Janmashtami 2026 Cake Design: जन्माष्टमी पर बनाएं कान्हा थीम वाले खूबसूरत केक, ये यूनिक Cake Designs आएंगे सबको पसंद
Janmashtami 2026 Cake Design: इस साल जन्माष्टमी का त्योहार कल यानी 4 सितंबर 2026 को मनाया जाने वाला है. इस वर्ष भगवान कृष्ण का 5253 वां जन्मदिन है. साधक इस दिन व्रत रखते हैं और रात्रि में जन्म के बाद व्रत खोलते हैं. जन्माष्टमी के दिन भक्त घर में प्रभु को 56 भोग अर्पित करते हैं. उन्हीं छप्पन भोगों में आजकल जन्माष्टमी स्पेशल केक ने भी अपनी जगह बना ली है. ये केक सात्विक होते हैं और इन पर स्पेशल कान्हा जी की डिजाइनिंग होती है. ऐसे में अगर आप भी कान्हा जी के हैप्पी बर्थडे पर केक बनाना चाहते हैं तो यहां देखें कुछ यूनिक डिजाइन्स.
ऐसे होने चाहिए जन्माष्टमी स्पेशल केक्स
आजकल जन्माष्टमी के मौके पर श्रीकृष्ण की थीम पर बने केक काफी पसंद किए जाते हैं. आप केक को मोरपंख, बांसुरी, मटकी, मक्खन और बाल गोपाल की थीम से सजा सकती हैं. इसके अलावा नीले, पीले और सफेद रंगों का कॉम्बिनेशन भी केक को बेहद आकर्षक लुक देता है. घर पर सेलिब्रेशन हो या बच्चों की जन्माष्टमी पार्टी, कृष्ण थीम केक हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच सकता है.
जन्माष्टमी स्पेशल केक डिजाइन
1.थ्री- टियर जन्माष्टमी केक
आप तीन लेयर्स वाला केक बना सकते हैं. इसमें नीचे हरियाली और उपवन के डिजाइन है फिर ऊपर मिट्टी वाली एक मंजिल बनाई गई है और सबसे ऊपर मटकी बनाई गई है. इस मटकी से माखन बाहर निकल रहा है जिसके लिए व्हाइट क्रीम का यूज किया गया है. केक को खूबसूरत बनाने के लिए मोरपंख के छोटे-छोटे डिजाइन बनाए गए हैं.
2.बाल-गोपाल केक
इस केक की मुख्य थीम बाल गोपाल और जन्माष्टमी से जुड़ी है. ये एक सिंगल टियर वाला गोल केक है. इस केक को नीले आसमानी और चमकीले क्रीम की लेयर दी गई है. केक के नीचे हरी क्रीम से घास बनाई गई है और साइड्स में वेवी लेयर्स बनाई गई है. केक को खास आकर्षण देने के लिए उस पर मोर पंख रखा गया है. पीले-सुनहरे रंग की बांसुरी रखी गई और लाल रंग की छोटी मटकी भी रखी है.
3.मटकी केक
जन्माष्टमी पर मटकी केक बना सकते हैं. मटकी का भगवान कृष्ण से खास संबंध है. जैसा की कथाओं में बताया जाता है कि भगवान कृष्ण बचपन में मटकी फोड़ कर माखन चुराते थे और खाया करते थे. इसलिए, जन्माष्टमी पर मटकी केक बना सकते हैं. इसके लिए ब्राउन कलर की मटकी के आकार का केक बनाएं. मटकी को सफेद रंग से सजा सकते हैं. उसके ऊपर सफेद क्रीम से माखन बनाएं. इसे और आकर्षक बनाने के लिए बांसुरी रख सकते हैं.
4.मुकुट डिजाइन केक
जन्माष्टमी पर आप बाल-गोपाल के लिए मुकुट डिजाइन वाला केक भी बना सकते हैं. ये गोल डिजाइन वाला सिंगल लेयर केक है. इसमें गोल केक के ऊपर नीली क्रीम है और हल्के नीले रंग से वेवी डिजाइन बनाया गया है. केक के चारों तरफ मोतियों की माला बनाई हुई है. इसके लिए केक डिजाइन वाली शाइनिंग बॉल्स का इस्तेमाल करें. मोर पंख से भी मुकुट को सजाएं. केक के सेंटर में बाहर की तरफ एक बड़ा मोर पंख रखे, जिससे ये बिल्कुल मुकुट जैसा दिखें.
5.मोर पंख केक
जन्माष्टमी पर आप कृष्ण जी के लिए स्पेशल मोर पंख वाले पैटर्न का केक बना सकते हैं. ये बड़ी फैमिली के लिए परफेक्ट केक है क्योंकि इसमें तीन लेयर्स है. पहली लेयर में सबसे नीचे बेस पर वेवी डिजाइन दिया गया है. पूरा केक गहरे नीले रंग का है. पहले लेयर के बाद दूसरी और तीसरी लेयर छोटी बनाई गई है. नीचे वाली केक की लेयर्स में बांसुरी रखी है और दूसरी तरफ छोटे से कान्हा और मटकी. दूसरे लेयर पर फूलों की माला बनाई गई है और सबसे ऊपर एक मोर बनाया गया है. मोर के सिर का ऊपरी हिस्सा प्लास्टिक का है. केक को एक तरफ से हर लेयर पर मोर पंख से कवर किया गया है.
Explainer: जिंदा राष्ट्रपति की तस्वीर वाले सिक्के पर बवाल, भारत समेत 5 देशों में क्या हैं नियम?
Trump Coin: अमेरिका में एक डॉलर के सिक्के ने पूरी दुनिया में सियासी हलचल मचा दी है. दरअसल, इस नए सिक्के में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का चेहरा है. अमेरिका में सोशल मीडिया पर ये सवाल उठ रहा है कि क्या किसी जीवित नेता की तस्वीर करेंसी पर छापना वाकई सही है? आइए आपको भारत समेत दुनिया के 5 देशों में सिक्कों पर तस्वीर और उन्हें जारी करने को लेकर क्या नियम हैं ये बताते हैं.
आखिर पूरा मामला क्या है?
अमेरिकी मीडिया के मुताबिक अमेरिकी टकसाल (US Mint) ने इसी हफ्ते नया गोल्डन कलर का एक डॉलर का सिक्का बाजार में उतारा है. इस सिक्के के एक तरफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का चेहरा छपा है, साथ में "लिबर्टी", "इन गॉड वी ट्रस्ट" और "1776-2026" लिखा है. अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि ये सिक्का अमेरिका की आजादी के 250 साल पूरे होने की याद में जारी किया गया है.
विवाद की असली जड़ क्या है?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका में एक पुरानी परंपरा और कानूनी प्रावधान है जिसके तहत जीवित व्यक्ति की तस्वीर सामान्य तौर पर करेंसी पर नहीं छापी जा सकती. बता दें यह नियम औपनिवेशिक दौर की उस सोच से निकला है जिसमें राजशाही जैसी छवि बनने से बचने की कोशिश की जाती थी. वहीं, आलोचकों का कहना है कि जीवित राष्ट्रपति का चेहरा सिक्कों पर लाना अमेरिकी लोकतांत्रिक परंपरा और गणतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है. कई अर्थशास्त्रियों और नेताओं ने इसे सत्ता के व्यक्तिगत प्रचार का जरिया करार दिया है.
United States Mint has launched the 2026 President Donald J. Trump $1 Coin. ???????? pic.twitter.com/U9MuOU8jLb
— Donald J Trump Posts TruthSocial (@TruthTrumpPost) September 2, 2026
क्या ट्रंप सरकार ने गैरकानूनी काम किया है, फिर सिक्का कैसे बना?
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इसके लिए 2020 में पारित एक कानून का सहारा लिया गया है. दरअसल, ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में इसे मंजूरी दी थी. इस कानून के तहत अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ मनाने के लिए खास डिजाइन वाले एक डॉलर के सिक्के ढालने की छूट दी गई थी. बताते चलें कि इस कानून में एक तकनीकी झोल भी है. कुछ अमेरिकी अखबारों में प्रकाशित खबरों की मानें तो नियम सिर्फ इतना कहता है कि सिक्के के पिछले हिस्से (रिवर्स साइड) पर किसी जीवित शख्स की सिर-कंधे वाली तस्वीर नहीं छप सकती. लेकिन ट्रंप की तस्वीर सिक्के के अगले हिस्से (ऑब्वर्स साइड) पर छापी गई है, जिससे तकनीकी तौर पर यह प्रावधान की सीधी अवहेलना नहीं मानी जा रही. उधर, इस बारे में अमेरिका के खजाना विभाग का तर्क है कि सिक्का डिजाइन पर सलाह देने वाली समिति (CCAC) ने इस पर विचार करने से इनकार किया था, इसलिए प्रशासन उनकी मंजूरी का इंतजार किए बिना आगे बढ़ गया.
क्या पहले भी किसी जीवित राष्ट्रपति की तस्वीर सिक्कों पर आई है?
पुरानी खबरों को टटाले तो हां, किसी जीवित राष्ट्रपति की तस्वीर सिक्कों पर आई है? लेकिन यह बेहद दुर्लभ मामला रहा है. एक रिपोर्ट के मुताबिक करीब सौ साल पहले की बात करें तो अमेरिका की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर तत्कालीन राष्ट्रपति कैल्विन कूलिज की तस्वीर वाला हाफ-डॉलर सिक्का जारी हुआ था. तब से लेकर अब तक किसी सत्ताधारी राष्ट्रपति की तस्वीर आम प्रचलन वाली करेंसी पर नहीं आई थी. यानी ट्रंप का यह सिक्का लगभग एक सदी बाद टूटी हुई परंपरा को दोबारा जिंदा करता है, जिस वजह से यह इतनी बड़ी बहस का विषय बना है.
Available for purchase today at 12PM ET: 2026 President Donald J. Trump $1 Coin. These coins are also in circulation, so check your pocket change. Collect them today! #CoinCollecting #America250https://t.co/g4eJes21ER pic.twitter.com/4OqkQ2sa9W
— United States Mint (@usmint) September 2, 2026
सिक्के की कीमत और बनावट क्या है?
यह सिक्का दिखने में सुनहरे रंग का जरूर है लेकिन असल में सोने से नहीं बना. इसकी बनावट में करीब साढ़े 88 फीसदी तांबा, 6 फीसदी जिंक, साढ़े 3 फीसदी मैंगनीज और 2 फीसदी निकल शामिल है. टकसाल ने इसे 25 सिक्कों के रोल के रूप में करीब 61 डॉलर में और 100 सिक्कों के बैग के रूप में करीब 154 डॉलर में बेचना शुरू किया है.
सोशल मीडिया पर मजाक क्यों बन गया यह सिक्का?
सिक्के पर लिखी तारीख "1776-2026" को लेकर सोशल मीडिया पर खूब मजे लिए जा रहे हैं. आलोचकों का कहना है कि यह लेखन ऐसा दिखता है मानो अमेरिका की स्थापना 1776 में हुई और उसका अंत 2026 में हो गया. जबकि असल में यह सिर्फ अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ (सेमीक्विनसेंटेनियल) दर्शाने के लिए लिखा गया है.
अब जानते हैं भारत में सिक्कों-नोटों पर तस्वीर छापने का नियम क्या है?
भारत में करेंसी नोट और सिक्कों के डिजाइन का फैसला भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और केंद्र सरकार मिलकर करते हैं. रिजर्व बैंक अधिनियम 1934 की धारा 22 के तहत नोट छापने का एकाधिकार सिर्फ RBI के पास है. वहीं, सिक्कों के डिजाइन में बदलाव करना पूरी तरह केंद्र सरकार का विशेषाधिकार है. नोट के डिजाइन में किसी भी संशोधन को RBI के केंद्रीय बोर्ड और केंद्र सरकार, दोनों की मंजूरी चाहिए होती है. बता दें भारत में परंपरा के तौर पर महात्मा गांधी की तस्वीर ही मुख्य नोटों पर छपती आई है, जबकि सिक्कों पर अशोक स्तंभ और राष्ट्रीय चिन्ह का इस्तेमाल होता है. किसी जीवित प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति की तस्वीर करेंसी पर छापने की कोई परंपरा या प्रस्ताव अब तक लागू नहीं हुआ है.
पाकिस्तान में सिक्कों-नोटों पर किसकी फोटो होती है?
पाकिस्तान में स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान द्वारा जारी हर नोट और सिक्के पर एक ही चेहरा नजर आता है. जानकारी के अनुसार ये चेहरा है पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना का. बता दें जिन्ना का निधन 1948 में हुआ था और उनकी तस्वीर एक दिवंगत नेता की मानी जाती है.
The U.S. Mint put its new Donald Trump $1 coin on sale Wednesday, giving collectors their first chance to buy the gold-colored coins directly from the government and marking the second time a sitting U.S. president has appeared on a coin.
— Forbes (@Forbes) September 2, 2026
: https://t.co/PlYgrKX5zZ
????: AP… pic.twitter.com/oWfEbypKTz
रूस में क्या परंपरा है, क्या पुतिन की फोटो सिक्कों पर आती है?
रूस की आम प्रचलन वाली करेंसी यानी रूबल के नोटों और सिक्कों पर आमतौर पर व्यक्तियों की जगह ऐतिहासिक इमारतों, शहरों और राष्ट्रीय प्रतीकों को जगह दी जाती है. नियमित सिक्कों पर रूस के राष्ट्रीय चिन्ह (दो सिरों वाला उकाब) का इस्तेमाल होता है. हालांकि 2014 में क्रीमिया के रूस में विलय की याद में एक स्मारक सिक्का जरूर जारी हुआ था, जिस पर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की तस्वीर थी. लेकिन यह आम बाजार में चलने वाला वैध मुद्रा सिक्का नहीं थी.
ब्रिटेन में जीवित राजा-रानी की फोटो सिक्कों पर क्यों होती है?
ब्रिटेन इस मामले में बाकी देशों से पूरी तरह अलग है. वहां सदियों पुरानी शाही परंपरा के तहत मौजूदा सम्राट की तस्वीर हमेशा सिक्कों पर छपती आई है, क्योंकि ब्रिटेन एक संवैधानिक राजतंत्र है.
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