Janmashtami 2026: जन्माष्टमी की शाम करें इन 6 चीजों का दान, घर भर जाएगा धन से
Janmashtami 2026: आज 4 सितंबर 2026, शुक्रवार के दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है. जन्माष्टमी के दिन भक्त व्रत रखते हैं और उनकी विधिवत पूजा करते हैं. आज के दिन मध्य रात्रि में भगवान विष्णु के बाल स्वरूप की पूजा होती है. इस स्वरूप में वे द्वापर युग में देवकी मैयी की कोक से जन्म लेते हैं. भगवान कृष्ण विष्णु के आठवें अवतार होते हैं. आज का दिन अत्यंत खास और पवित्र माना जाता है. कृष्ण जन्माष्टमी के दिन जरूरतमंदों को दान करना चाहिए. अगर आप भी कुछ दान करने का सोच रहे हैं तो इन शुभ चीजों का कर सकते हैं. इनका दान करने से आर्थिक परेशानियां खत्म होती है और जीवन में धन-धान्य की कमी नहीं होती है. आइए जानते हैं इन चीजों के बारे में.
जन्माष्टमी की शाम करें इन चीजों का दान
1.अन्न का दान
जन्माष्टमी पर अन्न दान का खास महत्व होता है. आज के दिन आप अपनी क्षमता के अनुसार, जरूरतमंद लोगों को आटे, दाल, चावस और गेंहू तथा अन्य खाद्य सामग्री दान करना चाहिए. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अन्न का दान करने से घर में अन्न और धन के भंडार भरे रहते हैं.
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2.पीतांबर वस्त्र
आज के दिन आप पीतांबरी या पीले वस्त्रों का दान कर सकते हैं. यह रंग भगवान कृष्ण को अत्यंत प्रिय होता है. इसलिए, जन्माष्टमी पर पीले वस्त्रों का दान करना चाहिए. आज किसी जरूरतमंद को साफ पीले वस्त्र का दान कर सकते हैं. ऐसा करने से घर में सकारात्मकता आती है.
3.माखन-मिश्री का दान
लड्डू गोपाल का प्रिय भोग माखन-मिश्री का होता है. इसे जन्माष्टमी के दिन उन्हें जरूर चढ़ाया जाता है. धार्मिक मान्यता है कि आज माखन-मिश्री का भोग लगाने के बाद उसे बच्चों, बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों में बांटना चाहिए. साथ ही फल और सात्विक भोजन का दान करना चाहिए. धार्मिक मान्यता है कि सेवा और दान का भाव भगवान कृष्ण को अत्यंत प्रसन्न करता है.
4.गायों को चारा
आज के दिन गौसेवा भी करनी चाहिए. भगवान कृष्ण को गायों से प्रेम हैं. उनका बचपन गायों और ग्वालों से जुड़ा रहा है. आज भगवान के बाल स्वरूप के साथ गौ माता की पूजा भी करते हैं. इसलिए, जन्माष्टमी पर गौशाला में हरा चारा, गुड़, चना तथा फलों और सब्जियों का दान करना चाहिए. आप गौशालाओं में अपने सामर्थ्यनुसार आर्थिक सहायता भी कर सकते हैं.
5.फल और मिठाइयां
जन्माष्टमी के दिन मिठाइयों और फलों का दान करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है. खासतौर पर जरूरतमंद लोगों, बच्चों और बुजुर्गों को इन चीजों का दान अवश्य करना चाहिए. आज के दिन दूध से बनी मिठाइयों का दान करना चाहिए क्योंकि उन्हें दूध-माखन आदि जैसी चीजें प्रिय होती है. आज केले का दान करना भी शुभ माना जाता है.
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6.शिक्षा से जुड़ी चीजें
जन्माष्टमी पर जरूरतमंदों को और बच्चों को किताबें, कॉपियां, पेन, स्कूल बैग और पढ़ाई से जुड़ी अन्य सामग्रियों का दान करना चाहिए. किसी बच्चे की शिक्षा में मदद के लिए आर्थिक सहायता दे सकते हैं. आज के दिन दान का उद्देश्य सार्थक माना जाता है.
दान करते समय इन बातों का ध्यान रखें
आज जन्माष्टमी के पर्व पर दान करना चाहिए. मगरदान करते वक्त कुछ बातों का ख्याल रखना भी जरूरी होता है. दान में दी गई चीजों का वास्तविक उपयोग हो. ऐसी चीजें ही दान में दे, जो काम आ सके. धार्मिक मान्यता में दान के महत्व को अत्यंत खास माना जाता है. इसलिए, वस्तु की कीमत नहीं भावना का स्मरण रखें. जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण की पूजा के साथ जरूरतमंद लोगों को भोजन करवाना भी फलदायी होता है.
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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
उत्तराखंड के 9.91 लाख पेंशनधारकों को बड़ी राहत, खातों में पहुंची 147 करोड़ की पेंशन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में समाज कल्याण विभाग की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत माह अगस्त 2026 की पेंशन किस्त का वन-क्लिक के माध्यम से भुगतान किया. इसके माध्यम से 9 लाख 91 हजार 914 लाभार्थियों के खातों में 147 करोड़ 05 लाख रुपये की पेंशन धनराशि भेजी गई. अगस्त माह में विभिन्न पेंशन योजनाओं के अंतर्गत 5,605 नए लाभार्थियों की पेंशन भी स्वीकृत की गई.
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के कमजोर, जरूरतमंद एवं वंचित वर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है. सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सरलता एवं समयबद्धता से मिले. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि पेंशन योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को नियमित रूप से पेंशन का भुगतान कर रही है. उन्होंने कहा कि पेंशन व्यवस्था को सरल, पारदर्शी एवं लाभार्थी केंद्रित बनाते हुए प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं से आच्छादित करने के लिए निरंतर कार्य किया जाए. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि जिन पात्र लाभार्थियों का किसी कारणवश आधार नहीं बन पा रहा है, उन्हें चिन्हित कर उनके लिए अकाउंट बेस्ड पेमेंट की व्यवस्था की जाए, ताकि आधार संबंधी समस्या के कारण कोई भी पात्र लाभार्थी पेंशन के लाभ से वंचित न रहे.
प्रस्तुतीकरण के दौरान बताया गया कि अगस्त 2026 में वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान, परित्यक्ता, भरण-पोषण अनुदान, तीलू रौतेली एवं बौना पेंशन योजनाओं के कुल 9 लाख 91 हजार 914 लाभार्थियों के लिए 147 करोड़ 05 लाख 51 हजार रुपये की धनराशि निर्धारित की गई है. बताया गया कि कुल पेंशन लाभार्थियों में 2 लाख 14 हजार 711 लाभार्थी राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के अंतर्गत तथा 7 लाख 77 हजार 203 लाभार्थी राज्य स्तर पर आच्छादित हैं. अगस्त माह के पेंशन भुगतान में लगभग 140 करोड़ 11 लाख रुपये राज्यांश तथा 6 करोड़ 94 लाख रुपये केंद्रांश है. प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि अगस्त माह में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत कुल 5,605 नई पेंशन स्वीकृत की गई हैं. इनमें वृद्धावस्था पेंशन के 3,945, विधवा पेंशन के 1,000, दिव्यांग पेंशन के 416, किसान पेंशन के 106, परित्यक्ता पेंशन के 23 तथा भरण-पोषण अनुदान के 115 लाभार्थी शामिल हैं.
बैठक में आगामी कार्यक्रमों के संबंध में भी प्रस्तुतीकरण दिया गया. बताया गया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, भारत सरकार द्वारा 18 एवं 19 सितम्बर 2026 को डॉ. अम्बेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र, जनपथ, नई दिल्ली में दो दिवसीय राष्ट्रीय विभागीय शिखर सम्मेलन प्रस्तावित है. सम्मेलन में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता से संबंधित प्रमुख प्राथमिकताओं पर केंद्र, राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के बीच संवाद किया जाएगा. इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री श्री खजानदास, सचिव समाज कल्याण डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी, अपर सचिव श्री विक्रम यादव. संयुक्त सचिव श्री धीरेंद्र सिंह, संयुक्त निदेशक श्री गीताराम नौटियाल, सहायक निदेशक श्रीमती हेमलता पांडेय एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे. G=
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