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Ajmer में महिला की गला घोंटकर Murder, आरोपी युवक गिरफ्तार और नाबालिग हिरासत में

जयपुर, चार सितंबर राजस्थान के अजमेर जिले में 38 वर्षीय महिला की केवल इसलिए गला घोंटकर हत्या कर दी गई कि उसने खेत में एक युवक और नाबालिग लड़की को कथित तौर पर आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच शुरू करने के कुछ ही घंटों में मुख्य आरोपी शंकरलाल बैरवा (25) को गिरफ्तार कर लिया गया।

नाबालिग लड़की को भी मामले के संबंध में हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने बताया कि अरांई थाना क्षेत्र के छोटालांबा गांव निवासी सोनी देवी का शव बृहस्पतिवार को बोराड़ा रोड स्थित एक कुएं में उतराया पाया गया था। महिला की गर्दन पर निशान और सिर पर चोट के निशान मिलने के बाद पुलिस को हत्या का संदेह हुआ।

किशनगढ़ के सरकारी यज्ञनारायण अस्पताल में मेडिकल बोर्ड द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में महिला की मौत गला घोंटने से होने की पुष्टि हुई। इसके बाद मृतका के पति बजरंगलाल बैरवा की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान आसपास के खेतों में काम करने वाले लोगों से पूछताछ की गई।

इस दौरान शंकरलाल की गर्दन पर खरोंच के निशान पाए गए और उसके बयान में भी विरोधाभास मिले, जिससे पुलिस का शक उस पर गहरा गया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान शंकरलाल ने कथित तौर पर अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, बुधवार दोपहर शंकरलाल अपने परिचित एक नाबालिग लड़की के साथ ज्वार के खेत में था।

इसी दौरान पशुओं के लिए चारा लेकर वहां से गुजर रही सोनी देवी ने दोनों को कथित तौर पर आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया और उन्हें डांटा। पुलिस ने बताया कि दोनों को डर था कि सोनी देवी इस घटना के बारे में दूसरे लोगों को बता देंगी। आरोप है कि इसके बाद दोनों ने उसके कपड़ों से उसका गला घोंट दिया।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बाद में नाबालिग लड़की को उसके घर भेज दिया और अंधेरा होने के बाद महिला के शव को पास के एक कुएं में फेंक दिया। इसके बाद वह खुद भी मृतका के परिजनों के साथ उसकी तलाश में शामिल हो गया, ताकि उस पर शक न हो। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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Kolkata में Abhishek Banerjee के दफ्तर वाली इमारत के तीन फ्लोर खाली करने का आदेश

कोलकाता, चार सितंबर पश्चिम बंगाल अग्निशमन विभाग ने तृणमूल कांग्रेस महासचिव अभिषेक बनर्जी का कार्यालय जिस इमारत में है उसके भूमिगत और दो अन्य तलों को अग्नि सुरक्षा उपायों की कमी का हवाला देते हुए शुक्रवार को खाली करने का आदेश दिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अग्निशमन विभाग ने आवश्यक अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने का हवाला देते हुए वाणिज्यिक इमारत की छठी और सातवीं मंजिल पर कार्य कर रहे लोगों से तत्काल उक्त स्थान खाली करने का निर्देश दिया।

पश्चिम बंगाल की अग्नि और आपात सेवा के प्रभारी निदेशक द्वारा यह आदेश अभिषेक बनर्जी के कैमक स्ट्रीट स्थित कार्यालय में तोड़-फोड़ के एक दिन बाद दिया गया। तृणमूल ने इस हमले के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)से जुड़े लोगों को जिम्मेदार ठहराया था, जबकि सत्तारूढ़ पार्टी ने इन आरोपों से इनकार किया है। अधिकारियों ने करीब एक हफ्ते पहले उसी इमारत से तृणमूल कांग्रेस द्वारा कथित तौर पर अनधिकृत तरीके से लगाए गए होर्डिंग को हटाया था।

उस दौरान बनर्जी के कार्यालय के निजी गार्ड, उनके समर्थक और पार्टी के कुछ नेताओं की पुलिस और कोलकाता नगर निगम (केएमसी)के अधिकारियों के साथ झड़प हुई थी। अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’को बताया, ‘‘ऊंची इमारत के भूमिगत तल में अग्निसुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं मिली। इसके बाद, हमने इमारत के मालिक को कारण बताओ नोटिस जारी किया और जवाब देने के लिए 48 घंटे का समय दिया।’’ उन्होंने बताया, ‘‘जवाब देने की समयसीमा समाप्त होने के बावजूद कोई उत्तर नहीं मिला, इसलिए हमने उन्हें इमारत के भूमिगत तल, छठी और सातवीं मंज़िल को खाली करने का नोटिस भेजा।

अगर किसी इमारत के भूमिगत तल में आग से सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं, तो आग लगने की स्थिति में यह एक बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।’’ अधिकारी ने कहा कि परिसर के लिए पूर्व में जारी अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र की मियाद 10 अगस्त को समाप्त हो गई थी और उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया था। इमारत के मालिक को शुक्रवार को भेजे गए नोटिस में विभाग ने कहा कि जब तक कमियों को ठीक नहीं किया जाता और अग्नि सुरक्षा को लेकर वैध प्रमाण पत्र प्राप्त जारी नहीं होता, तब तक भूमिगत तल और छठी व सातवीं मंज़िल का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। आदेश के अनुसार, अग्नि सुरक्षा के उपायों का पालन न करने के संबंध में मालिक को सुनवाई का नोटिस भेजा गया था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए।

हालांकि, संपत्ति के उक्त हिस्से पर जिसका कब्जा है, उसके प्रतिनिधि सामने आए और पट्टा विलेख की एक प्रति पेश की। अग्निशमन विभाग ने बताया कि पट्टा विलेख के तहत, आवश्यक अग्नि सुरक्षा उपाय लागू करने और अग्नि सुरक्ष प्रमाण पत्र (एफएससी) हासिल करने की जिम्मेदारी मालिक की थी। आदेश में कहा गया कि दो भूमिगत, एक भूतल और सात अन्य मंजिलों वाली इस वाणिज्यिक इमारत के लिए 10 अगस्त, 2023 को जारी किया गया अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र (आरएफएससी) तीन साल के लिए वैध था और उसकी समय-सीमा समाप्त हो चुकी है।

इसमें कहा गया कि मालिक को समय-सीमा खत्म होने से पहले प्रमाण पत्र का नवीनीकरण कराने की सलाह दी गई थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। आदेश में कहा गया है, ‘‘इमारत के संबंधित हिस्सों में आवश्यक अग्नि सुरक्षा उपायों के रखरखाव और उनकी कमी के कारण, ये हिस्से आग और जान-माल की सुरक्षा के लिहाज से असुरक्षित हैं।’’ आवश्यक कार्रवाई के लिए आदेश की प्रतियां कोलकाता नगर निगम, शेक्सपियर सारणी पुलिस थाना के प्रभारी अधिकारी और सीईएससी को भेज दी गई हैं। पुलिस और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने सोमवार को इमारत में आग से सुरक्षा के इंतजामों की हर मंजिल पर जांच की थी।

नोटिस के अनुसार, जांच में सातवीं मंजिल पर आग बुझाने के अपर्याप्त इंतजाम, आग लगने पर बाहर निकलने का कोई तय रास्ता न होने और अग्नि चेतावनी प्रणाली में खामियां पाई गईं।

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निशानेबाजी की आड़ में यौन उत्पीड़न! भारतीय टीम की खिलाड़ियों ने कोच पर लगाए आरोप

भारतीय जूनियर शूटिंग टीम के कोच पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा, जिसके बाद SAI ने उसे करणी सिंह रेंज से हटा दिया है. Sat, 05 Sep 2026 12:35:33 +0530

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