न्यूयॉर्क के फ्लशिंग मीडोज में खेले जा रहे US ओपन 2026 में दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी आर्यना सबालेंका ने महिला सिंगल्स के दूसरे राउंड में रूस की क्वालीफायर पोलिना यात्चेंको को 6-1, 6-1 से हराकर तीसरे राउंड में जगह बना ली। सबालेंका ने यह मुकाबला सिर्फ 53 मिनट में जीता। महिला वर्ग में तीसरी वरीयता प्राप्त जेसिका पेगुला भी आगे बढ़ीं, जबकि पुरुष सिंगल्स में सातवीं वरीयता वाले दानिल मेदवेदेव और आठवीं वरीयता प्राप्त बेन शेल्टन ने भी तीसरे दौर में जगह बनाई। सबालेंका ने 24 विनर्स लगाए, यूएस ओपन में लगातार 16वीं जीत डिफेंडिंग चैंपियन सबालेंका शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज में खेलीं। उन्होंने 24 विनर्स लगाए और पहला सेट 6-1 से अपने नाम किया। दूसरे सेट में यात्चेंको ने एक गेम जीता, लेकिन इसके बाद सबालेंका ने लगातार तीन गेम जीतकर मैच खत्म कर दिया। सबालेंका की यूएस ओपन में यह लगातार 16वीं जीत है। वह फ्लशिंग मीडोज में लगातार तीसरा खिताब जीतने की कोशिश में हैं। तीसरे दौर में उनका सामना उज्बेकिस्तान की कामिला रखिमोवा से होगा। पेगुला ने केनिन को 56 मिनट में हराया महिला सिंगल्स में तीसरी वरीयता प्राप्त जेसिका पेगुला ने हमवतन सोफिया केनिन को 6-3, 6-1 से हराया। पेगुला ने यह मुकाबला 56 मिनट में जीता। 2020 ऑस्ट्रेलियन ओपन चैंपियन केनिन को पूरे मैच में वापसी का ज्यादा मौका नहीं मिला। पेगुला अगले दौर में कनाडा की लेयला फर्नांडीज से खेलेंगी। फर्नांडीज ने थाईलैंड की मननचाया सावांगकाएव को 6-4, 6-1 से हराया। मेदवेदेव ने 14 एस लगाए, मैच में आईं दो चिड़ियां पुरुष सिंगल्स में सातवीं वरीयता प्राप्त दानिल मेदवेदेव ने अमेरिका के वाइल्ड कार्ड खिलाड़ी सेबेस्टियन गोर्ज़नी को 6-1, 6-3, 7-5 से हराया। मेदवेदेव ने 14 एस लगाए और जिस एक ब्रेक पॉइंट का सामना किया, उसे बचा लिया। मैच के दौरान लुई आर्मस्ट्रांग स्टेडियम में नेट पर दो छोटी चिड़ियां आ बैठीं। इस वजह से एक पॉइंट दोबारा खेलना पड़ा और मेदवेदेव इस फैसले से नाराज भी दिखे। शेल्टन ने हुरकाज को हराया, नाकाशिमा बाहर आठवीं वरीयता प्राप्त बेन शेल्टन ने पोलैंड के हुबर्ट हुरकाज को कड़े मुकाबले में 6-3, 5-7, 7-6 (3), 7-5 से हराया। शेल्टन यूएस ओपन में लगातार चौथी बार तीसरे दौर में पहुंचे हैं। वहीं, 16वीं वरीयता प्राप्त अमेरिका के ब्रैंडन नाकाशिमा को उनके ही देश के एलेक्स माइकलसन ने 6-3, 6-4, 6-4 से हराकर बाहर कर दिया। बारिश से बाहरी कोर्ट पर खेल प्रभावित न्यूयॉर्क में बारिश के कारण बाहरी कोर्ट पर मुकाबले प्रभावित हुए। कुछ मैचों को रोकना पड़ा, जबकि आर्थर ऐश और लुई आर्मस्ट्रांग स्टेडियम के कवर होने के कारण वहां मुकाबले जारी रहे। बारिश की वजह से टूर्नामेंट के पहले दौर के कुछ मैच भी बुधवार तक खिंच गए। छठी वरीयता प्राप्त ऑस्ट्रेलिया के एलेक्स दे मिनाउर ने इटली के एंड्रिया गुएरिएरी को 6-2, 6-2, 6-4 से हराया। यह उनका पहले दौर का मुकाबला था, जो बारिश के कारण टल गया था। वहीं, चीन के लकी लूजर बु युंचाओकेते ने 12वीं वरीयता प्राप्त स्पेन के राफेल जोदार को 6-2, 6-1, 6-1 से हराकर उलटफेर किया। अल्काराज का मुकाबला भी बुधवार रात डिफेंडिंग पुरुष चैंपियन कार्लोस अल्काराज ने दूसरे दौर में पुर्तगाल के जाइमे फारिया का सामना किया। यह मुकाबला सबालेंका के बाद आर्थर ऐश स्टेडियम में खेला गया।
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अमेरिका और ईरान के बीच गहराते सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अब तक के सबसे बड़े सुरक्षा ऑपरेशनों में से एक को अंजाम दिया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, एक ही दिन में लगभग 1.8 करोड़ बैरल कच्चा तेल ले जा रहे 40 कमर्शियल जहाज़ों को अमेरिकी सैन्य सुरक्षा (Escort) के तहत सुरक्षित जलमार्ग से निकाला गया। युद्ध शुरू होने के बाद से इसे एक रिकॉर्ड ऑपरेशन माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पिछले छह महीनों से जारी संघर्ष से पहले इस रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण जलमार्ग से रोजाना लगभग 2 करोड़ बैरल कच्चा तेल गुज़रता था।
CNN ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि मंगलवार को चलाए गए ऑपरेशन के दौरान, अमेरिका ने हवा, समुद्र और अंतरिक्ष-आधारित साधनों का इस्तेमाल किया। साथ ही, ड्रोन हमलों से जहाज़ों की सुरक्षा करते हुए ईरान की कमर्शियल जहाज़ों को निशाना बनाने की क्षमता को कम करने के लिए हमले भी जारी रखे।
एक अधिकारी ने बताया कि एस्कॉर्ट ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी सेना ने एंटी-शिप क्रूज़ मिसाइलों को भी नाकाम कर दिया। यह ऑपरेशन ऐसे समय में हुआ है जब ट्रंप प्रशासन ने अपनी युद्ध रणनीति का ज़्यादातर ध्यान होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर केंद्रित किया है। इस रणनीति में अहम जलमार्ग के आसपास ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले करना, जलडमरूमध्य से कमर्शियल जहाज़ों को सुरक्षा देना और ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक घेराबंदी बनाए रखना शामिल है। अधिकारियों ने इसे ईरान के नेतृत्व पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए "फुल कोर्ट प्रेस" (हर तरह से दबाव बनाने की कोशिश) का नाम दिया है।
ऑपरेशन सफल होने के बावजूद, अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इस संघर्ष का जल्द समाधान होने की संभावना कम है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ऊर्जा कंपनियाँ अब भी सैन्य सुरक्षा के बावजूद होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने को बहुत जोखिम भरा मानती हैं।
इस जलमार्ग से जहाज़ों की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों को भी प्रभावित कर रही हैं। ऊर्जा की कीमतें ऊँची बनी हुई हैं, जिससे वैश्विक बॉन्ड बाज़ार में अस्थिरता बढ़ रही है।
इस बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में संकेत दिया है कि वह ईरान के अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को ज़मीन के नीचे ही रहने देने और सैटेलाइट तस्वीरों के ज़रिए उस पर नज़र रखने को तैयार हैं। पिछले साल ईरान की तीन प्रमुख परमाणु सुविधाओं पर अमेरिकी हमलों के दौरान यह सामग्री पूरी तरह नष्ट नहीं हुई थी।
ट्रंप की ये बातें उनके पहले के रुख से बदलाव दिखाती हैं, जब उन्होंने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम को सुरक्षित करना इस संघर्ष की मुख्य प्राथमिकताओं में से एक बताया था। अमेरिकी सेना ने होर्मुज़ के आस-पास 60 ठिकानों पर हमला किया
CNN की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को अमेरिका ने अपनी मौजूदा रणनीति के तहत कई मोर्चों पर एक साथ सैन्य अभियान चलाया। इसमें होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आस-पास लगभग 60 सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए और साथ ही कमर्शियल जहाजों को उस जलमार्ग से सुरक्षित निकाला गया।
इन ठिकानों में एयर डिफेंस सिस्टम, रडार सिस्टम, समुद्री सैन्य संसाधन, बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमता और कम्युनिकेशन साइट्स शामिल थीं।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि सेना इस जलडमरूमध्य के पास आक्रामक अभियान जारी रखेगी, क्योंकि ईरान ने अपनी सैन्य क्षमताओं को फिर से बनाने और बहाल करने की क्षमता दिखाई है।
एक अधिकारी ने इस लगातार चल रहे अभियान की तुलना "घास काटने" या "व्हैक-ए-मोल" (whack-a-mole) गेम से की। उन्होंने बताया कि ईरान को कमर्शियल जहाजों के लिए खतरा पैदा करने की क्षमता फिर से हासिल करने से रोकने के लिए बार-बार हमले करने की ज़रूरत है।
ईरान पर नए हमलों के बारे में ट्रंप
बुधवार को ओवल ऑफिस से बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के हालिया हमलों में सिर्फ़ ईरानी रडार सिस्टम को ही निशाना नहीं बनाया गया, बल्कि इसका मकसद तेहरान की उस क्षमता को और कम करना भी था जिससे वह होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले जहाजों पर नज़र रखता है। ट्रंप ने कहा, "वे जहाजों को देखने की कोशिश कर रहे थे। वे उन्हें नहीं देख सकते क्योंकि उनके पास रडार नहीं है, क्योंकि हमने उसे उड़ा दिया था, और कल रात हमने उनके रडार से कहीं ज़्यादा चीज़ें तबाह कर दीं।"
ट्रंप ने इस अभियान के दौरान निशाना बनाए गए अन्य ठिकानों के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं दी। हालांकि, उन्होंने फिर ज़ोर देकर कहा कि अमेरिका का इस रणनीतिक रूप से अहम जलमार्ग पर नियंत्रण बना हुआ है। उन्होंने यह भी दिखाया है कि वे तट के किनारे ईरानी सैन्य संसाधनों पर हमला करने के साथ-साथ कमर्शियल जहाजों को हमलों से बचाने में भी सक्षम हैं। होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम रणनीतिक शिपिंग रूट में से एक बना हुआ है। इस जलमार्ग के आस-पास लगातार हो रहे सैन्य टकराव ने ग्लोबल ऑयल सप्लाई, एनर्जी की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार पर इस संघर्ष के व्यापक असर को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
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