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टूटे हुए पेड़ के सहारे स्कूल जाने को मजबूर बच्चे:ग्रामीणों ने पेड़ पर बांस और कील ठोककर रास्ता बनाया, बारिश में लकड़ी से बना पुल ढहा

राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले की दलोट (दलौद) तहसील के अंतर्गत आने वाले उदयाखेड़ी गांव में स्कूली बच्चों के लिए आने-जाने का कोई पक्का रास्ता या पुल नहीं है। ये बच्चे एक टूटे हुए पेड़ के सहारे स्कूल जाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बनाया अस्थायी रास्ता एक गिरे एक खजूर के पेड़ को ही बच्चों ने अपना रास्ता बना लिया है। ग्रामीणों ने इस पेड़ के सहारे बांस और कील ठोककर बच्चों को पकड़ने के लिए अस्थायी सहारा बनाया है। इसके जरिए बच्चे संतुलन बनाकर किसी तरह नदी को पार करते हैं। इस जगह के लिए पुलिया दो बार सैंक्शन हो चुकी है लेकिन आस-पास के खातेदारी जमीन वाले इसे बनाने नहीं दे रहे है। इससे पहले गांव के लोगों ने अपने हाथों से एक पुल तैयार किया था। लेकिन बारिश की वजह से ये पुल टूट गया। अब जैसे-तैसे तैयार किया ये पुल ही बच्चों के लिए स्कूल जाने का रास्ता बन गया है। कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा ग्रामीणों का कहना है कि नदी पार करने के लिए कोई सुरक्षित व्यवस्था नहीं होने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से यहां जल्द से जल्द स्थायी पुल बनाने की मांग की है, ताकि बच्चों और ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नदी पार न करनी पड़े। -------------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें कंप्यूटर पढ़ाने के बदले झाड़ू-पोछा कराते हैं टीचर:छात्रों ने लगाए नारे- प्रिंसिपल हटाओ; जांच में बिस्किट देकर छात्रों को भड़काने का आरोप 20 अगस्त को कन्नौज के गुगरापुर PMश्री कंपोजिट विद्यालय में जूनियर कक्षाओं के बच्चे स्कूल पहुंचे और स्कूल के बाहर खड़े होकर प्रदर्शन करने लगे। बच्चों ने प्रभारी प्रधानाध्यापक राकेंद्र सक्सेना की कार को घेर लिया और नारेबाजी की। उन पर कई आरोप भी लगाए। पूरी खबर यहां पढ़ें

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मम्‍मी-मम्‍मी पुकारकर घंटों रोती रही नर्सरी की बच्‍ची:जलभराव में स्‍कूली बच्‍चे घंटों सड़क पर अटके, 3 दिन पहले भी स्‍कूल वैन फंसी थी

दिल्ली-NCR में बीते 2-3 दिनों से भारी बारिश हो रही है, जिसकी वजह से गुरुग्राम की सड़कों पर भारी जलभराव हो गया है। इन जलभराव की तस्वीरों में एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में नर्सरी क्लास के कुछ बच्चे स्कूल यूनिफॉर्म में एक दुकान में बैठे हैं और उनके चारों तरफ पानी भरा हुआ है। ये बच्चे डरे हुए हैं और उनमें एक बच्ची चारों तरफ भरे पानी को देखकर जोर-जोर से रो रही है और मम्मी- मम्मी पुकार रही है। स्कूल वैन में पानी भरा, ड्राइवर को रुकना पड़ा गुरुग्राम में सेक्टर-14 के केंद्रीय विद्यालय का वैन चालक करीब डेढ़ बजे बच्चों को लेकर स्कूल से निकला था, लेकिन सड़क पर भरे पानी के बीच वैन बंद हो गई। ये वैन भारी बारिश के बीच शीतला माता मंदिर के पास पानी में फंस गई। जिसमें नर्सरी के छोटे बच्चे सवार थे। ड्राइवर ने बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें वैन से उतारकर एक दुकान में बैठा दिया। इसके बाद ड्राइवर ने बच्चों के पेरेंट्स को सूचना दी। हालांकि उस दुकान में भी चारों तरफ पानी भरा था, जिससे बच्चे डर गए और रोने लगे। बच्चों को 3 घंटे से ज्यादा इंतजार करना पड़ा जलभराव और ट्रैफिक के कारण बच्चों के पेरेंट्स को उन तक पहुंचने में 3 से ज्यादा घंटे लग गए। इस घटना से शहर के ड्रेनेज सिस्टम, जलनिकासी व्यवस्था और आपातकालीन शहरी प्रबंधन की कमियों को फिर सामने ला दिया है। सेक्टर 45 में भी क्लास 2 के स्टूडेंट्स कई घंटों फंसे रहे सुभाष चौक के आसपास भी भारी व्यवधान की सूचना मिली, जहां सेक्टर 45 स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल के छात्रों को ले जा रही बसें भारी बारिश और यातायात जाम में कई घंटों तक फंसी रहीं। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ जगहों पर पानी लगभग चार फीट तक भर गया था, जिसके कारण बसें फंस गईं। सेक्टर 45 से सेक्टर 48 तक पहुंचने में कुछ ही मिनट लगते हैं लेकिन भारी जल भराव के चलते स्टूडेंट्स को पांच से छह घंटे लगे। दो दिन में हुई भारी बारिश के बाद कम से कम 12 स्कूल बसें एक इलाके में फंसीं और कई बच्चों को घंटों इंतजार करना पड़ा। गुरुग्राम में अब 85-90 मिमी बारिश हुई गुरुग्राम के कई इलाकों में लगभग डेढ़ घंटे के दौरान करीब 85-90 मिमी बारिश हुई, जिससे सड़क संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ और शहर की जल निकासी व्यवस्था तथा मानसून की तैयारियों में कमियां उजागर हुईं। हालांकि, जब मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी दी थी, तो स्कूलों और प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षित वापसी के लिए क्या तैयारी की इस पर भी सवाल उठ रहे हैं। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें.. राजस्थान के प्राइमरी स्कूल की छत गिरी:तेज आवाज सुनकर बच्चे कक्षा से बाहर निकले, मची अफरा-तफरी, दूसरी कक्षा भी जर्जर राजस्थान के डूंगरपुर जिले के दोवड़ा ब्लॉक की ग्राम पंचायत सत्तु देवकी स्थित अपर प्राइमरी स्कूल में एक कक्षा की छत गिर गई। उस समय स्कूल में 120 बच्चे मौजूद थे पूरी खबर पढ़ें..

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  Sports

England Tour से पहले मुश्किल में श्रीलंका, Kusal Mendis की जगह Charit Asalanka को मिली कप्तानी की बड़ी जिम्मेदारी

श्रीलंका क्रिकेट टीम को इंग्लैंड दौरे से पहले बड़ा झटका लगा है। टीम के कप्तान कुसल मेंडिस मांसपेशियों की चोट से समय पर उबर नहीं सके हैं और अब वह इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज में नहीं खेल पाएंगे। उनकी गैरमौजूदगी में चरित असलंका टीम की कप्तानी संभालेंगे।

बता दें कि कुसल मेंडिस को जुलाई में लंका प्रीमियर लीग के दौरान कोलंबो कैप्स की ओर से खेलते हुए चोट लगी थी। प्रतियोगिता में केवल दो मुकाबले खेलने के बाद उनकी जांघ की पिछली मांसपेशी में खिंचाव की समस्या सामने आई थी। इस चोट के कारण वह भारत के खिलाफ घरेलू मैदान पर खेली गई दो टेस्ट मैचों की सीरीज से भी बाहर हो गए थे। अब तक पूरी तरह फिट नहीं होने के चलते इंग्लैंड के खिलाफ सबसे छोटे प्रारूप की श्रृंखला से भी उन्हें बाहर बैठना पड़ेगा।

मौजूद जानकारी के अनुसार, चरित असलंका को पहले इस दौरे के लिए उपकप्तान बनाया गया था, लेकिन अब उन्हें सीधे टीम की कमान सौंपी गई है। यह सीरीज उनके लिए छोटे प्रारूप में वापसी का भी मौका होगी। असलंका को जून में वेस्टइंडीज दौरे के लिए श्रीलंका की टी20 टीम में जगह नहीं मिली थी। ऐसे में कप्तानी की जिम्मेदारी के साथ उनकी वापसी भी टीम के लिए अहम मानी जा रही है।

कुसल मेंडिस की जगह बल्लेबाज पवन रथनायके को टीम में शामिल किया गया है। वहीं बाएं हाथ के तेज गेंदबाज बिनुरा फर्नांडो की जगह दिलशान मदुशंका को भी टीम में बुलाया गया है। बिनुरा पीठ की चोट से परेशान हैं और इसी वजह से वह टी20 श्रृंखला में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।

श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 15 सितंबर को साउथम्पटन के रोज बाउल मैदान में खेला जाएगा। दोनों टीमों के लिए यह श्रृंखला आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी। श्रीलंका को खास तौर पर अपने प्रमुख खिलाड़ियों की उपलब्धता और फिटनेस पर नजर रखनी होगी।

श्रीलंका की संशोधित टीम में कप्तान चरित असलंका के अलावा पथुम निसांका, कमिल मिशारा, लाहिरु उदारा, कामिंदु मेंडिस, जनिथ लियानगे, दासुन शनाका, दुनिथ वेल्लालागे, वानिंदु हसरंगा, महीश तीक्षणा, थारिंदु रथनायके, दुश्मंथा चमीरा, ईशान मलिंगा, नुवान तुषारा, पवन रथनायके और दिलशान मदुशंका शामिल हैं।

गौरतलब है कि कुसल मेंडिस श्रीलंका के अहम बल्लेबाजों में गिने जाते हैं और टीम की कप्तानी भी संभाल रहे थे। ऐसे में उनका बाहर होना श्रीलंका के लिए बड़ा नुकसान है। दूसरी ओर चरित असलंका के सामने युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के मिश्रण वाली टीम को संभालने की चुनौती होगी। इंग्लैंड की मजबूत टीम के खिलाफ उनकी कप्तानी की असली परीक्षा 15 सितंबर से शुरू होने वाली है।
Fri, 04 Sep 2026 20:30:00 +0530

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