'देश और जनता के बीच काफी गलत संदेश जाएगा', स्वतंत्र के वीडियो को लेकर चिराग पासवान की आई प्रतिक्रिया
दिल्ली के जंतर-मंतर प्रोटेस्ट के दौरान निशु आजाद के पिता संजय के संग कथित मारपीट हुई थी. आरोप है कि स्वतंत्र भारद्वाज ने संजय पर हमला किया. इसके बाद स्वतंत्र का एक वीडियो भी सामने आया. इसमें संजय के सिर पर हमला करने की बात सामने आई. इसके साथ ही उसने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान समेत कई नेताओं के करीबी होने का दावा किया. इस पर चिराग पासवान की प्रतिक्रिया भी सामने आई है. इसमें उन्होंने कहा कि मैं उसे (स्वतंत्र भारद्वाज) व्यक्तिगत तौर पर बिल्कुल नहीं जानता हूं. मैंने उसके खिलाफ शिकायत दी है.
चिराग ने कहा, जिस तरह से एक शख्स खुलेआम कह रहा है कि उसने किसी को इतना मारा कि उसकी मौत हो सकती थी. उसे खुलेआम से कबूल करने के बाद भी अगर कार्रवाई नहीं होगी तो देश और जनता के बीच काफी गलत संदेश जाएगा. उस शख्स ने कई नेताओं के संग उनका नाम भी लिया. इस पर मैंने उसके खिलाफ शिकायत को दर्ज कराया.
नाम का गलत उपयोग किया
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, मैंने शिकायत देने के साथ ही दिल्ली पुलिस से भी आग्रह किया है कि इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है. सार्वजनिक जीवन में नेताओं से कोई भी मिल सकता है. उसके सामने अपनी बात को रख सकता है. मगर नाम का मिसयूज करना पूरी तरह से गलत है. इससे भी गंभीर मामला ये है कि आज जिस परिस्थिति में संजय और निशू हैं, मैं और मेरी पार्टी उनके साथ हैं. उन्हें न्याय मिले, इसकी मेरी पार्टी जिम्मेदारी लेती है.
बुलंदशहर से पकड़ा गया स्वतंत्र
दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से हिरासत में लिया है. कहा जा रहा था कि सीजेपी को दिल्ली पुलिस द्वारा उसकी गिरफ्तारी का आश्वासन दिए जाने के कुछ घंटे बाद स्वतंत्र फरार हो गया था लेकिन SC-ST एक्ट लगने के बाद उसे हिरासत में लिया गया है.संजय आजाद पर हमला करने की शेखी बघारते हुए उसका वीडियो सामने आने के बाद बढ़े राजनीतिक दबाव के बीच उसे पकड़ा गया है.
जानते हैं पूरा मामला
आपको बता दें कि 23 जून को जंतर-मंतर पर पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी ने विरोध प्रदर्शन किया था. इस दौरान झड़प में संजय आजाद के सिर पर चोट आई. यह घटना उस समय हुई जब संजय अपने फोन में प्रदर्शन को रिकॉर्ड किया. आरोप है कि दो-तीन अन्य लोगों के शामिल होने और उन पर हमला करने के बाद टकराव और बढ़ा. संजय का आरोप है कि उनके सिर पर घूंसा मारा गया. इसके बाद किसी कठोर चीज से हमला किया गया.
नेपाल बाढ़ त्रासदी: 275 भारतीय नागरिक अब भी लापता, अपनों की राह देख रहे परिवार
Nepal flood: नेपाल में पिछले महीने कुदरत का ऐसा कहर टूटा कि कई परिवार हमेशा के लिए बिखर गए. इस भीषण फ्लैश फ्लड को बीते हुए कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन अपनों की सलामती की उम्मीद लगाए बैठे परिवारों का इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. जैसे-जैसे वक्त गुजर रहा है, अपनों के जीवित मिलने की उम्मीद भी धुंधली पड़ती जा रही है, जो परिजनों के लिए किसी बड़े मानसिक आघात से कम नहीं है.
विदेश मंत्रालय की ताजा अपडेट और आंकड़े
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस त्रासद स्थिति पर बात करते हुए बताया कि सरकार लगातार राहत और बचाव कार्यों पर नजर बनाए हुए है. आपदा प्रभावित क्षेत्रों में अभी भी 275 भारतीय नागरिक लापता हैं. राहत और बचाव अभियान के तहत अब तक कुल 166 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जो अपने-अपने घरों को सकुशल लौट चुके हैं. इसके अलावा, चीन के रास्ते 1,907 भारतीय नेपाल में प्रवेश कर चुके हैं और अब चीन की तरफ कोई भी भारतीय नहीं बचा है. चीन की तरफ से 49 भारतीयों के लापता होने की जो सूचना दी गई थी, वे सभी भारत की तरफ से जारी 275 लोगों की मुख्य सूची में पहले से ही शामिल हैं.
नेपाल में भारी तबाही और मौत के आंकड़े
नेपाल सरकार की आपदा प्रबंधन एजेंसी (NDRRMA) के अनुसार, इस आपदा ने अभूतपूर्व तबाही मचाई है. नेपालभर में अब तक 1,287 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है. इसके अलावा, लगभग 5,083 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें करीब 583 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. आपदा प्रभावित क्षेत्रों से राहत कर्मियों को सबसे ज्यादा शव चितवन, नवलपरासी, नुवाकोट और रसुवा जिलों से बरामद हुए हैं
.लापता लोगों की खोजबीन के लिए भारत सरकार नेपाल के स्थानीय प्रशासन, राहत एजेंसियों और उन भारतीय राज्यों की सरकारों के साथ लगातार समन्वय स्थापित किए हुए है जिनके नागरिक यात्रा पर वहां गए थे. हालांकि, समय बीतने के साथ बचाव अभियान और अधिक चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं, फिर भी प्रशासन और बचाव दल हरसंभव प्रयास में जुटे हुए हैं.
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