घर में अचानक चींटियों की फौज क्यों निकल आती है? इन 6 जगहों पर छिपा हो सकता है पूरा ठिकाना
घर में अचानक चींटियां बढ़ गई हैं? किचन, सिंक और गमलों से लेकर छोटी दरारों तक, इन जगहों पर छिपा हो सकता है चींटियों का ठिकाना. जानें किन जगहों को तुरंत चेक करें और चींटियों से बचने के आसान तरीके.
खेती की आड़ में साइबर ठगी! भाई बनकर युवती को फंसाया, खाते से उड़ाए लाखों रुपये!
फरीदाबाद पुलिस ने साइबर अपराधों पर नकेल कसते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है. सेक्टर-56 इलाके में रहने वाली एक युवती से लगभग एक लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में एनआईटी (NIT) साइबर थाना पुलिस ने राजस्थान के अलवर निवासी दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपियों की पहचान 26 वर्षीय अजय और 31 वर्षीय अमरजीत के रूप में हुई है. पुलिस टीम ने इन दोनों को चार सितंबर को फिरोजपुर झिरका और अलवर से धर दबोचा.
भाई बनकर फोन पर ऐसे बिछाया ठगी का जाल
इस पूरी धोखाधड़ी की शुरुआत 25 जुलाई 2026 को हुई थी। सेक्टर-56 के रहने वाले एक व्यक्ति ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में बताया कि उनका मोबाइल फोन अक्सर घर पर ही रहता है. घटना वाले दिन उनके नंबर पर एक अज्ञात कॉल आई, जिसे उनकी बेटी ने उठाया. फोन करने वाले जालसाज ने खुद को युवती का भाई बताया और किसी काम का बहाना बनाकर पांच हजार रुपये भेजने की गुजारिश की.
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इसके बाद उस कथित भाई ने फोन पर पेमेंट के लिए एक क्यूआर स्कैनर भेजा. जैसे ही युवती ने उसे स्कैन किया, उसके खाते से बीस हजार रुपये कट गए. जब युवती ने पैसे ज्यादा कटने की बात कही, तो ठग ने पैसे न मिलने का बहाना बनाया. उसने तुरंत एक दूसरा स्कैनर भेजकर युवती को झांसे में लिया और और भी रकम अपने खाते में ट्रांसफर करवा ली. इस तरह अपनी मीठी बातों में उलझाकर आरोपी ने अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 99,948 रुपये ऐंठ लिए. ठगी का अहसास होने पर पीड़ित परिवार ने साइबर थाना एनआईटी में मामला दर्ज कराया.
खेती की आड़ में कर रहे थे साइबर अपराध
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गहराई से तकनीकी जांच शुरू कर दी. पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में यह बात खुलकर सामने आई कि अजय कुमार ही वह मुख्य कॉलर था जिसने युवती को भाई बनकर फोन किया था और उसे बातों में फंसाया था. वहीं, इस धोखाधड़ी में इस्तेमाल किया गया सिम कार्ड दूसरे आरोपी अमरजीत के नाम पर पंजीकृत था. पुलिस पूछताछ में यह भी पता चला है कि ये दोनों आरोपी मुख्य रूप से खेती-किसानी का काम करते हैं, लेकिन इसी आड़ में वे लोगों को फोन करके अपना शिकार बना रहे थे. पुलिस ने सभी कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.
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