Explainer: भारत के लिए क्यों खास है 300 साल पुराना दोस्त बेल्जियम, PM बार्ट् डी वेवर की यात्रा के दौरान इन मुद्दों पर बनेगी बात
India-Belgium Relations: भारत और बेल्जियम के रिश्ते करीब 300 साल पुराने हैं. बेल्जियम को लेकर एक फिर चर्चा शुरू हो रही है. इसकी वजह है बेल्जियम के पीएम का भारत दौरा. जी हां बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर तीन दिनों के लिए भारत दौरे पर आए हैं. दिल्ली में उनका स्वागत राज्य रक्षा मंत्री संजय सेठ ने किया. आज पीएम बार्ट पीएम मोदी के साथ दिल्ली में द्विपक्षीय बैठक करेंगे.
बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 2 से 4 सितंबर तक तीन दिवसीय भारत दौरे पर पहुंचे हैं. इस दौरे का मकसद भारत और बेल्जियम के रिश्तों को और मजबूत करना है. इस दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी. विदेश मंत्रालय ने X पर पोस्ट कर उनके भारत पहुंचने की जानकारी दी. मंत्रालय ने कहा कि यह दौरा दोनों देशों के बीच मजबूत और कई क्षेत्रों में फैली साझेदारी को और आगे बढ़ाने का मौका देगा.
20 साल बाद बेल्जियम पीएम का भारत दौरा
बेल्जियम PM बार्ट डी वेवर ने फरवरी 2025 में पद संभाला था. प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है. साथ ही, करीब 20 साल बाद किसी बेल्जियम के प्रधानमंत्री का भारत दौरा हो रहा है. डी वेवर के साथ बेल्जियम के रक्षा और विदेश व्यापार मंत्री थियो फ्रैंकन भी भारत आए हैं. उनके साथ अधिकारियों, कारोबारियों और बेल्जियम के रक्षा उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों का एक बड़ा दल भी मौजूद है. भारत दौरे के दौरान डी वेवर 3 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे. दोनों नेता भारत-बेल्जियम संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे.
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कल मुंबई दौरे पर रहेंगे पीएम वेवर
बेल्जियम के प्रधानमंत्री डी वेवर भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के एक व्यापारिक कार्यक्रम में मुख्य भाषण देंगे. नई दिल्ली में अपने कार्यक्रम पूरे करने के बाद डी वेवर 4 सितंबर को मुंबई जाएंगे. वहां वह हीरा कारोबार, बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स समेत अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े लोगों और प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे.
साल दर साल मजबूत होते जा रहे रिश्ते
पीएम वेवर की यह यात्रा 15 जुलाई 2026 को बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में हुए भारत-बेल्जियम के पहले मंत्रिस्तरीय रणनीतिक संवाद के बाद हो रही है. इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और बेल्जियम के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री मैक्सिम प्रीवोट ने की थी. वहीं मार्च 2025 में राजकुमारी एस्ट्रिड के नेतृत्व में बेल्जियम का एक बड़ा आर्थिक प्रतिनिधिमंडल भारत आया था. इसमें कंपनियों, व्यापारिक संगठनों, शिक्षाविदों और सरकारी संस्थानों से जुड़े 338 लोगों ने हिस्सा लिया था. इस दौरान दोनों देशों के बीच 38 समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर हुए थे.
300 साल पुराने हैं संबंध
ANI की रिपोर्ट के अनुसार, भारत और बेल्जियम के रिश्ते 300 साल से ज्यादा पुराने हैं. दोनों देशों ने सितंबर 1947 में राजनयिक संबंध स्थापित किए थे. नया रणनीतिक संवाद भारत और बेल्जियम के बीच सहयोग बढ़ाने का एक मंच है. इसके जरिए दोनों देश आपसी सहयोग से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मामलों पर भी चर्चा करेंगे.
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बेल्जियम भारत के लिए क्यों है महत्वपूर्ण?
बेल्जियम भारत में निवेश करने वाले अहम देशों में शामिल है. अप्रैल 2000 से दिसंबर 2025 के बीच बेल्जियम से भारत में करीब 4.2 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आया है. व्यापार और निवेश के अलावा, दोनों देश रक्षा और सुरक्षा, तकनीक और नवाचार, नवीकरणीय ऊर्जा, कनेक्टिविटी, बंदरगाह और समुद्री सहयोग के साथ-साथ लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी काम करना चाहते हैं.
विज्ञान और तकनीक भी भारत-बेल्जियम साझेदारी का एक अहम हिस्सा है. मार्च 2023 में नैनीताल स्थित एआरआईईएस (ARIES) में दुनिया की सबसे बड़ी लिक्विड मिरर टेलीस्कोप में से एक का उद्घाटन किया गया था. इसे बनाने में बेल्जियम की अंतरिक्ष कंपनी एएमओएस (AMOS) ने भी सहयोग किया था.
यूरोप में बेल्जियम सबसे अहम साझेदार
यूरोप में बेल्जियम भारत का एक अहम आर्थिक साझेदार है. वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच कारोबार 13.01 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है. दोनों देशों के व्यापार में हीरों का कारोबार महत्वपूर्ण है। बेल्जियम का एंटवर्प शहर दुनिया के बड़े हीरा कारोबार केंद्रों में शामिल है. नवीकरणीय ऊर्जा और स्वच्छ तकनीक के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ रहा है. बेल्जियम की कंपनी जॉन कॉकरिल आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में एक बड़े इलेक्ट्रोलाइजर प्लांट का निर्माण कर रही है. इसकी उत्पादन क्षमता करीब 2 गीगावाट होगी.
बेल्जियम यूरोप का एक बड़ा समुद्री और लॉजिस्टिक्स हब भी है. ऐसे में भारत और बेल्जियम के बीच बंदरगाह, शिपिंग और सप्लाई चेन के क्षेत्र में सहयोग की काफी संभावनाएं हैं. भारत के जहाजरानी मंत्रालय और एंटवर्प बंदरगाह प्राधिकरण के बीच हुए समझौते के तहत भारतीय बंदरगाह अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है.
रक्षा और आतंकवाद पर ये है सहयोग
रक्षा सहयोग भारत और बेल्जियम के रिश्तों का एक अहम हिस्सा बनकर उभरा है. बेल्जियम ने नई दिल्ली में रक्षा अताशे नियुक्त किया है, जिससे दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की उसकी रुचि साफ होती है. डी वेवर की भारत यात्रा के दौरान बेल्जियम के रक्षा और विदेश व्यापार मंत्री और रक्षा उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे. इससे भारत और बेल्जियम की रक्षा कंपनियों के बीच साझेदारी और सहयोग बढ़ाने का मौका मिलेगा.
दोनों देश आतंकवाद और सुरक्षा के मुद्दे पर भी एक-दूसरे के साथ सहयोग करते हैं. दोनों आतंकवाद और चरमपंथ के खिलाफ लड़ाई के लिए प्रतिबद्ध हैं. 2016 में ब्रुसेल्स में हुए आतंकी हमलों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेल्जियम का दौरा किया था. इसके अलावा, बेल्जियम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार के बाद भारत को स्थायी सदस्यता मिलने की उम्मीदवारी का समर्थन भी करता है.
शिक्षा में भी निभा रहे साथ
शिक्षा के क्षेत्र में भी भारत-बेल्जियम संबंध मजबूत हो रहे हैं. फिलहाल करीब 1,131 भारतीय छात्र बेल्जियम में पढ़ रहे हैं. दोनों देशों के कई विश्वविद्यालयों के बीच साझेदारी भी है. बेल्जियम में करीब 35,000 भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो दोनों देशों के बीच एक अहम कड़ी हैं. योग, संगीत और नृत्य की लोकप्रियता से सांस्कृतिक रिश्ते भी मजबूत हुए हैं. दोनों देशों के बीच प्रथम विश्व युद्ध की साझा विरासत भी महत्वपूर्ण है. युद्ध के दौरान फ्लैंडर्स में 9,000 से ज्यादा भारतीय सैनिकों ने जान गंवाई थी. यप्रेस के मेनिन गेट पर बना भारतीय स्मारक उनके बलिदान को याद करता है.
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'रामायण' के 'लक्ष्मण' से मुंहबोली बहन संग हुई गलती, अब मांगी माफी, बोले- 'भावनाओं में बह गया था', जानें वजह
Sunil Lahri Rakhi Controversy: इंडियन सिनेमा के मशहूर डायरेक्टर रामानंद सागर की 'रामायण' में 'लक्ष्मण' का किरदार निभाकर सुनील लहरी (Sunil Lahri) काफी पॉपुलर हुए. वह अपने बयानों को लेकर सोशल मीडिया पर अक्सर चर्चा में रहते हैं. हालांकि, इस बार वजह उनका बयान नहीं है बल्कि एक छोटी से भूल है. दरअसल, उन्होंने रक्षा बंधन के मौके पर अपनी मुंहबोली बहन से राखी बंधवाई थी. इस दौरान उनसे एक गलती हो गई थी. जिसको लेकर सोशल मीडिया पर काफी बहस देखने को मिली थी. अब उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर अपनी सफाई दी है. आइए जानते हैं कि उन्होंने क्या कहा.
मुंहबोली बहन से बंधवाई थी राखी
दरअसल, सुनील लहरी ने रक्षा बंधन के मौके पर एक वीडियो शेयर किया था. जिसमें वह अपनी मुंहबोली बहन सोनम से राखी बंधवाते हुए नजर आए थे. सोशल मीडिया पर लोगों ने मुंहबोली बहन के हाथों राखी बंधवाने के लिए उनकी खूब तारीफ की. एक्टर ने वीडियो शेयर लिखा था, 'मिलिए मेरी नई बहन से, इनका भाई नहीं है, इन्होने मुझे अपना भाई बनाने का अनुरोध किया है, इनका नाम सोनम है, कई सालों से मैं इन से फल खरीदता हूं, रिश्ते खून के ही नहीं, आदर और सम्मान के भी होते हैं.'
मुंहबोली बहन संग हुई गलती
वीडियो में सुनील अपनी मुंहबोली बहन से राखी बंधवाते समय सभी रीति-रिवाज फॉलो करते हुए दिखे. हालांकि, जब उनकी राखी बंधवाने की बारी आई तो उन्होंने अपने सीधे हाथ की कलाई की जगह अपना उल्टा हाथ आगे कर दिया. उस समय ना तो यह बात सुनील के ध्यान में रही और ना ही उनकी मुंहबोली बहन सोनम को पता थी. जब यह वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया तो लोगों ने इस चीज को नोटिस कर लिया और इस पर बहस शुरू हो गई है. कुछ लोगों ने कहा कि उन्हें इतना तो पता होना चाहिए कि राखी सीधे हाथ की कलाई में बांधी जाती है. वहीं, कुछ लोगों ने उनके सपोर्ट में कहा कि हो सकता है उन्हें यह बात याद ना रही हो. बहरहाल, अब इस पूरे मामले में उन्होंने अपनी सफाई दी है. उन्होंने वीडियो शेयर कर अपनी गलती मानी है.
मिलिये मेरी नई बहन से, इनका भाई नहीं है, इन्होने मुझे अपना भाई बनाने का अनुरोध किया है, इनका नाम सोनम है, कई सालों से मैं इन से फल खरीदता हूं, रिश्ते खून के ही नहीं, आदर और सम्मान के भी होते हैं
— Sunil lahri (@LahriSunil) August 29, 2026
Meet my new sister, she doesn't have a brother, she requested me to be her brother, pic.twitter.com/aHuptBYlFh
भावनाओं में बह जाने की वजह से हुई गलती
एक्टर ने वीडियो शेयर कहा कि उनसे यह गलती भावनाओं में बह जाने की वजह से हुई थी. उन्होंने कहा कि अगर भाव सही हो तो गलती माफ की जा सकती है. उन्होंने कहा, 'कभी-कभी भावुक होकर, भावनाओं में बहकर आप कुछ गलतियां कर बैठते हैं. परन्तु, आपके भाव सही हों तो वो गलतियां माफ करने लायक भी होती हैं. जैसे कि रक्षा-बंधन वाले दिन मैं भावुक हो गया था इस बात को सोचकर कि एक छोटी बच्ची, जिसने बचपन में अपने मां-बाप को खोया हो, जिसका कोई भाई नहीं है, आज वो मुझे भाई मानकर मेरे हाथ में राखी बांध रही है.'
लोगों ने पॉइंट आउट किया तब पता चला
उन्होंने आगे कहा कि यह बात उन्हें तब पता चली जब उनके घरवालों और आप लोगों ने पॉइंट आउट किया. उन्होंने कहा, 'इस भावुकता में मैं ये भी भूल गया कि मुझे सीधे हाथ में राखी बंधवानी चाहिए न कि उल्टे हाथ में. और मैंने अनजाने में उल्टा हाथ आगे कर दिया और सोनम ने मुझे उल्टे हाथ में राखी बांध दी. क्योंकि इससे पहले उसने कभी राखी बांधी ही नहीं, उसे इस बारे में पता ही नहीं. ये बात मुझे तब पता लगी जब मेरे घरवालों ने और आपमें से कुछ लोगों ने इस बात को पॉइंट आउट किया. मैं आप लोगों से यही कहूंगा कि मैं कोशिश करूंगा कि आगे इस तरह की कोई गलती न हो.'
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