ISRO को बड़ी सफलता! अब धरती की निगरानी करेगा भारत, आधी रात में लॉन्च हुआ पहला EOS-05 इमेजिंग सैटेलाइट
EOS 05 Imaging Satellite: भारत के लिए गर्व का विषय है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपना पहला विशेष इमेजिंग सैटेलाइट लॉन्च कर दिया है. इसमें EOS 05 सैटेलाइट लगाई लगी है. GSLV-F17 रॉकेट की मदद से आधी रात को मिशन लॉन्च किया गया.
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने करीब 8 महीने के लंबे अंतराल के बाद शुक्रवार को एक बार फिर बड़ी लॉन्चिंग की. श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से GSLV-F17/EOS-05 मिशन को सफलतापूर्वक रवाना किया गया. 51.7 मीटर लंबे GSLV-F17 रॉकेट ने शुक्रवार तड़के 2 बजकर 55 मिनट पर निर्धारित समय पर उड़ान भरी. रॉकेट ने सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लॉन्च पैड (SLP) से आसमान की ओर रफ्तार पकड़ी.
इस मिशन के लिए 27 घंटे की उल्टी गिनती बुधवार रात 11 बजकर 30 मिनट पर शुरू हुई थी. यह लॉन्चिंग चेन्नई से करीब 135 किलोमीटर दूर स्थित श्रीहरिकोटा से की गई. इस मिशन में GSLV-F17 के जरिए EOS-05 अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट को अंतरिक्ष में स्थापित किया जा रहा है। यह सैटेलाइट धरती की निगरानी और इमेजिंग से जुड़े कामों में उपयोगी होगा.
Mission Success!
— ISRO (@isro) September 3, 2026
GSLV-F17 has successfully accomplished its mission, placing EOS-05 into the intended orbit.
Sharing a few memorable moments from the lift-off.
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8 महीने बाद लॉन्च हुआ कोई मिशन
ISRO की इससे पहले आखिरी लॉन्चिंग जनवरी में PSLV-C62/EOS-N1 मिशन के दौरान हुई थी. इसके बाद करीब 8 महीने तक कोई लॉन्चिंग नहीं हुई. ऐसे में GSLV-F17 की उड़ान ISRO के लिए एक अहम मिशन मानी जा रही है.
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क्या है EOS-05 सैटेलाइट?
EOS-05 एक आधुनिक अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट है, यानी यह अंतरिक्ष से धरती की निगरानी और तस्वीरें लेने का काम करता है. यह जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से भारत का पहला इमेजिंग सैटेलाइट है.
लॉन्च व्हीकल: GSLV-F17
सैटेलाइट का प्रकार: अर्थ ऑब्जर्वेशन
मुख्य उपयोग: धरती की निगरानी और इमेजिंग
क्या है GSLV-F17 रॉकेट?
GSLV-F17 भारत के जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (GSLV) की 19वीं उड़ान है. इसमें 4 मीटर व्यास वाला ओजाइव कम्पोजिट पेलोड फेयरिंग लगाया गया है. GSLV-F17 ने EOS-05 सैटेलाइट को सब-जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (Sub-GTO) में स्थापित किया है. इसे सतीश धवन स्पेस सेंटर, SHAR के दूसरे लॉन्च पैड (SLP) से लॉन्च करने की योजना थी.
ISRO प्रमुख ने बताया रणनीतिक महत्व
ISRO प्रमुख डॉ. वी नारायणन ने GSLV-F17/EOS-05 मिशन को बड़ी उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि GSLV-F17 ने EOS-05 सैटेलाइट को उसकी तय कक्षा में सफलतापूर्वक और सटीक तरीके से स्थापित कर दिया है. उन्होंने बताया कि इस मिशन के जरिए GSLV से अब तक के सबसे भारी सैटेलाइट को कक्षा में भेजा गया है. सैटेलाइट के काम शुरू करने के बाद यह जियो ऑर्बिट से भारत का पहला खास इमेजिंग सैटेलाइट होगा. ISRO प्रमुख के मुताबिक, EOS-05 से मिलने वाला महत्वपूर्ण रणनीतिक डेटा देश के लिए काफी उपयोगी होगा। इससे भारत की अंतरिक्ष आधारित इमेजिंग और निगरानी क्षमता को मजबूती मिलेगी.
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