के अनुसार इसकी स्थिति तय की जाती है।
हालांकि, शीशा कहां और किस दिशा में लगाया जाए, इसे लेकर अलग-अलग वास्तु विशेषज्ञों और परंपराओं की राय अलग हो सकती है।
आज भी लोग मानते हैं ये परंपराएं
भले ही आधुनिक जीवनशैली में कई बदलाव आ गए हों, लेकिन टूटे शीशे को घर में रखने से जुड़ी मान्यताएं आज भी कई परिवारों में प्रचलित हैं। कुछ लोग इसे धार्मिक विश्वास के रूप में देखते हैं, जबकि कुछ लोग इसे केवल सुरक्षा और घर की साफ-सफाई से जुड़ी अच्छी आदत मानते हैं।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, लोकविश्वासों और वास्तु संबंधी परंपराओं पर आधारित है। इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण होने का दावा नहीं किया गया है। इसे केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Hindustan
Haribhoomi







