West Bengal में रेलवे ट्रैक धंसने से ट्रेनें रद्द, यात्रियों के लिए चलीं अतिरिक्त Buses
कोलकाता, चार सितंबर पश्चिम बंगाल सरकार ने मुर्शिदाबाद जिले में फरक्का के पास रेलवे ट्रैक धंसने के कारण ट्रेन सेवाएं प्रभावित होने के बाद शुक्रवार को कई मार्गों पर अतिरिक्त बसें चलाने की व्यवस्था की। वहीं, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि फंसे हुए ट्रेन यात्रियों के लिए भोजन, पेयजल और जरूरत पड़ने पर मुफ्त में ठहरने की व्यवस्था की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि अधिकारी के निर्देश पर मालदा में फंसे ट्रेन यात्रियों को भोजन और पीने का पानी उपलब्ध कराया गया।
अधिकारी ने कहा, “मुर्शिदाबाद और मालदा में फंसी ट्रेनों के यात्रियों को भोजन के पैकेट और पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) को निर्देश दिए गए हैं। अगर स्थिति सामान्य नहीं होती है, तो उन्हें राज्य के खर्च पर यात्रियों के रहने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।” इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन सेवाएं बाधित होने के कारण कोलकाता, मालदा और सिलीगुड़ी के बीच यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए राज्य परिवहन विभाग ने आपातकालीन कदम उठाए हैं। परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने पत्रकारों से कहा कि यात्रियों की बढ़ती संख्या को संभालने के लिए कई प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त बस सेवाएं शुरू की गई हैं।
उन्होंने कहा, “शुक्रवार को कोलकाता-सिलीगुड़ी मार्ग पर 23 अतिरिक्त बसें चलाई जा रही हैं। इसके अलावा, एक मौजूदा नियमित बस सेवा को मालदा से सिलीगुड़ी तक बढ़ाया गया है।” दुर्गापुर-बालुरघाट और कोलकाता-बालुरघाट मार्गों पर दो-दो अतिरिक्त बसें लगाई गई हैं, जबकि मालदा और कोलकाता के बीच पांच बस सेवाएं जारी हैं। उत्तर बंगाल जाने वाले यात्रियों के लिए कोलकाता के न्यू एस्प्लेनेड बस टर्मिनस से सिलीगुड़ी एनजेपी बस टर्मिनस तक शाम की विशेष बस सेवाएं शुरू की गई हैं।
उत्तर बंगाल राज्य परिवहन निगम (एनबीएसटीसी) और दक्षिण बंगाल राज्य परिवहन निगम (एसबीएसटीसी) के प्रबंध निदेशकों को निर्देश दिया गया है कि यात्रियों की मांग और स्थिति के अनुसार जहां भी जरूरत हो, वहां अतिरिक्त बसों की व्यवस्था करें। संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को निजी बस संचालकों के साथ समन्वय करने और यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया है कि इस दौरान यात्रियों से अनुचित किराया न वसूला जाए। जरूरत पड़ने पर यात्रियों को लाने-ले जाने की क्षमता बढ़ाने के लिए आपातकालीन आधार पर निजी बसों की सेवाएं भी ली जा सकती हैं।
सिंह ने कहा, “ट्रेन सेवाओं में रुकावट के कारण यात्रियों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। हमने महत्वपूर्ण मार्गों पर तुरंत बस सेवाएं बढ़ा दी हैं और जहां भी जरूरत होगी, वहां और बसें चलाएंगे।” सिंह ने कहा, “हम यात्रियों की मांग और स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। एनबीएसटीसी और एसबीएसटीसी को जहां भी जरूरी हो, वहां अतिरिक्त सेवाओं की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।” पूर्वी रेलवे के हावड़ा-मालदा डिवीजन में शुक्रवार को भी ट्रेन सेवाएं प्रभावित रहीं।
एक अधिकारी ने बताया कि एक दिन पहले मुर्शिदाबाद जिले में तिलपारा और न्यू फरक्का के बीच रेलवे ट्रैक का एक हिस्सा मिट्टी के कटाव के कारण धंस गया था। बृहस्पतिवार रात करीब दो बजे ट्रैक का हिस्सा धंस गया था, जिससे दक्षिण बंगाल को राज्य के उत्तरी हिस्सों से जोड़ने वाली रेल सेवाएं प्रभावित हुईं। पूर्वी रेलवे के एक प्रवक्ता ने बताया कि 14 ट्रेन सेवाएं रद्द कर दी गईं।
वरिष्ठ रेलवे इंजीनियरों की मदद से कई सौ कर्मचारी ट्रैक को जल्द से जल्द ठीक करने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहे थे। इस रुकावट के कारण कोलकाता और उत्तर बंगाल के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी परेशानी हुई। सुरक्षा के मद्देनजर हावड़ा-गुवाहाटी सरायघाट एक्सप्रेस, सियालदह-बामनहाट उत्तरबंगा एक्सप्रेस, सियालदह-अलीपुरद्वार कंचनकन्या एक्सप्रेस, सियालदह-न्यू अलीपुरद्वार दार्जिलिंग मेल, सियालदह-न्यू अलीपुरद्वार पदातिक एक्सप्रेस और कोलकाता-राधिकापुर एक्सप्रेस समेत कई ट्रेन सेवाएं रद्द रहीं।
जिन ट्रेन सेवाओं को बहाल किया गया, उनमें हावड़ा-कामाख्या वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस और हावड़ा-डिब्रूगढ़ कामरूप एक्सप्रेस शामिल हैं।
Nepal Flash Flood Tragedy: नेपाल में Bhotekoshi-Trishuli नदी के किनारे मची है भयंकर तबाही!
नेपाल के विनाशकारी बाढ़ ने नदियों को बेलगाम किया. त्रिशुली और भोटेखो कोशी नदियों ने अपने ऊपर बने तमाम ब्रिज तहस-नहस कर डाले. त्रिशुली नदी की दूसरी तरफ कई 100 लोग फंस गए थे. ऐसे में 9 दिन बाद त्रिशूली नदी पर रोपवे तैयार किया गया. इसके जरिए फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है. फ्लैश फ्लड से कैलाश मानसरोवर यात्रा रूट पर मौजूद कई सड़क और ब्रिज भी तबाह हो गए. नवाकोट से चीन बॉर्डर तक मौजूद ज्यादातर ब्रिज अब सफर के लायक नहीं बचे हैं. त्रिशुली में जहां पहुंचना मुश्किल है, वहां ग्राउंड जीरो पर बड़ी मशक्कत के बाद न्यूज़ नेशन की टीम पहुंची.
फ्रेंडशिप ब्रिज को भी भारी नुकसान
नीचे हुंकार भरती हाहाकारी बाढ़ ऊपर थरथराता पुल. शुरुआत बिजली पुल अवरुद्धा नेपाल में 26 अगस्त अगस्त को आए फ्लैश फ्लड ने दर्जनों ब्रिज, पुल और बेली ब्रिज को निगल लिया. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 26 अगस्त के फ्लैश फ्लड में नेपाल में 19 ब्रिज या तो बह गए या क्षतिग्रस्त हो गए. सैलाब ने नेपाल चीन सीमा को जोड़ने वाले फ्रेंडशिप ब्रिज को भी भारी नुकसान पहुंचाया है.
पुलों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ
त्रिशुली नदी पर बने पुलों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है. नेपाल त्रासदी के 9 दिन गुजरने के बाद त्रिशुली नदी पर जिप लाइन तैयार कर ऑपरेशनल कर दी गई है. ब्रिज टूटने से सैकड़ों लोग नदी की दूसरी तरफ फंसकर रह गए थे. विदुर में नेपाली सेना ने करीब 250 मीटर अस्थाई केबल क्रॉसिंग जिप लाइन लगाई है. इसके सहारे बाढ़ प्रभावित लोग तेज बहाव वाली नदी को पार कर रहे हैं. इस रोपवे में एक पिंजरा बनाया गया है जिसमें दो से तीन लोग बैठकर एक बार में नदी पार करते हैं.
रोपवे तैयार किया गया
इस समय हम इंद्रानी घाट पे मौजूद हैं. जहां से एक तरफ से दूसरी तरफ लोगों को रोपवे के जरिए भेजा जा रहा है. क्योंकि सारे पुल खत्म हो चुके हैं. एक रोपवे तैयार किया गया है जिसमें तमाम जो लोग हैं उनको रोपवे के जरिए एक जगह से दूसरी जगह यानी कि अह जिस जगह पर हम मौजूद हैं यहां से दूसरी तरफ आप देखेंगे वो त्रिशुली की तरफ ये सामने आपको पहले हम दिखाएं कि ये त्रिशुली की जो नदी है यहां से भेजा जा रहा है.
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