तेलंगाना में भीषण सड़क हादसा: ट्रक से भिड़ी 43 यात्रियों से भरी बस, 6 की मौत; कई घायल
Telangana Bus Accident: तेलंगाना के सूर्यापेट जिले में बुधवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि कई यात्री घायल हुए हैं। हादसा उस समय हुआ जब हैदराबाद से विजयवाड़ा जा रही एक निजी ट्रैवल बस चलते हुए ट्रक से टकरा गई। बस में कुल 43 यात्री सवार थे।
पुलिस के मुताबिक, दुर्घटना सुबह करीब 5:20 बजे दुर्गापुरम स्टेज के पास हुई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस में सवार कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे और घायलों को आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया।
इस दुर्घटना में छह यात्रियों की मौके पर ही या इलाज के दौरान मौत होने की जानकारी सामने आई है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए मुर्दाघर भेज दिया गया है। वहीं, घायल यात्रियों का अलग-अलग अस्पतालों में उपचार चल रहा है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि हादसे की वजह का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
सीएम रेवंत रेड्डी ने जताया दुख
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सूर्यापेट सड़क हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज के लिए हर संभव कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, रेवंत रेड्डी ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और अधिकारियों को घायलों को सर्वोत्तम संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने मुख्य सचिव को भी हादसे में घायल लोगों के इलाज की व्यवस्था की निगरानी करने और प्रभावित परिवारों को आवश्यक मदद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
हादसे की जांच जारी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, निजी बस हैदराबाद से विजयवाड़ा की ओर जा रही थी। इसी दौरान कोडाडा मंडल के द्वारकुंट इलाके के पास कंटेनर/ट्रक से उसकी टक्कर हो गई। फिलहाल पुलिस हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने में जुटी है।
Swine Flu Delhi NCR: दिल्ली-एनसीआर में स्वाइन फ्लू का कहर; दिल्ली में 2308 मरीज तो नोएडा में 24 घंटे में 8 गुना बढ़े केस
दिल्ली-एनसीआर में स्वाइन फ्लू और मौसमी बीमारियों का प्रकोप लगातार गंभीर रूप लेता जा रहा है। दिल्ली में स्वाइन फ्लू के कुल मामले बढ़कर 2,308 हो चुके हैं, जबकि इन्फ्लुएंजा ए और बी के मरीजों की संख्या 3,000 के पार पहुंच गई है।
इसके साथ ही पड़ोसी जिले गौतमबुद्ध नगर में अचानक संक्रमण में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है, जहां महज 24 घंटे के अंदर 105 नए मरीज सामने आने से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने दिए निर्देश, जमीन पर दिखे तैयारियों का असर
बढ़ते मामलों को लेकर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने अंतर-विभागीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अस्पतालों की तैयारियां, सर्विलांस और दवाओं की व्यवस्था केवल कागजों और रिपोर्टों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका असर धरातल पर दिखना चाहिए।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष H1N1 प्रमुख सबटाइप के रूप में सामने आ रहा है, जबकि पिछले वर्ष H3N2 का प्रभाव अधिक था। इसके अलावा राजधानी में डेंगू के 570 और मलेरिया के 215 मामले दर्ज हुए हैं, हालांकि राहत की बात यह है कि इनसे किसी भी मरीज की जान नहीं गई है।
केंद्र सरकार से मिला सहयोग, सर्विलांस और टेस्टिंग मजबूत करने के आदेश
स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी दी कि हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ हुई बैठक में केंद्र सरकार ने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। केंद्र की एडवाइजरी सभी अस्पतालों और संबंधित विभागों को भेज दी गई है।
इसके साथ ही गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण (SARI) और इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारियों (ILI) की निगरानी को और तेज किया जा रहा है, ताकि मामलों की समय पर पहचान हो सके और मरीजों को एंटीवायरल दवाएं तुरंत उपलब्ध कराई जा सकें। वहीं डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए फॉगिंग और कीटनाशक छिड़काव अभियान को तेज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
नोएडा में 24 घंटे में आठ गुना उछाल, स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन जारी
गौतमबुद्ध नगर जिले में स्थिति तेजी से बिगड़ी है, जहां सोमवार तक सिर्फ 15 मरीज थे, वहीं मंगलवार को 105 नए मामले आने से कुल संक्रमितों की संख्या 120 पर पहुंच गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी के अनुसार, अधिकांश मामलों की पुष्टि निजी अस्पतालों की जांच में हुई है।
जिले में स्वाइन फ्लू के लिए अलग से विशेष लैब न होने के चलते नमूनों की जांच पीजीआई में कराई जा रही है। जिला अस्पताल में भी फ्लू के लक्षणों वाले मरीजों की कतारें बढ़ रही हैं।
जांच और सतर्कता को लेकर स्वास्थ्य विभाग की अपील
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्वाइन फ्लू की जांच अपेक्षाकृत महंगी होने के कारण कई संदिग्ध मरीज समय पर टेस्ट नहीं करा पा रहे हैं, जिससे वास्तविक मामलों की संख्या और अधिक हो सकती है।
विभाग ने आम जनता से अपील की है कि तेज बुखार, खांसी, गले में खराश या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण महसूस होने पर घबराएं नहीं और बिना डॉक्टरी सलाह के कोई दवा न लें। किसी भी तरह की समस्या होने पर तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाकर जांच कराएं।
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