मौसम के बदलाव से मेरठ में बढ़ा वायरल फीवर: डॉक्टर से जानिए बचाव के टिप्स
आजकल वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ गया है. मेरठ में लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार के अनुसार मरीज आमतौर पर 4 से 5 दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ लोगों को ठीक होने में एक हफ्ते का समय लग जाता है. इस बुखार में मांसपेशियों में तेज दर्द, कमजोरी और थकान महसूस होती है. मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आरसी गुप्ता ने सलाह दी है कि बुखार, जुकाम या शरीर में दर्द के लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर को दिखाकर दवा लें. संक्रमण से बचने के लिए मास्क का इस्तेमाल करें और घर में बीमार व्यक्ति का तौलिया या कपड़े अलग रखें. थोड़ी सी सावधानी बरतकर और साफ-सफाई रखकर आप इस मौसम में खुद को और अपने परिवार को वायरल बीमारियों से सुरक्षित रख सकते हैं. इस वीडियो में आप इस बीमारी से कैसे बच सकते हैं, ये दिखिए विस्तार से..
रात 10 बजे के बाद शरीर में क्या-क्या बदलता है? शुरू हो जाती है बॉडी की ‘नाइट शिफ्ट’
Body Changes After 10 pm: रात के 10 बजते ही अगर आपको अचानक नींद आने लगे, आंखें भारी महसूस हों या शरीर आराम मांगने लगे, तो इसे सिर्फ दिनभर की थकान समझकर नजरअंदाज न करें. हमारे शरीर के भीतर इस समय एक अलग तरह की ‘नाइट शिफ्ट’ शुरू हो जाती है. दिनभर काम करने वाला शरीर धीरे-धीरे अपनी रफ्तार कम करता है और दिमाग, हार्मोन, पाचन तंत्र से लेकर शरीर के तापमान तक में बदलाव आने लगते हैं. यही वजह है कि देर रात तक मोबाइल चलाना, काम करना या खाना सिर्फ नींद का समय बिगाड़ने तक सीमित नहीं रहता. आइए समझते हैं कि रात 10 बजे के बाद शरीर के अंदर आखिर क्या-क्या बदलने लगता है.
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