ED Raids On NHAI Toll Plazas: एनएचएआई टोल प्लाजा फर्जीवाड़े में ईडी की बड़ी कार्रवाई; 7 राज्यों के 14 ठिकानों पर छापेमारी
सरकारी राजस्व को भारी चपत लगाने और नेशनल हाईवे पर अनधिकृत फर्जी सॉफ्टवेयर के माध्यम से टोल टैक्स वसूलने के गिरोह के खिलाफ ईडी ने शिकंजा पूरी तरह कस दिया है। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत शुरू की गई इस जांच के सिलसिले में लखनऊ जोनल ऑफिस की अगुवाई में टीमों ने एक साथ 14 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।
जांच के दौरान 1.03 करोड़ रुपये की अघोषित नकदी, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और फर्जी सॉफ्टवेयर के फॉरेंसिक साक्ष्य बरामद किए गए हैं।
समानांतर सॉफ्टवेयर और फर्जी FASTag का खेल
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी टोल ऑपरेटरों और आईटी कर्मियों की मिलीभगत से NHAI के आधिकारिक सिस्टम के समानांतर एक फर्जी सॉफ्टवेयर ऐप चलाया जा रहा था। इसके जरिए गाड़ियों और ओवरलोडेड कमर्शियल वाहनों से टोल वसूला जाता था, लेकिन रसीद फर्जी सॉफ्टवेयर से काटी जाती थी।
नतीजतन, वसूले गए कुल टोल टैक्स का महज 5 प्रतिशत हिस्सा ही सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज होता था और बाकी 95 प्रतिशत राशि को निजी व बेनामी बैंक खातों में डायवर्ट कर दिया जाता था।
यूपी एसटीएफ की एफआईआर के बाद सक्रिय हुई ईडी
यह पूरा मामला यूपी एसटीएफ (UP STF) द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के बाद सामने आया था। एनएचएआई के आंतरिक रिकॉर्ड्स और तकनीकी फॉरेंसिक जांच में भी इस समानांतर और अनधिकृत सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल की पुष्टि हुई थी।
इसके आधार पर ईडी के लखनऊ जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर जांच शुरू की और मास्टरमाइंड्स तक पहुंचने के लिए राज्यों के नेटवर्क को खंगालना शुरू किया।
मनी ट्रेल और मुख्य लाभार्थियों की तलाश जारी
छापेमारी के दौरान ईडी अधिकारियों ने सर्वर डेटा, बैंक खातों की जानकारी, फर्जी फास्टैग रसीदें और बेनामी संपत्तियों के कागजात जब्त किए हैं। ईडी अब इस घोटाले की मनी ट्रेल को ट्रैक कर रही है ताकि टोल संचालकों, भ्रष्ट अधिकारियों, बिचौलियों और आईटी विशेषज्ञों के बीच बांटी गई अवैध रकम के अंतिम लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके।
WhatsApp की इस गलती से खतरे में प्राइवेसी! बिना फोन अनलॉक किए देखी जा सकती हैं निजी तस्वीरें, जानें कैसे
WhatsApp Privacy Flaw: WhatsApp यूजर्स की प्राइवेसी को लेकर एक गंभीर खामी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ Android फोन में WhatsApp की वीडियो कॉल के जरिए फोन को अनलॉक किए बिना निजी तस्वीरों तक पहुंच बनाई जा सकती है। इसके लिए किसी खास तकनीकी जानकारी की जरूरत नहीं पड़ती। हालांकि, इस खामी का फायदा उठाने के लिए किसी व्यक्ति के पास फोन का फिजिकल एक्सेस होना जरूरी है।
वीडियो कॉल के जरिए खुल सकती है फोटो गैलरी
रिपोर्ट के अनुसार, अगर किसी लॉक Android फोन पर WhatsApp वीडियो कॉल आती है, तो फोन हाथ में रखने वाला व्यक्ति कॉल रिसीव कर सकता है। कॉल शुरू होने के बाद स्क्रीन पर मौजूद इफेक्ट्स वाले विकल्प पर टैप करने से कई ऑप्शन दिखाई देते हैं। इसके बाद बैकग्राउंड वाले विकल्प में ‘Create with Meta AI’ पर जाने पर नई तस्वीर बनाने या मौजूदा फोटो को एडिट करने का विकल्प मिलता है। यहां ‘Edit photo’ चुनने पर फोन की फोटो गैलरी खुल सकती है।
खास बात यह है कि इस दौरान फोन को पासकोड, पिन या फिंगरप्रिंट से अनलॉक करने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे फोन में सेव निजी तस्वीरों को देखा जा सकता है।
Google Pixel फोन पर किया गया परीक्षण
इस समस्या का परीक्षण Google Pixel 6 Pro पर किया गया। फोन में Android 17 और नया सुरक्षा अपडेट मौजूद था। परीक्षण के दौरान बिना किसी सुरक्षा जांच के फोन में सेव तस्वीरों को ब्राउज किया जा सका। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर Android फोन इस खामी से प्रभावित है। अलग-अलग कंपनियों के फोन में लॉक स्क्रीन और ऐप्स की अनुमति को संभालने का तरीका अलग होता है।
ये भी पढ़े-ः Redmi 17 5G Launch: ₹23,999 में आया धांसू फोन, मिलेगी 7,900mAh बैटर, 50MP कैमरा और 120Hz डिस्प्ले
Samsung Galaxy S25 Ultra पर नहीं चली ट्रिक
इसी तरीके को Samsung Galaxy S25 Ultra पर भी आजमाया गया। इस फोन में One UI 8.5 चल रहा था। यहां ‘Create with Meta AI’ विकल्प पर टैप करने के बाद फोन वापस लॉक स्क्रीन पर चला गया और पासकोड या बायोमेट्रिक पहचान मांगी गई। वहीं, Oppo K13 पर यही तरीका काम करने की जानकारी सामने आई है। इससे संकेत मिलता है कि यह समस्या सिर्फ Android के कारण नहीं है, बल्कि अलग-अलग कंपनियों के सॉफ्टवेयर और लॉक स्क्रीन की अनुमति से भी जुड़ी हो सकती है।
iPhone यूजर्स पर नहीं है असर
अच्छी बात यह है कि रिपोर्ट के मुताबिक यह खामी iPhone को प्रभावित नहीं करती। Apple के CallKit सिस्टम की वजह से लॉक स्क्रीन पर WhatsApp कॉल के दौरान इस तरह के विकल्प उपलब्ध नहीं होते।
यूजर्स क्या करें?
फिलहाल Android यूजर्स को सावधानी बरतनी चाहिए। अपने फोन में WhatsApp और सिस्टम का नवीनतम उपलब्ध अपडेट जरूर इंस्टॉल रखें। साथ ही, फोन को अनजान या भरोसा न करने वाले व्यक्ति के हाथ में देने से बचें। ध्यान रखें कि इस खामी का फायदा उठाने के लिए किसी व्यक्ति को फोन अपने हाथ में लेना जरूरी है। यानी कोई व्यक्ति दूर बैठकर इंटरनेट के जरिए आपके फोन की तस्वीरें एक्सेस नहीं कर सकता।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi



