जानिए न्यू-एज पैरेंटिंग के 5 जरूरी नियम, जहां बच्चों का बचपन मार्क्स और रैंक की रेस में नहीं निकलता!
बच्चों की पढ़ाई में अच्छे नंबर और रैंक की चाह कई बार उनके लिए स्ट्रेस का कारण बन जाती है। कम उम्र से ही उनसे फर्स्ट आने और दूसरों से बेहतर करने की उम्मीद की जाने लगती है, जिससे उन्हें लग सकता है कि उनकी काबिलियत सिर्फ मार्क्स से पता नहीं चलती। हर बच्चा अलग होता है, इसलिए उसे अपनी गति से सीखने और आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए। बच्चों के अच्छे फ्यूचर के साथ उनकी खुशी, सेल्फ-कॉन्फिडेंस और पसंद का भी उतना ही ध्यान रखना जरूरी है।
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जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार का कहना है कि अच्छी और बुरी खबरें आती-जाती रहती हैं। CMIE की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, FY27 की पहली तिमाही में प्राइवेट इन्वेस्टमेंट में 97% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। इसमें FY26 की पहली तिमाही के मुकाबले जबरदस्त बढ़त हुई है। यह कैपेक्स में बड़े बदलाव का संकेत है
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