हाईकोर्ट बोला- पत्नी का हर जगह साथ जाना जरूरी नहीं:उससे वोडाफोन एड वाले डॉग की तरह पति के पीछे-पीछे चलने की उम्मीद नहीं कर सकते
मद्रास हाईकोर्ट ने एक कपल के बीच विवाद की सुनवाई करते हुए कहा कि पत्नी से पति के पीछे वोडाफोन के एड वाले पग डॉग की तरह चलने की उम्मीद नहीं की जा सकती। कोर्ट ने कहा कि नौकरी या दूसरी वजहों से पति जहां जाए, पत्नी का हर बार उसके साथ जाना जरूरी नहीं है। यह मामला करीब 16 साल से अलग रह रहे कपल से जुड़ा है। पति नौकरी के लिए मुंबई चला गया था और पत्नी को साथ नहीं ले गया। फैमिली कोर्ट ने इसी आधार पर उसकी तलाक की याचिका खारिज कर दी थी, लेकिन हाईकोर्ट ने फैसला पलटते हुए तलाक मंजूर कर लिया। पति ने पत्नी पर लगाया था अवैध संबंध का आरोप पति ने तलाक की याचिका में पत्नी के किसी दूसरे व्यक्ति के साथ अवैध संबंध होने का आरोप लगाया था। हालांकि, हाईकोर्ट में जस्टिस जीआर स्वामीनाथन और जस्टिस एमडी सुमति की बेंच ने इस आरोप को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि जिस व्यक्ति को पत्नी का प्रेमी बताया गया, उसे मामले में पक्षकार नहीं बनाया गया था। ऐसे आरोप में दूसरे व्यक्ति को भी मामले में शामिल करना जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर इस आधार पर लगाया गया आरोप टिक नहीं सकता। फैमिली कोर्ट ने पति की याचिका क्यों खारिज की थी फैमिली कोर्ट का मानना था कि पति खुद पत्नी को छोड़कर नौकरी के लिए मुंबई चला गया था। उसने पत्नी को अपने साथ नहीं लिया, इसलिए वह अपने ही गलत आचरण का फायदा उठाकर तलाक नहीं मांग सकता। हाईकोर्ट ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 23(1)(a) में जिस ‘गलत’ आचरण की बात है, उसका मतलब गंभीर या न्याय और सही आचरण के खिलाफ होने वाला व्यवहार है। शादी 1992 में हुई थी, चार बच्चे हैं कपल की शादी सितंबर 1992 में हुई थी और उनके चार बच्चे हैं। मामले की सुनवाई के समय पति की उम्र 67 साल थी। कोर्ट ने यह भी पाया कि पत्नी ने पति के साथ दोबारा रहने के लिए कोई औपचारिक कदम नहीं उठाया था। उसने पति को वापस साथ रहने के लिए कोई पत्र या कानूनी नोटिस भी नहीं भेजा। कोर्ट ने समझौते की भी कोशिश की पीठ ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। कोर्ट ने कहा कि दोनों के बीच काफी कड़वाहट है और दोबारा साथ आने की कोई संभावना नहीं बची है। हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के राकेश रमन बनाम कविता मामले का हवाला देते हुए कहा कि लंबे समय तक अलग रहना, साथ न रहना और वैवाहिक रिश्ते का पूरी तरह खत्म हो जाना क्रूरता का आधार बन सकता है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने परिवार अदालत का फैसला रद्द कर दिया। पति को पत्नी के लिए 7 लाख रुपये गुजारा भत्ता जमा करने का निर्देश दिया गया। रकम जमा होने के बाद ही तलाक का आदेश प्रभावी होगा। यह खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
वांगचुक ने CJP के विदेशी कनेक्शन के आरोप खारिज किए:बोले- 94% फॉलोअर्स भारत से, जांच के लिए तैयार, विदेशी फंडिंग नहीं मानी
एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन से जुड़े विदेशी कनेक्शन के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने बताया कि अधिकारियों और लेफ्टिनेंट गवर्नर की ओर से आंदोलन को बांग्लादेश, पाकिस्तान और अमेरिका में बड़ी संख्या में समर्थन मिलने की बात कही जा रही थी। इसके बाद वांगचुक ने CJP के सोशल मीडिया फॉलोअर्स के डेटा की जांच की। उनके मुताबिक, विश्लेषण में सामने आया कि करीब 94% फॉलोअर्स भारत से थे, जबकि सिर्फ 6% दूसरे देशों से थे। उन्होंने यह बात प्रखर गुप्ता के पॉडकास्ट में कही। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
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