Responsive Scrollable Menu

भास्कर अपडेट्स:मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया के पास फेरी का इंजन बंद, 38 लोग सुरक्षित बचाए गए

मुंबई में गुरुवार रात गेटवे ऑफ इंडिया के पास समुद्र में एक फेरी का इंजन अचानक बंद हो गया। फेरी में 34 यात्री और 4 क्रू सदस्य सवार थे। घटना रात करीब 8:30 बजे हुई, जब फेरी ‘अनवारी’ समुद्री यात्रा पूरी कर वापस लौट रही थी और तट से करीब 1.5 नॉटिकल मील दूर फंस गई। पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आसपास चल रही नौकाओं से मदद मांगी। पास में मौजूद ‘आजाद हिंद’ नाव के संचालक जुनैद मुल्ला ने मौके पर पहुंचकर फेरी को खींचकर गेटवे ऑफ इंडिया के जेट्टी नंबर 2 तक पहुंचाया। रात करीब 9:30 बजे सभी 38 लोगों को सुरक्षित उतार लिया गया। हादसे में किसी को चोट नहीं आई। आज की अन्य बड़ी खबरें… मनी लॉन्ड्रिंग केस में मणिपुर के सलाइ ग्रुप की 14.69 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मणिपुर के सलाइ ग्रुप ऑफ कंपनीज, SMART सोसाइटी और उनसे जुड़े लोगों की 14.69 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति अटैच की है। इसमें जमीन, इमारतें, प्लांट-मशीनरी और औद्योगिक व व्यावसायिक इकाइयां शामिल हैं। ED के इम्फाल कार्यालय ने 2 सितंबर को अटैचमेंट ऑर्डर के बाद यह कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने 36% सालाना रिटर्न का वादा कर बिना वैध अनुमति लोगों से पैसा जमा किया और उसे 19 कंपनियों के जरिए घुमाया। ED के मुताबिक, कुल 76.63 करोड़ रुपए की अपराध से अर्जित आय का पता चला है, जिसका इस्तेमाल संपत्तियां खरीदने और अन्य खर्चों में किया गया। अब तक इस मामले में कुल 67.92 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच की जा चुकी है। मणिपुर में कांग्रेस नेता के घर के पास बम विस्फोट, जांच शुरू मणिपुर के थौबल जिले में कांग्रेस विधायक दल के नेता के. मेघचंद्र सिंह के यैरिपोक स्थित घर के गेट के पास गुरुवार रात करीब 8:15 बजे बम विस्फोट हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, किसी अज्ञात व्यक्ति ने घर के पास विस्फोटक फेंका था। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और तलाशी अभियान चलाया। विस्फोट के पीछे किसका हाथ है और उसका मकसद क्या था, इसका अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Continue reading on the app

नेपाल की तबाही में भारत बना सबसे बड़ा सहारा:5 खेप में 74 टन राहत भेजी; डॉक्टर, रेस्क्यू एक्सपर्ट और फोरेंसिक टीम भी पहुंचाई

नेपाल में ग्लेशियर टूटने के बाद आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। नेपाल और चीन के तिब्बत क्षेत्र में इस आपदा से 1200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। शहरों, सड़कों, पुलों और कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को भारी नुकसान पहुंचा है। बाढ़ के कुछ घंटों के भीतर ही भारत ने राहत सामग्री भेजनी शुरू कर दी थी। 3 सितंबर तक भारत पांच खेप में कुल 74 टन राहत सामग्री भेज चुका है, जिसमें करीब 5 टन जरूरी दवाइयां शामिल हैं। भारत की मदद सिर्फ राहत सामग्री तक सीमित नहीं रही। डॉक्टर, पैरामेडिक्स, बचाव दल, सुरंग विशेषज्ञ, बेली ब्रिज और फोरेंसिक एक्सपर्ट भी नेपाल भेजे गए हैं। यानी सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश से लेकर शवों की DNA जांच और पुनर्निर्माण तक भारत कई मोर्चों पर नेपाल की मदद कर रहा है। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने भी संसद में भारत की सहायता के लिए धन्यवाद दिया है। भारत की मदद से बना अस्पताल बाढ़ पीड़ितों के लिए बना सहारा नेपाल के नुवाकोट में नेपाल-भारत मैत्री भवन बाढ़ के बाद लोगों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आया है। इस इमारत में आयुर्वेद और वैकल्पिक अस्पताल भी है। भारत सरकार ने 2015 के भूकंप के बाद इस अस्पताल का पुनर्निर्माण कराया था। ऊंचाई पर स्थित होने की वजह से भोटेकोशी बाढ़ में घर छोड़ने को मजबूर सैकड़ों लोगों ने यहां शरण ली है। अस्पताल में 11 डॉक्टर बाढ़ प्रभावित लोगों का इलाज कर रहे हैं। यहां से जिले के अलग-अलग राहत केंद्रों में पहुंचाए गए लोगों को भी मेडिकल मदद दी जा रही है। जहां पुल बह गए, वहां बेली ब्रिज से फिर जुड़ेंगे रास्ते बाढ़ में कई सड़कें और पुल बहने से दूरदराज के इलाकों का संपर्क टूट गया है। इसे बहाल करने के लिए भारत नेपाल को बेली ब्रिज भेज रहा है। बेली ब्रिज लोहे के हिस्सों से तैयार होने वाला अस्थायी पुल होता है। इसके हिस्सों को प्रभावित इलाके तक ले जाकर मौके पर जोड़ा जा सकता है। इससे स्थायी पुल बनने का इंतजार किए बिना सड़क संपर्क जल्दी बहाल किया जा सकता है। भारतीय दूतावास के मुताबिक, 230 फीट लंबे सिंगल-लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के उपकरण लेकर 16 ट्रक नेपाल पहुंच चुके हैं। सात और बेली ब्रिज लगाने के लिए उपकरण भी जल्द भेजे जाएंगे। इन्हें लगाने के लिए तकनीकी टीमें भी नेपाल पहुंचेंगी। हाइड्रोपावर सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश में भारतीय एक्सपर्ट बाढ़ के बाद नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक हाइड्रोपावर सुरंगों में फंसे मजदूरों को ढूंढना है। नेपाल सरकार के मुताबिक कई सुरंगों में करीब 900 से ज्यादा कर्मचारियों के फंसे होने की आशंका है। 30 अगस्त को भारतीय सुरंग बचाव विशेषज्ञों की टीम नेपाल पहुंची। टीम नेपाली सेना के साथ मिलकर चिलिमे और लांगटांग के बाढ़ प्रभावित इलाकों में हाइड्रोपावर सुरंगों में कर्मचारियों की तलाश कर रही है। दिल्ली-एनसीआर के 'रैट माइनर्स' की टीम ने भी नेपाल के बचाव अभियान में शामिल होने की पेशकश की है। इसी टीम ने 2023 में उत्तराखंड की सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई थी। शवों के पहचान के लिए DNA जांच में भारत की मदद बाढ़ का पानी घटने के बाद अब नेपाल के सामने एक और बड़ी चुनौती बरामद शवों और लापता लोगों की पहचान करना है। इसके लिए भारत ने 19 सदस्यीय फोरेंसिक टीम नेपाल भेजी है। भारतीय विशेषज्ञ नेपाली टीम के साथ मिलकर DNA सैंपल की जांच कर रहे हैं। काठमांडू घाटी की दो लैब में यह काम किया जा रहा है। इनमें नेपाल पुलिस सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी और खुमलटार की नेशनल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी शामिल हैं। नेपाल पुलिस के मुताबिक मंगलवार शाम तक 1,068 शव बरामद किए जा चुके थे। इनमें करीब 400 मामलों में सिर्फ शरीर के कुछ हिस्से मिले हैं। ऐसे मामलों में DNA जांच के जरिए मृतकों की पहचान करना बेहद जरूरी हो गया है। बाढ़ में तबाह स्कूल को भी दोबारा बनाएगा भारत भारत की मदद राहत और बचाव अभियान तक सीमित नहीं है। भारत ने नुवाकोट के बिदुर में बाढ़ से क्षतिग्रस्त त्रिभुवन त्रिशूली सेकेंडरी स्कूल को दोबारा बनाने का फैसला भी किया है। यह स्कूल भारत-नेपाल सहयोग के लिहाज से भी अहम है। इसके पुराने भवन का संबंध भारत की विकास सहायता से रहा है। अब नई इमारत भी भारत के हाई इम्पैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत बनाई जाएगी। आपदा के समय पड़ोसी देशों के साथ खड़ा रहा है भारत नेपाल में मौजूदा राहत अभियान आपदा के समय दूसरे देशों की मदद करने की भारत की नीति की एक और मिसाल है। नेपाल में इस बार भी भारत की भूमिका सिर्फ शुरुआती राहत तक सीमित नहीं है। इलाज से लेकर बचाव, सुरंगों में तलाश, टूटे रास्तों को जोड़ने, शवों की पहचान और पुनर्निर्माण तक भारत नेपाल की मदद में हर स्तर पर जुटा है। ------------------ नेपाल बाढ़ से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… नेपाल बाढ़ में कैसे बचा 40 साल पुराना ‘हरा घर’: मालिक बोला- नींव मजबूत बनाई, नदी किनारे घर था इसलिए ज्यादा ध्यान दिया था नेपाल में 26 अगस्त को त्रिशूली नदी की बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। तेज बहाव में गाड़ियां, इमारतें और लोगों के सामान बह गए, लेकिन नुवाकोट जिले में नदी किनारे बना 40 साल पुराना हरा घर लगभग सुरक्षित बच गया। पूरी खबर पढ़ें…

Continue reading on the app

  Sports

2182 गेंदों पर 3000 रन, शेफाली वर्मा बनीं दुनिया की यंगेस्ट रन मशीन, टूटे कई दिग्गजों के रिकॉर्ड

Shafali verma 3000 T30I Runs: शेफाली वर्मा ने महिला टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे कम उम्र और सबसे तेज (2,182 गेंद) 3,000 रन पूरे करने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. पाकिस्तान के खिलाफ महिला एशिया कप 2026 के मुकाबले में उन्होंने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की. शेफाली ने एलिसा हीली और गैबी लुईस के रिकॉर्ड तोड़े. Sat, 5 Sep 2026 23:07:04 +0530

  Videos
See all

PM मोदी ने SRCC के पूर्व छात्रों की जमकर तारीफ, बोले- ‘धुरंधर न हों, लेकिन धूम तो मचाई है’ | #PMModi #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-05T18:30:52+00:00

Sparsh Shrivastava: फिल्म प्रमोशन में स्पर्श श्रीवास्तव का खास अंदाज #sparshshrivastava #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-05T18:45:35+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers