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Odisha में पिछले दो साल में नहीं हुई किसी किसान की आत्महत्या: Mohan Charan Majhi
भुवनेश्वर, चार सितंबर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को दावा किया कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता में आने के बाद पिछले दो साल में किसान आत्महत्या की कोई घटना सामने नहीं आई है। माझी ने मुख्यमंत्री-किसान योजना के तहत करीब 41.35 लाख किसानों को वित्तीय सहायता की पांचवीं किस्त के रूप में 833 करोड़ रुपये से अधिक राशि वितरित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी पात्र लाभार्थियों (जिनमें अधिकतर छोटे, सीमांत, भूमिहीन किसान और कमजोर जनजातीय समूहों के लोग शामिल हैं) के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से दो-दो हजार रुपये की सहायता राशि भेजी गई।
उन्होंने कहा कि यह राशि किसानों को 2026-27 के रबी मौसम की फसल के लिए बीज, उर्वरक और कीटनाशक खरीदने में मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ओडिशा में पिछले दो साल में किसी किसान की आत्महत्या का मामला सामने नहीं आया है, क्योंकि कृषि परिवारों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) और सीएम-किसान योजनाओं के तहत सालाना 10,000 रुपये मिल रहे हैं। राज्य सरकार धान के लिए 3,100 रुपये प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) भी दे रही है, जिससे उनकी आर्थिक समस्याओं का समाधान हुआ है।
उन्होंने दावा किया कि इस अवधि में किसान परिवारों की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री-किसान और प्रधानमंत्री-किसान सहायता के अलावा किसान परिवार की महिला सदस्य को भी सुभद्रा योजना के तहत सालाना 10,000 रुपये की सहायता मिलती है। माझी ने कहा कि इन सभी योजनाओं से किसान परिवारों की आय बढ़ाने में मदद मिली है।
पिछली बीजू जनता दल (बीजद) सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि करीब ढाई दशक तक राज्य में किसानों की मासिक आय बेहद निराशाजनक रही। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में ओडिशा में एक किसान परिवार की मासिक आय केवल 5,112 रुपये थी, जो देश में झारखंड के बाद दूसरी सबसे कम थी। मुख्यमंत्री ने कहा, लेकिन ओडिशा में नयी सरकार के आने के बाद स्थिति बदल गई है।
सरकार का लक्ष्य किसान परिवारों की सालाना आय को कम से कम दोगुना करना है। उन्होंने बताया कि ओडिशा के करीब 92 प्रतिशत किसान छोटे और सीमांत श्रेणी के हैं। उन्होंने किसानों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और धान की खेती के अलावा दूसरी फसलें उगाकर अपनी आय बढ़ाने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, किसानों को मछली पालन, मशरूम की खेती और बकरी व मवेशी पालने का काम करना चाहिए। अलग-अलग योजनाओं में सब्सिडी की काफी सुविधाएं हैं और किसानों को इनका लाभ उठाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़, बेमौसम बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को सरकार पर्याप्त मुआवजा दे रही है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में मयूरभंज, क्योंझर, बालासोर, भद्रक, केंद्रपाड़ा और सुंदरगढ़ जिलों में भीषण बाढ़ से प्रभावित किसानों के लिए 1,000 करोड़ रुपये के विशेष सहायता पैकेज की घोषणा की गई है। माझी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा धान का मूल्य 3,100 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने के बाद बड़ी संख्या में किसान धान बेचने के लिए पंजीकरण करा रहे हैं।
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