Delhi Police ने 30 लाख की Cyber Fraud के आरोपी उदित त्यागी को Jaipur Airport से दबोचा
नयी दिल्ली, चार सितंबर दिल्ली पुलिस ने फर्जी ऑनलाइन निवेश एवं ट्रेडिंग योजनाओं के जरिए एक व्यक्ति से 30 लाख रुपये की कथित रूप से ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। मेरठ निवासी आरोपी उदित त्यागी (26) से पूछताछ में विदेशी संचालकों, ऑनलाइन मैसेजिंग ऐप आधारित आकाओं, म्यूल (कमीशन पर मिलने वाले) बैंक खाता प्रदाताओं और क्रिप्टोकरेंसी डीलर से जुड़े एक बहुस्तरीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
पुलिस ने बताया कि लुकआउट सर्कुलर जारी होने के बाद उसे आव्रजन ब्यूरो ने जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से हिरासत में लिया और बाद में दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि यह मामला पिछले साल नवंबर में गौरव रस्तोगी नामक व्यक्ति की शिकायत पर दर्ज किया गया था। उनके साथ सोशल माीडिाय ‘ग्रुप’, चैनल और फर्जी ऑनलाइन निवेश व ट्रेडिंग मंचों के माध्यम से करीब 30 लाख रुपये की ठगी की गई थी।
अधिकारियों ने कहा कि जांच से पता चला कि यह धोखाधड़ी किसी स्थानीय समूह द्वारा नहीं की जा रही थी, बल्कि एक बहुस्तरीय नेटवर्क के माध्यम से की जा रही थी, जिसमें विदेशी या चीन में बैठे संचालक फर्जी ऐप, वेबसाइट और निवेश इंटरफेस विकसित करने के लिए जिम्मेदार थे। पुलिस ने बयान में बताया कि ऑनलाइन मैसेजिंग ऐप संचालक वित्तीय सलाहकार, निवेश विशेषज्ञ, ग्राहक सेवा प्रतिनिधी और ‘टास्क मैनेजर’ बनकर लोगों से संपर्क करते थे। पुलिस ने बताया कि वे व्हाट्सऐप के जरिए शुरू में पीड़ितों से संपर्क कर उन्हें अंशकालिक नौकरी, आसान कमाई, निवेश के अवसरों और ट्रेडिंग योजनाओं का प्रस्ताव देते थे।
पुलिस ने कहा कि जांच में एचओ30 नामक सोशल मीडिया समूह की पहचान की गई है जिसे हाकिम अली नामक व्यक्ति ने बनाया था और वही उसका संचालन करता था। इस समूह का इस्तेमाल लोगों को फर्जी निवेश योजना में फंसाने के लिए किया जाता था। उसे पहले गिरफ्तार किया गया था।
जांच में 18 से अधिक ‘म्युल’ बैंक खातों के नेटवर्क का भी खुलासा हुआ, जिनके माध्यम से ठगे गए पैसे को आगे भेजा गया और बाद में अन्य कई खातों के माध्यम से इधर उधर किया गया या एटीएम, चेक और अन्य बैंकिंग माध्यम से निकाला गया। इसी के साथ यूएसडीटी-आधारित क्रिप्टोकरेंसी निपटान तंत्र का भी पता चला। पुलिस के अनुसार, भारतीय बिचौलियों ने क्रिप्टोकरेंसी के बदले भारतीय मुद्रा भेजने के लिए बैंक खातों की व्यवस्था की।
कुछ लेनदेन में विदेशी संचालकों को करीब 5,000-10,000 यूएसडीटी दिए गए। खाताधारकों को कथित तौर पर 10-15 प्रतिशत कमीशन दिया जाता था। पुलिस ने कहा कि राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के आंकड़ों और लाभार्थी खातों के प्रारंभिक विश्लेषण में विभिन्न राज्यों में दर्ज 35 से अधिक साइबर अपराध शिकायतों से इनका संबंध सामने आया है।
पुलिस के अनुसार, इन शिकायतों और उनसे जुड़े वित्तीय लेनदेन का सत्यापन किया जा रहा है। त्यागी कथित तौर पर ‘म्युल’ खातों की निगरानी करता था और वित्तीय लेनदेन का समन्वय करता था। पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान नाम सामने आने के बाद त्यागी थाईलैंड, मलेशिया और बाद में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) भाग गया था और आखिरकार जयपुर हवाई अड्डे पर पहुंचने पर उसे पकड़ लिया गया।
इस मामले में कई आरोपियों की पहचान हुई है और वे फिलहाल फरार हैं तथा उनकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने बताया कि इसके अलावा अनीस (22), अक्षित सिरोही (22), हाकम अली (25) और मोनिश (22) को पहले गिरफ्तार किया गया था। इस मामला का एक और अहम आरोपी फिलहाल फरार है।
What REALLY goes on in Donald Trump's White House? | BBC Americast
The reporter Jonathan Swan gained unprecedented access to the inner workings of Donald Trump’s White House in the first year of his second administration. Who were the main characters fighting for the president’s attention? How were decisions made in the Oval Office? And how was the decision taken to go to war with Iran? On today’s episode, Sumi sits down with Jonathan to talk about the reporting he did alongside Maggie Haberman for their book ‘Regime Change: Inside the Imperial Presidency of Donald Trump’. The president says the book is “mostly made up” but that has not stopped inquiries inside the White House as to how Swan and Haberman were able to gain such close access to operations. From the early days of Trump’s presidency inside Mar-a-Lago to his relationship with Elon Musk and Mark Zuckerberg, we assess the key relationships within Trump’s top team and the differences between senior figures like JD Vance and Marco Rubio. Subscribe to our channel here: https://bbc.in/bbcnews For the latest news download the BBC News app or visit BBC.com/news #BBCNews
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