शनिवार से इंदौर में मेट्रो की सवारी, यलो लाइन पर शुरू होगा सफर, सुपर कॉरिडोर से रेडिसन तक चलेगी ट्रेन
सुपर कॉरिडोर से रेडिसन चौराहे तक इंदौर मेट्रो में शनिवार से आम यात्री सफर कर सकेंगे। लंबे समय से इस रूट पर व्यावसायिक संचालन शुरू होने का इंतजार किया जा रहा था।
अब गांधी नगर से मालवीय नगर मेट्रो स्टेशन तक यलो लाइन पर ट्रेन चलेगी। केंद्रीय शहरी विकास एवं आवास मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मेट्रो को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके साथ ही शहरवासियों को इंदौर में मेट्रो के बड़े हिस्से पर नियमित सफर की सुविधा मिल जाएगी।
सुपर कॉरिडोर से रेडिसन तक 16 स्टेशनों पर मिलेगी मेट्रो
इंदौर मेट्रो अब गांधी नगर से मालवीय नगर मेट्रो स्टेशन तक चलेगी। इस रूट में 16 स्टेशन शामिल हैं। लंबे समय से तैयार इन स्टेशनों पर अब यात्रियों की आवाजाही शुरू होगी। टिकट काउंटर पर कर्मचारी तैनात किए जा चुके हैं और तकनीकी टीम भी संचालन की तैयारी में जुटी है। मेट्रो को पिछले दो दिनों से तय रफ्तार पर चलाकर टेस्ट किया जा रहा है, ताकि यात्रियों के सफर के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
यात्रियों के लिए टिकट की व्यवस्था भी आसान रखी गई है। QR कोड वाला टिकट लिया जा सकेगा और ऐप के जरिए भी टिकट बुक करने की सुविधा मिलेगी। गांधी नगर से मालवीय नगर चौराहे तक जाने के लिए किराया 80 रुपए रखा गया है। ट्रेन हर 15 मिनट में मिलने की व्यवस्था होगी। इससे सुपर कॉरिडोर और शहर के दूसरे हिस्सों के बीच आने-जाने वाले लोगों को सार्वजनिक परिवहन का एक नया विकल्प मिलेगा।
2025 में शुरू हुआ था यात्री सफर
इंदौर मेट्रो में पहली बार यात्रियों ने 30 मई 2025 को सुपर कॉरिडोर के 5.9 किलोमीटर हिस्से में सफर किया था। इसके बाद 9 अक्टूबर 2025 को सुपर कॉरिडोर से रेडिसन तक मेट्रो का ट्रायल किया गया। 27 मार्च 2026 को कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी यानी सीएमआरएस से इस हिस्से में संचालन की अनुमति मिली थी। इसके बाद व्यावसायिक संचालन की तैयारियां शुरू हुईं।
18 जून 2026 को व्यावसायिक संचालन की योजना बनाई गई थी, लेकिन कार्यक्रम आगे बढ़ गया। अब 5 सितंबर 2026 से सुपर कॉरिडोर से रेडिसन चौराहे तक मेट्रो सेवा शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इस तरह यात्रियों को पहले के मुकाबले काफी लंबे रूट पर मेट्रो से सफर करने का मौका मिलेगा।
खजराना से रीगल तक भूमिगत मेट्रो की तैयारी
इंदौर मेट्रो का काम सिर्फ सुपर कॉरिडोर से रेडिसन तक सीमित नहीं है। खजराना से रीगल तक के हिस्से को अब भूमिगत करने की योजना पर काम चल रहा है। पहले इस हिस्से को एलिवेटेड रखा गया था, लेकिन अब इसे भूमिगत करने का फैसला लिया गया है। इसके लिए एमजी रोड और बंगाली से पलासिया के बीच अलग-अलग जगहों पर जमीन की जांच की जा रही है।
भूमिगत मेट्रो स्टेशन बनाने से पहले मिट्टी और जमीन की मजबूती की जांच जरूरी है। इसी वजह से पाइलिंग के लिए जमीन का परीक्षण किया जा रहा है। इन जांचों के आधार पर भूमिगत स्टेशनों के डिजाइन और निर्माण की योजना तैयार की जाएगी। हालांकि इस हिस्से में भूमिगत मेट्रो का निर्माण करने के लिए नई एजेंसी का चयन अभी बाकी है।
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