एआई से स्टार्टअप्स की रफ्तार बढ़ेगी, दुनिया देखेगी उद्यमिता का सबसे बड़ा उछाल: सैम ऑल्टमैन
चैपल हिल (नॉर्थ कैरोलिना), 2 सितंबर (आईएएनएस)। ओपनएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सैम ऑल्टमैन ने अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक के साथ एक संवाद कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की ताकत से रूबरू कराया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिस काम में पहले लगभग तीन महीने लगते थे, एआई वह काम अब कुछ ही मिनटों में कर सकता है।
सैम ऑल्टमैन ने कहा, मेरा मानना है कि यह उद्यमिता, छोटे व्यवसायों के निर्माण और उनके विकास के क्षेत्र में दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा उछाल साबित होगा।
ऑल्टमैन ने कहा, जिस काम को हम किसी स्टार्टअप से तीन महीने में पूरा होने की उम्मीद करते थे, वह अब कोडेक्स की मदद से लगभग 17 मिनट में हो सकता है। यह बेहद आश्चर्यजनक है। दुनिया अभी तक इस बात को पूरी तरह समझ नहीं पाई है कि इसका क्या मतलब होने वाला है।
ओपनएआई की स्थापना से पहले ऑल्टमैन एक स्टार्टअप एक्सेलेरेटर का संचालन करते थे। उन्होंने कहा कि उनके अनुभव ने उन्हें यह विश्वास दिलाया कि पूंजीवादी व्यवस्था में उद्यमिता सबसे महत्वपूर्ण शक्तियों में से एक है और तकनीकी क्षेत्र के कई बड़े विचार स्टार्टअप्स से ही निकलते हैं, न कि बड़ी कंपनियों से। उन्होंने कहा कि एआई ने किसी विचार को उत्पाद में बदलने, उसका परीक्षण करने और ग्राहकों से प्रतिक्रिया लेने की प्रक्रिया को बेहद आसान और तेज बना दिया है।
ओपनएआई के सीईओ ने कहा कि पहले कई प्रतिभाशाली लोग पूंजी की कमी, विशेषज्ञों को नियुक्त न कर पाने, नई तकनीक विकसित करने या जटिल सप्लाई चेन संभालने जैसी चुनौतियों के कारण अपने विचारों को आगे नहीं बढ़ा पाते थे। अब AI इन बाधाओं को काफी हद तक दूर कर सकता है।
उन्होंने कहा, अगर आपके पास कोई शानदार आइडिया है, लेकिन आपके पास पर्याप्त संसाधन, पूंजी या विशेषज्ञ नहीं हैं या आपको नई तकनीक विकसित करने और जटिल सप्लाई चेन संभालने में दिक्कत आती है, तो एआई आपकी मदद कर सकता है।
ऑल्टमैन ने कपड़े धोने की सेवा देने वाले एक व्यक्ति का उदाहरण देते हुए बताया कि जिसका व्यवसाय मुश्किल दौर से गुजर रहा था। उस व्यक्ति ने मार्केटिंग सामग्री तैयार करने, कानूनी अनुबंधों पर सलाह लेने और आपूर्तिकर्ताओं के साथ संबंध प्रबंधन के लिए चैट जीपीटी का उपयोग किया।
ऑल्टमैन ने कहा, वह पहला व्यक्ति था जिससे मैं मिला, जिसने एआई का इस्तेमाल करके अपने व्यवसाय को प्रभावी ढंग से चलाना सीख लिया था।
उन्होंने बताया कि यह घटना चैट जीपीटी के शुरुआती दौर की है, जब यह तकनीक आज की तुलना में काफी कम सक्षम थी। इसके बाद व्यवसायों में, खासकर कोडिंग एजेंट्स और कार्यालयी कामकाज में मदद करने वाले एआई एजेंट्स के आने के बाद एआई का उपयोग तेजी से बढ़ा है। 2025 में हमने कोडिंग एजेंट्स और व्हाइट-कॉलर वर्क एजेंट्स के साथ इसका तेज विस्तार देखा।
उन्होंने भविष्यवाणी की कि अगला बड़ा बदलाव दीर्घकालिक एआई एजेंट्स के रूप में आएगा, जो स्थायी वर्चुअल सहकर्मियों की तरह लोगों और कंपनियों के साथ लगातार काम करेंगे।
ऑल्टमैन ने कहा कि एआई जहां बड़ी कंपनियों और सरकारों को बदल देगा, वहीं उद्यमियों को सशक्त बनाने की इसकी क्षमता सबसे अधिक महत्वपूर्ण है।
यह अधिक लोगों को बड़ी कंपनियों का छोटा हिस्सा बनने के बजाय स्वतंत्र व्यवसाय स्थापित करने में सक्षम बना सकता है। उद्यमियों और नए विचारों को तेजी से दुनिया तक पहुंचाने में एआई जो भूमिका निभा सकता है, वह वास्तव में अद्भुत है।
ऑल्टमैन ने जी20 प्रतिनिधियों से भी कहा कि अलग-अलग देश एआई के नियमन के लिए अपनी-अपनी नीतियां अपना सकते हैं और वे चाहें तो अपने डेटा सेंटर बना सकते हैं या कहीं और से कंप्यूटिंग क्षमता किराये पर ले सकते हैं, लेकिन प्रतिस्पर्धी बने रहने और अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए हर अर्थव्यवस्था को एआई का उपयोग करना होगा।
--आईएएनएस
वीसी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
सांसद राघव चड्ढा का पंजाब ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से कटा नाम, चुनाव आयोग ने बताई ये वजह
Punjab Voter List: आप पार्टी से बीजेपी में शामिल हुए राघव चड्ढा को बड़ा झटका लगा है. पंजाब में चल रहे मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण (SIR) के दौरान राघव चड्ढा का नाम पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से काट दिया गया है. चुनाव आयोग ने इस कार्रवाई के पीछे कारण भी बताया है. मामले में राघव चड्ढा ने आपत्ति जताई है.
पंजाब में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) यानी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 25 जून 2026 से शुरू हुआ था. पंजाब में करीब 23 साल बाद (इससे पहले 2003 में) यह प्रक्रिया दोबारा शुरू की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले राज्य की मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, सटीक और अपडेट करना है. इसी प्रक्रिया के दौरान सांसद राघव चड्ढा का नाम हटा दिया गया है. कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए सांसद राघव चड्ढा ने पंजाब सरकार को घेरे में लिया है. उन्होंने इसे राजनीति बताया है.
चुनाव आयोग ने बताया ये कारण?
मामले पर बयान सामने आया कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया के तहत राघव चड्ढा का नाम ASSD श्रेणी में दर्ज किया गया है. ASSD का मतलब है अनुपस्थित, स्थानांतरित या मृत. उनके मामले में स्टेटस "स्थायी रूप से स्थानांतरित" (Permanently Shifted) दर्ज किया गया है.
राघव चड्ढा ने पंजाब सरकार पर साधा निशाना
मामले में राघव चड्ढा ने पंजाब सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने एक्स प्लेटफॉर्म पर लिखा कि पंजाब में AAP सरकार अब अपनी बदले की राजनीति को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट (मतदाता सूची) तक ले आई है. कहा कि मैं पंजाब से राज्यसभा का मौजूदा सांसद हूं और मेरा वोटर ID पंजाब के मोहाली में रजिस्टर्ड है. फिर भी, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में मेरा नाम "शिफ्टेड" (यानी दूसरी जगह चले जाने वाला) दिखाया गया है.
राघव ने कहा कि अच्छी बात यह है कि ये सिर्फ ड्राफ्ट वोटर लिस्ट है, फाइनल वोटर लिस्ट नहीं. 'दावे और आपत्तियों' (Claims and Objections) की प्रक्रिया के दौरान नामों में सुधार किया जाता है, और यह प्रक्रिया अभी चल रही है. फाइनल वोटर लिस्ट अक्टूबर 2026 में जारी की जाएगी. मैं पहले से ही SIR गाइडलाइंस के तहत उपलब्ध उपायों का इस्तेमाल करने की प्रक्रिया में हूं. कहा कि यह महज कोई क्लर्क की गलती नहीं लगती. यह साफ तौर पर राजनीतिक बदले की भावना का मामला है.
राज्यसभा सदस्यता पर उठने लगे सवाल
वोटर लिस्ट से नाम कटने के बाद राघव चड्ढा की राज्यसभा सदस्यता को लेकर सवाल उठने लगे हैं. चड्ढा ने चुनाव आयोग की इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है और आम आदमी पार्टी के खिलाफ इसे सोची-समझी साजिश करार दिया है. वहीं, आम आदमी पार्टी का कहना है कि यह चुनाव आयोग की प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है. मामले में चुनाव आयोग की कार्रवाई के राजनीतिक असर को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है.
The AAP government in Punjab has now taken its politics of revenge to the Draft Electoral Rolls.
— Raghav Chadha (@raghav_chadha) September 3, 2026
I am a sitting Rajya Sabha MP from Punjab, with my voter ID registered in Mohali, Punjab. Yet my name has been classified as “shifted” in the draft electoral rolls.
Thankfully,… pic.twitter.com/laAFAAWYiQ
राघव चड्ढा ने उठाए सवाल
राघव ने पोस्ट में सवाल पूछते हुए लिखा कि मुझे 'शिफ्टेड' किसने मार्क किया? AAP की पंजाब सरकार के एक अधिकारी ने. उस क्लासिफिकेशन को किसने वेरिफाई किया? फिर से, AAP की पंजाब सरकार के ही एक अधिकारी ने. कहा कि इसे ऊंचे स्तर पर किसने प्रोसेस किया? एक बार फिर, AAP की पंजाब सरकार के उसी अधिकारी ने.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation








