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दमोह में भारी बारिश से कच्चे मकान की दीवार गिरने से बुजुर्ग महिला घायल, ट्रैक्टर से नाला पार कर पहुंचाया अस्पताल

दमोह जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच हटा ब्लॉक के पाटन गांव में एक बड़ा हादसा सामने आया है। दरअसल देर रात एक कच्चे मकान की दीवार गिरने से बुजुर्ग महिला मंजली बहू मलबे में दब गईं। परिजनों ने उन्हें बाहर निकाला लेकिन तब तक उन्हें गंभीर चोटें लग चुकी थीं। हालांकि रातभर दर्द में रहने के बाद सुबह उन्हें ट्रैक्टर के जरिए नाला पार कर अस्पताल पहुंचाया गया।

बता दें कि यह घटना दमोह जिले के हटा ब्लॉक के आदिवासी बहुल गांव पाटन की है। गांव में लगातार बारिश के कारण एक कच्चे मकान की दीवार देर रात अचानक गिर गई। दीवार का मलबा बुजुर्ग महिला मंजली बहू पर गिर गया जिससे वह उसके नीचे दब गईं।

रास्ता खराब होने से अस्पताल ले जाने में हुई देरी

हालांकि परिजनों ने तुरंत उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की और काफी प्रयास के बाद मलबे से बाहर निकाला। महिला को गंभीर चोटें आई थीं और उन्हें इलाज की जरूरत थी। परिवार उन्हें अस्पताल ले जाना चाहता था, लेकिन गांव से बाहर निकलने का रास्ता लगातार बारिश की वजह से मुश्किल हो गया था। गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाले रास्ते पर कीचड़ भर गया था। इसी रास्ते में एक बड़ा नाला भी था जिसमें तेज बहाव था। ऐसे हालात में रात के समय महिला को अस्पताल ले जाना संभव नहीं हो सका।

ट्रैक्टर से पार कराया गया रास्ता

वहीं महिला की हालत बिगड़ने पर गांव वालों ने एंबुलेंस को सूचना दी। एंबुलेंस गांव तक पहुंची लेकिन उफनते नाले के कारण वह दूसरी तरफ ही खड़ी रही। नाला पार कर गांव तक पहुंचना संभव नहीं हो पाया। सुबह जब लोगों ने नाले के उस पार एंबुलेंस खड़ी देखी तब गांव के लोगों ने मिलकर महिला को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश शुरू की। इसके बाद जोखिम उठाते हुए एक ट्रैक्टर नाले के उस पार भेजा गया।

दरअसल बुजुर्ग महिला को ट्रैक्टर में बैठाकर नाला पार कराया गया। दूसरी तरफ पहुंचने के बाद उन्हें एंबुलेंस में बैठाकर मड़ियादो के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हटा सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया। बताया गया कि महिला की हालत नाजुक बनी हुई है। घटना के बाद नगर पालिका या सड़क व्यवस्था की जगह गांव तक पहुंचने में आई परेशानी भी सामने आई। महिला के बेटे ने पूरी घटना की जानकारी दी।

दिनेश अग्रवाल, दमोह

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भारत-जापान के बीच पहली बार होगा T20 इंटरनेशनल मैच, BCCI ने किया ऐलान, जानें कब और कहां खेला जाएगा मुकाबला

भारतीय क्रिकेट टीम पहली बार जापान के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल मैच खेलेगी। भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने शुक्रवार को इसकी घोषणा कर दी है। BCCI के अनुसार, एशियन गेम्स में भारत का पहला मुकाबला 28 सितंबर को होना है और उससे ठीक 6 दिन पहले यानी कि 22 सितंबर को जापान के साथ भारत मैच खेलेगा।

बता दें कि BCCI ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया है जिसमें BCCI ने कहा कि भारत और जापान के बीच रिश्तों की 75वीं सालगिरह का जश्न मनाने के लिए यह ऐतिहासिक टी20 मैच आयोजित किया जा रहा है। यह मुकाबला मंगलवार 22 सितंबर को जापान के टोचिगी प्रीफेचर स्थित सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा। जो भारतीय समयानुसार यह मैच सुबह 9:30 बजे शुरू होगा।

जानकारी के अनुसार, यह पहल जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई बैठक में हुए समझौते के तहत शुरू की गई है। इसका उद्देश्य खेल के क्षेत्र में भारत और जापान के बीच लोगों के आपसी आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के साथ दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करना है।

क्या बोले BCCI सचिव देवजीत सैकिया?

बता दें कि BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने एक बयान में कहा कि BCCI इस ऐतिहासिक मौके का हिस्सा बनकर काफी खुशी है। भारत और जापान की पुरुष टीमें जापान में एक खास टी20 इंटरनेशनल मैच के लिए एक साथ आ रही हैं। यह क्रिकेट के लिए एक अहम पल है क्योंकि इससे भारतीय टीम एक नई जगह पर जा रही है और जापान व पूर्वी एशिया में ज्यादा लोगों तक खेल को पहुंचाने का मौका मिल रहा है।

जापान का टी20 इंटरनेशनल मैचों में प्रदर्शन

जानकारी के लिए बता दें कि जापान ICC का एसोसिएट सदस्य है। टीम ने 2022 में अपना पहला टी20 इंटरनेशनल मैच खेला था। अब तक खेले गए 61 टी20 इंटरनेशनल मैचों में जापान ने 41 मुकाबलों में जीत दर्ज की है जबकि 18 मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे बड़ी 258 रनों की साझेदारी का विश्व रिकॉर्ड भी जापान के केंडल कडोवाकी-फ्लेमिंग और लाचलान यामामोटो-लेक के नाम दर्ज है। हालांकि जापान ने अब तक आईसीसी की किसी फुल मेंबर टीम के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल मुकाबला नहीं खेला है।

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  Sports

Mike Hesson का बड़ा खुलासा: Rizwan और Imam-ul-Haq को हटाने के फैसले में मेरा कोई हाथ नहीं, PCB पर फोड़ा ठीकरा

पाकिस्तान क्रिकेट टीम इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में लगातार दो हार के बाद मुश्किल दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में टीम में किए गए बड़े बदलावों को लेकर अंतरिम लाल गेंद कोच माइक हेसन ने अपनी स्थिति साफ कर दी है। हेसन ने कहा कि मोहम्मद रिजवान, सलमान अली आगा और इमाम-उल-हक को टीम से बाहर करने के फैसले में उनकी कोई भूमिका नहीं थी, क्योंकि जब उन्हें जिम्मेदारी संभालने के लिए कहा गया, तब तक ये तीनों खिलाड़ी टीम छोड़कर स्वदेश लौट चुके थे।

बता दें कि इंग्लैंड ने सीरीज के पहले मुकाबले में हेडिंग्ले में पाकिस्तान को पारी और 103 रन से करारी शिकस्त दी थी। इसके बाद लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट में भी इंग्लैंड ने 194 रन से जीत दर्ज की। इन लगातार दो हार के साथ इंग्लैंड ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। अब दोनों टीमों के बीच तीसरा और अंतिम टेस्ट 9 सितंबर से एजबेस्टन में खेला जाना है।

इन हार के बाद पाकिस्तान बोर्ड ने टीम प्रबंधन और खिलाड़ियों के स्तर पर बड़े बदलाव किए। मोहम्मद रिजवान, सलमान अली आगा, इमाम-उल-हक, अली उस्मान, आमिर जमाल, मुहम्मद आवैस जफर और खुर्रम शहजाद को टीम से हटा दिया गया। इसके अलावा मुख्य कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया।

माइक हेसन को इसके बाद अंतिम टेस्ट के लिए पाकिस्तान की लाल गेंद वाली टीम की जिम्मेदारी सौंपी गई। बर्मिंघम में शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने रिजवान, आगा और इमाम को हटाए जाने के फैसले से खुद को अलग करते हुए कहा कि बोर्ड ने जब उनसे अंतिम टेस्ट की जिम्मेदारी संभालने के बारे में पूछा, तब तक तीनों खिलाड़ी टीम से बाहर किए जा चुके थे और घर लौट रहे थे।

हालांकि हेसन ने यह भी स्पष्ट किया कि बाकी खिलाड़ियों को हटाने और कुछ नए चेहरों को टीम में शामिल करने की प्रक्रिया में उनकी भूमिका थी। उनके मुताबिक, उनका उद्देश्य अंतिम टेस्ट के लिए टीम में बेहतर संतुलन तैयार करना था।

मौजूद जानकारी के अनुसार, हेसन पाकिस्तान की सीमित ओवरों वाली टीम के साथ काम करने के बाद जापान से लौटे थे। जापान में एशियाई खेलों का आयोजन चल रहा है। लाहौर में पाकिस्तान का सीमित ओवरों का प्रशिक्षण शिविर भी हुआ था। इसी दौरान क्रिकेट बोर्ड ने उनसे टेस्ट टीम की जिम्मेदारी संभालने के लिए कहा।

हेसन ने कहा कि अब उनका मुख्य जोर ऐसी गेंदबाजी इकाई तैयार करने पर है जिसमें अलग-अलग तरह के गेंदबाज मौजूद हों। वह टीम में कुछ ऐसे खिलाड़ियों को भी रखना चाहते हैं जो गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी में योगदान दे सकें। उनके अनुसार, अंतिम टेस्ट में टीम का संतुलन सुधारना सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है।

नई पाकिस्तान टीम में सैम अयूब और अब्दुल्ला फजल जैसे खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। इनके अलावा अराफात मिन्हास, मोहम्मद इमरान जूनियर, साद बैग, मोहम्मद इमरान और रजाउल्लाह जैसे ऐसे खिलाड़ी भी टीम का हिस्सा हैं जिन्हें अभी अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में खुद को साबित करना बाकी है।

गौरतलब है कि पाकिस्तान पहले ही श्रृंखला गंवा चुका है, इसलिए एजबेस्टन टेस्ट उसके लिए परिणाम से ज्यादा अपनी कमजोरियों को सुधारने का अवसर होगा। लगातार हार के बाद टीम प्रबंधन युवा खिलाड़ियों को मौका देकर भविष्य के लिए मजबूत संयोजन तैयार करना चाहता है। ऐसे में अंतिम मुकाबले में नए चेहरों के प्रदर्शन और माइक हेसन की रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हैं।
Fri, 04 Sep 2026 21:59:00 +0530

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