North India में भारी बारिश से Delhi-NCR में भरा पानी, UP और Bihar में बाढ़ का संकट
नयी दिल्ली, चार सितंबर उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में शुक्रवार को भारी बारिश हुई और भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अगले कुछ दिनों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में दिल्ली और गुरुग्राम की कई सड़कों पर पानी भर गया, जिससे प्रमुख स्थानों पर यातायात जाम की स्थिति पैदा हो गई। दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास भारी जलभराव के कारण उड़ान सेवाएं प्रभावित हुईं और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
विमानन कंपनी इंडिगो ने यात्रियों के लिए परामर्श जारी करते हुए कहा कि दिल्ली में खराब मौसम के कारण घरेलू उड़ानों के संचालन पर असर पड़ा है। कंपनी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, हम मौसम पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और आपको सुरक्षित और आसानी से आपकी मंजिल तक पहुंचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। बारिश से कनॉट प्लेस और लुटियन दिल्ली के कुछ हिस्से भी प्रभावित हुए।
गुरुग्राम में भारी बारिश के बाद साइबर सिटी वाणिज्यिक हब, शंकर चौक और शीतला माता रोड पर भारी जलभराव हो गया। उत्तर प्रदेश में कम से कम एक तिहाई जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। राज्य में सुल्तानपुर में सबसे अधिक 16.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
इसके बाद गोरखपुर में 10.4 मिमी, अलीगढ़ में 9.4 मिमी और शाहजहांपुर में 8.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। स्थानीय मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश में और बारिश तथा गरज के साथ छींटे पड़ने का अनुमान जताया है। विभाग के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अधिक बारिश और गरज-चमक के साथ छीटें पड़ने का अनुमान है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश अपेक्षाकृत छिटपुट रह सकती है।
यह पूर्वानुमान राज्य में जारी बाढ़ की स्थिति के बीच आया है। राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, 26 जिलों में करीब 3.53 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। अधिकारियों के अनुसार, प्रमुख नदियां उफान पर हैं।
वाराणसी में गंगा नदी चेतावनी स्तर को पार कर चुकी है, जबकि बलिया में घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हिमाचल प्रदेश में बारिश के कारण 102 सड़कें बंद हो गईं। मौसम विभाग ने शनिवार के लिए राज्य के कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।
पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में मध्यम बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 31 डिग्री सेल्सियस रहा। हरियाणा में अंबाला, नारनौल, पंचकूला, करनाल और यमुनानगर में बारिश हुई।
वहीं, पंजाब में अमृतसर, पटियाला, फतेहगढ़ साहिब, पठानकोट, श्री आनंदपुर साहिब, फिरोजपुर, गुरदासपुर, होशियारपुर और रूपनगर में भारी बारिश दर्ज की गई। राजस्थान में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे में शुक्रवार सुबह तक सवाई माधोपुर के खंडार में सबसे अधिक 130 मिमी बारिश दर्ज की गई।
अलवर, भरतपुर, डीग, दौसा, धौलपुर, जयपुर, सीकर, भीलवाड़ा, अजमेर, करौली, टोंक, बारां, कोटा और झालावाड़ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार को पूर्वी तथा दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है। बिहार में लगातार बारिश के कारण पांच जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं।
नेपाल और पड़ोसी झारखंड में हुई लगातार बारिश के बाद कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, बागमती, पुनपुन और घाघरा नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में पानी भर गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की।
पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, भोजपुर, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा, सहरसा और कटिहार जिलों के निचले इलाकों में शुक्रवार को बाढ़ जैसी स्थिति देखी गई। जल संसाधन विभाग के अनुसार, लगभग सभी नदियों का जलस्तर बढ़ने का रुख बना हुआ है।
West Bengal में रेलवे ट्रैक धंसने से ट्रेनें रद्द, यात्रियों के लिए चलीं अतिरिक्त Buses
कोलकाता, चार सितंबर पश्चिम बंगाल सरकार ने मुर्शिदाबाद जिले में फरक्का के पास रेलवे ट्रैक धंसने के कारण ट्रेन सेवाएं प्रभावित होने के बाद शुक्रवार को कई मार्गों पर अतिरिक्त बसें चलाने की व्यवस्था की। वहीं, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि फंसे हुए ट्रेन यात्रियों के लिए भोजन, पेयजल और जरूरत पड़ने पर मुफ्त में ठहरने की व्यवस्था की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि अधिकारी के निर्देश पर मालदा में फंसे ट्रेन यात्रियों को भोजन और पीने का पानी उपलब्ध कराया गया।
अधिकारी ने कहा, “मुर्शिदाबाद और मालदा में फंसी ट्रेनों के यात्रियों को भोजन के पैकेट और पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) को निर्देश दिए गए हैं। अगर स्थिति सामान्य नहीं होती है, तो उन्हें राज्य के खर्च पर यात्रियों के रहने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।” इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन सेवाएं बाधित होने के कारण कोलकाता, मालदा और सिलीगुड़ी के बीच यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए राज्य परिवहन विभाग ने आपातकालीन कदम उठाए हैं। परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने पत्रकारों से कहा कि यात्रियों की बढ़ती संख्या को संभालने के लिए कई प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त बस सेवाएं शुरू की गई हैं।
उन्होंने कहा, “शुक्रवार को कोलकाता-सिलीगुड़ी मार्ग पर 23 अतिरिक्त बसें चलाई जा रही हैं। इसके अलावा, एक मौजूदा नियमित बस सेवा को मालदा से सिलीगुड़ी तक बढ़ाया गया है।” दुर्गापुर-बालुरघाट और कोलकाता-बालुरघाट मार्गों पर दो-दो अतिरिक्त बसें लगाई गई हैं, जबकि मालदा और कोलकाता के बीच पांच बस सेवाएं जारी हैं। उत्तर बंगाल जाने वाले यात्रियों के लिए कोलकाता के न्यू एस्प्लेनेड बस टर्मिनस से सिलीगुड़ी एनजेपी बस टर्मिनस तक शाम की विशेष बस सेवाएं शुरू की गई हैं।
उत्तर बंगाल राज्य परिवहन निगम (एनबीएसटीसी) और दक्षिण बंगाल राज्य परिवहन निगम (एसबीएसटीसी) के प्रबंध निदेशकों को निर्देश दिया गया है कि यात्रियों की मांग और स्थिति के अनुसार जहां भी जरूरत हो, वहां अतिरिक्त बसों की व्यवस्था करें। संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को निजी बस संचालकों के साथ समन्वय करने और यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया है कि इस दौरान यात्रियों से अनुचित किराया न वसूला जाए। जरूरत पड़ने पर यात्रियों को लाने-ले जाने की क्षमता बढ़ाने के लिए आपातकालीन आधार पर निजी बसों की सेवाएं भी ली जा सकती हैं।
सिंह ने कहा, “ट्रेन सेवाओं में रुकावट के कारण यात्रियों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। हमने महत्वपूर्ण मार्गों पर तुरंत बस सेवाएं बढ़ा दी हैं और जहां भी जरूरत होगी, वहां और बसें चलाएंगे।” सिंह ने कहा, “हम यात्रियों की मांग और स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। एनबीएसटीसी और एसबीएसटीसी को जहां भी जरूरी हो, वहां अतिरिक्त सेवाओं की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।” पूर्वी रेलवे के हावड़ा-मालदा डिवीजन में शुक्रवार को भी ट्रेन सेवाएं प्रभावित रहीं।
एक अधिकारी ने बताया कि एक दिन पहले मुर्शिदाबाद जिले में तिलपारा और न्यू फरक्का के बीच रेलवे ट्रैक का एक हिस्सा मिट्टी के कटाव के कारण धंस गया था। बृहस्पतिवार रात करीब दो बजे ट्रैक का हिस्सा धंस गया था, जिससे दक्षिण बंगाल को राज्य के उत्तरी हिस्सों से जोड़ने वाली रेल सेवाएं प्रभावित हुईं। पूर्वी रेलवे के एक प्रवक्ता ने बताया कि 14 ट्रेन सेवाएं रद्द कर दी गईं।
वरिष्ठ रेलवे इंजीनियरों की मदद से कई सौ कर्मचारी ट्रैक को जल्द से जल्द ठीक करने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहे थे। इस रुकावट के कारण कोलकाता और उत्तर बंगाल के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी परेशानी हुई। सुरक्षा के मद्देनजर हावड़ा-गुवाहाटी सरायघाट एक्सप्रेस, सियालदह-बामनहाट उत्तरबंगा एक्सप्रेस, सियालदह-अलीपुरद्वार कंचनकन्या एक्सप्रेस, सियालदह-न्यू अलीपुरद्वार दार्जिलिंग मेल, सियालदह-न्यू अलीपुरद्वार पदातिक एक्सप्रेस और कोलकाता-राधिकापुर एक्सप्रेस समेत कई ट्रेन सेवाएं रद्द रहीं।
जिन ट्रेन सेवाओं को बहाल किया गया, उनमें हावड़ा-कामाख्या वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस और हावड़ा-डिब्रूगढ़ कामरूप एक्सप्रेस शामिल हैं।
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