Rajya Sabha चेयरमैन CP Radhakrishnan ने गठित की विभिन्न समितियां, खरगे भी शामिल
नयी दिल्ली, तीन सितंबर राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने बृहस्पतिवार को उच्च सदन के कुछ नवनिर्वाचित सदस्यों को विभिन्न संसदीय समितियों में नियुक्त किया। इनमें सामान्य प्रयोजन समिति भी शामिल है, जिसके सभापति राधाकृष्णन हैं। राधाकृष्णन ने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कुछ संसदीय समितियों के अध्यक्षों को सामान्य प्रयोजन समिति के लिए नामित किया।
इस समिति का काम सदन के कामकाज से जुड़े उन मामलों पर विचार करना और सलाह देना है, जिन्हें समय-समय पर सभापति इसके पास भेजते हैं। सामान्य प्रयोजन समिति में सभापति, उपसभापति, उपसभापतियों के पैनल के सदस्य, राज्यसभा की सभी संसदीय स्थायी समितियों के अध्यक्ष, राज्यसभा में मान्यता प्राप्त दलों और समूहों के नेता तथा सभापति द्वारा नामित किए गए अन्य सदस्य शामिल होते हैं। राज्यसभा के सभापति इस समिति के पदेन अध्यक्ष होते हैं।
सभापति ने खरगे के अलावा उपसभापतियों के पैनल में शामिल एम. थंबी दुरई (अन्नाद्रमुक) को भी समिति के लिए नामित किया। इसके अलावा संसदीय स्थायी समितियों के अध्यक्षों में से मुकुल वासनिक (कांग्रेस), तिरुचि शिवा (द्रमुक), मेधा विश्राम कुलकर्णी (भाजपा), के. लक्ष्मण (भाजपा), राघव चड्ढा (भाजपा) और रंजीत रंजन (कांग्रेस) को भी सामान्य प्रयोजन समिति में शामिल किया गया है। मान्यता प्राप्त दलों के नेताओं में से मानस रंजन मंगराज (बीजद) को तथा अन्य सदस्यों के रूप में सना सतीश बाबू (तेदेपा) और राजीव शुक्ला (कांग्रेस) को नामित किया गया है।
सभापति ने सना सतीश बाबू को कार्य मंत्रणा समिति के लिए नामित किया। इसके अलावा लक्ष्मीकांत बाजपेयी (भाजपा) और सुखेंदु शेखर रे (भाजपा) को नियम समिति में तथा तरुण चुग (भाजपा), मिथिलेश कुमार (भाजपा), भीम सिंह (भाजपा), अखिलेश प्रसाद सिंह (कांग्रेस) और तिरुचि शिवा को राज्यसभा की विशेषाधिकार समिति में नामित किया गया है। राधाकृष्णन ने एस. कल्याणसुंदरम (द्रमुक), मस्तान राव यादव बीदा (तेदेपा) और एल. के. सुदीश (डीएमडीके) को सदन समिति के लिए नामित किया।
इसके अलावा हरीस बीरन (आईयूएमएल) और राजीव शुक्ला को सरकारी आश्वासन समिति में तथा सुष्मिता देव (भाजपा), चुन्नीलाल गरासिया (भाजपा), स्वाति मालीवाल (भाजपा), हर्ष महाजन (भाजपा), नीरज डांगी (राजस्थान) और आई. एस. इंबादुरई (एआईएडीएमके) को अधीनस्थ विधान समिति के लिए नामित किया गया। इसके अलावा, एम. नागराज (भाजपा), मानसिंह मेरामन परमार (भाजपा), अजीत माधवराव गोपचड़े (भाजपा), खियांग्ते ललतलुआंगकिमा (जेडपीएम) और जेम्स पांगसांग कोंगल संगमा (एनपीपी) को सदन में प्रस्तुत पत्रों की समिति के लिए नामित किया गया। वहीं एस. आर. शिवलिंगम (द्रमुक) और संजय सेठ (भाजपा) को राज्यसभा की आचार समिति में तथा जॉन ब्रिटास (माकपा), जोस के. मणि (केसी(एम)) और उपेंद्र कुशवाहा (आरएलएम) को सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडीएस) समिति के लिए नामित किया गया है।
राज्यसभा सचिवालय की अधिसूचना में कहा गया, ‘‘राज्यसभा के सभापति ने तीन सितंबर को राज्यसभा सदस्य मानस रंजन मंगराज को आचार समिति का सदस्य नामित किया है। वह इसमें डॉ. सस्मित पात्रा के स्थान पर शामिल होंगे।
SPECIAL REPORT: नेपाल की बाढ़ ने कैलाश मानसरोवर का रास्ता किया तबाह, नुवाकोट से चीन बॉर्डर तक कई पुल बहे
Nepal Flood: नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने नुवाकोट से लेकर रसुवा और चीन सीमा की ओर जाने वाले रास्तों को भारी नुकसान पहुंचाया है. इस बाढ़ का असर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर भी पड़ सकता है. कई जगह सड़कें पूरी तरह बह गई हैं और रास्ते में बने पुल भी नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गए हैं.
त्रिशूली बाजार से करीब चार किलोमीटर आगे बढ़ते ही बाढ़ की तबाही का असली मंजर दिखाई देता है. जहां पहले सड़क हुआ करती थी, वहां अब सिर्फ मलबा नजर आता है. पानी की तेज लहर ने सड़क को पूरी तरह बहा दिया है और आगे का रास्ता खत्म हो गया है. तबाही सिर्फ सड़क तक सीमित नहीं रही. नदी का बहाव इतना तेज था कि उसने पहाड़ के हिस्से तक को काट दिया. पानी ने पहाड़ को चीरते हुए अपना रास्ता बनाया और फिर दो हिस्सों में बंटकर आसपास के इलाके में तबाही मचा दी.
कैलाश मानसरोवर यात्रा की राह में बड़ी मुश्किल #NepalTragedy #RescueOperation #GroundReport #NewsNation @nn_aamir pic.twitter.com/IShPFNGy9u
— News Nation (@NewsNationTV) September 3, 2026
जहां कभी घर, सड़क और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी थी, वहां अब सिर्फ मलबा और बर्बादी के निशान दिखाई दे रहे हैं. बाढ़ ने कई परिवारों से उनके घर और रोजी-रोटी तक छीन ली. इस पूरे इलाके में पुलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है. नुवाकोट-रसुवा क्षेत्र में करीब 18 पक्के पुलों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है. वहीं, मितेरी पुल से मलेखु तक करीब 35 पुलों के बहने की बात कही जा रही है.
इसके अलावा 30 अगस्त को त्रिशूली नदी में आई एक और बाढ़ ने घ्यालचोक-चारौदी का करीब 130 मीटर लंबा सस्पेंशन ब्रिज भी बहा दिया. इन हालातों में नुवाकोट से चीन बॉर्डर की तरफ जाने वाला रास्ता बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इसका सीधा असर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर पड़ सकता है. सड़क और पुलों के दोबारा तैयार होने तक यात्रियों को इस मार्ग से गुजरने में लंबा समय लग सकता है. नदी की एक भयानक लहर ने सिर्फ सड़क और पुल नहीं बहाए, बल्कि पूरे इलाके का नक्शा बदल दिया है. कैलाश मानसरोवर जाने वाले इस रास्ते पर टूटी सड़क और पुलों को दोबारा जोड़ना ही अब सबसे बड़ी चुनौती है.
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