Netflix पर रिलीज होगा Zakir Khan का नया स्टैंड-अप स्पेशल PAPA YAAR
मशहूर स्टैंड-अप कॉमेडियन जाकिर खान (Zakir Khan) एक बार फिर अपने खास अंदाज से दर्शकों को हंसाने के साथ-साथ इमोशनल करने के लिए तैयार हैं। उनका नया स्टैंड-अप स्पेशल पापा यार जल्द ही नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाला है। यह जाकिर के अब तक के सबसे निजी और इमोशनल प्रोजेक्ट्स में से एक है। इस शो में जाकिर खान अपने पिता के साथ रिश्ते, बचपन की यादों और समय के साथ बदलते इस रिश्ते के बारे में बात करते नजर आएंगे। पापा यार 18 सितंबर को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगा।
पिता और बच्चे के बदलते रिश्ते की कहानी
पापा यार में जाकिर खान यह बताने की कोशिश करेंगे कि उम्र बढ़ने के साथ पिता और बच्चे का रिश्ता किस तरह बदलता है। बचपन में पिता हमें सिर्फ एक पैरेंट नजर आते हैं, लेकिन बड़े होने के बाद हम उन्हें एक इंसान के तौर पर समझने लगते हैं। उनके भी अपने सपने, डर, परेशानियां और कमियां होती हैं। जाकिर का यह शो उस खूबसूरत बदलाव को दिखाता है, जब पिता सिर्फ अभिभावक नहीं रहते, बल्कि धीरे-धीरे दोस्त और हमराज भी बन जाते हैं।
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पिता की सीख को आज समझते हैं जाकिर
जाकिर खान ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि बचपन में वह अक्सर अपने पिता की सीख और उनके बताए मूल्यों से सहमत नहीं होते थे। लेकिन आज उन्हें महसूस होता है कि जिस नींव पर वह खड़े हैं, उसे बनाने में उनके पिता की अहम भूमिका रही है। जाकिर के मुताबिक, पापा यार उनके लिए उन सभी पिताओं को धन्यवाद कहने का एक तरीका है, जो बिना कुछ कहे अपने बच्चों की जिंदगी और व्यक्तित्व को आकार देते हैं।
दुनियाभर के दर्शकों तक पहुंचेगी जाकिर की कहानी
नेटफ्लिक्स पर अपने इस स्पेशल के प्रीमियर को लेकर जाकिर खान काफी उत्साहित हैं। उनका मानना है कि नेटफ्लिक्स की ग्लोबल पहुंच के जरिए उनके निजी अनुभव और कहानियां दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले दर्शकों तक पहुंचेंगी। जाकिर ने दर्शकों से इस शो को परिवार के साथ देखने की अपील भी की है। उन्हें उम्मीद है कि पापा यार देखने के बाद कई लोग अपने पिता को याद करेंगे और शायद उन्हें फोन भी करेंगे।
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हंसी के साथ इमोशंस का तड़का
जाकिर खान के इस नए स्टैंड-अप स्पेशल में उनका वही जाना-पहचाना अंदाज देखने को मिलेगा, जिसके लिए वह दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। हालांकि इस बार उनकी कॉमेडी के साथ पिता, बचपन और रिश्तों से जुड़ी भावनाएं भी देखने को मिलेंगी। पापा यार उन यादों और अनकही बातों की कहानी है, जिन्हें शायद हम अपने माता-पिता से काफी पहले साझा कर सकते थे। जाकिर खान का यह स्टैंड-अप स्पेशल 18 सितंबर से नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगा।
पद्मावत विवाद पर Swara Bhasker की सफाई, कहा- मेरी बातों का गलत मतलब निकाला गया
अभिनेत्री स्वरा भास्कर का कहना है कि संजय लीला भंसाली की 2018 की फिल्म “पद्मावत” में जौहर वाले दृश्य की आलोचना करने वाली उनकी बातों का सोशल मीडिया पर “पूरी तरह से गलत अनुवाद” किया गया था और उन्होंने कभी भी रानी पद्मावती या जौहर करने वाली दूसरी महिलाओं को “कायर” नहीं कहा था। सोमवार को एक कार्यक्रम के दौरान की गई टिप्पणियों की वजह से अभिनेत्री को सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा था कि फिल्म ‘जौहर’ को महिमामंडित करती है।
‘जौहर’ कुछ राजपूत समुदायों में प्रचलित एक प्रथा थी, जिसमें युद्ध में हार निश्चित लगने पर महिलाएं पकड़े जाने, गुलाम बनाए जाने या यौन हिंसा से बचने के लिए सामूहिक रूप से आत्मदाह कर लेती थीं। भास्कर ने मंगलवार रात ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में अपनी टिप्पणियों के संदर्भ के बारे में बताया। उन्होंने कहा, “आज सुबह सोशल मीडिया पर मेरा एक क्लिप व्यापक रूप से प्रसारित हो रहा है।
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यह कल के एक कार्यक्रम का है, जहां मुझसे पूछा गया कि ‘पद्मावत’ देखने के बाद मैंने संजय लीला भंसाली को खुला पत्र क्यों लिखा था। मैंने जो कहा था, उसका अब पूरी तरह से गलत अनुवाद किया जा रहा है और गलत बातें फैलाई जा रही हैं; दावा किया जा रहा है कि मैंने कहा था कि रानी पद्मावती और जौहर करने वाली अन्य महिलाएं कायर थीं।” उन्होंने कहा, “मैंने कहा था जब मैं ‘क्लाइमैक्स’ देख रही थी, मुझे लगा, भगवान न करे अगर मैं दुष्कर्म पीड़िता होती तो मैं कायर महसूस करती की मैंने अपनी जान क्यूं नहीं ली, कि मैं दुष्कर्म के बाद जिंदा बच गयी तो मैं कायर हूं।” संजय लीला भंसाली द्वारा निर्देशित “पद्मावत” ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बनी एक फिल्म थी, जो मलिक मुहम्मद जायसी की 16वीं सदी के महाकाव्य पद्मावत पर मोटे तौर पर आधारित थी। यह फिल्म मेवाड़ की रानी पद्मावती (दीपिका पादुकोण) और उनके पति महारावल रतन सिंह (शाहिद कपूर) की कहानी है, जिनके राज्य को सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी (रणवीर सिंह) ने घेर लिया था।
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कहानी का अंत तब होता है जब खिलजी के हमले के बाद पकड़े जाने से बचने के लिए पद्मावती और चित्तौड़ की महिलाएं जौहर कर लेती हैं। उस समय, भास्कर ने भंसाली को एक पत्र लिखकर उस दृश्य को लेकर अपनी असहजता जाहिर की थी। दिल्ली में हाल में हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना का जिक्र करते हुए, जिसमें एक लड़की के साथ कथित तौर पर गाड़ी के अंदर वारदात की गई थी, भास्कर ने अपने वीडियो में कहा कि देश में “दुष्कर्म की महामारी” फैली हुई है।
उन्होंने कहा, “यह हमारे देश की सच्चाई को दिखाता है। क्या हमें ऐसी फिल्में बनानी चाहिए जो यह संदेश दें कि औरत की पवित्रता उसकी जिंदगी से ज्यादा कीमती है? क्या हमें दुष्कर्म से बची महिलाओं से यह कहना चाहिए कि उनके लिए मर जाना ही बेहतर होता और जिंदा रहना किसी तरह बुरी बात है?” भास्कर ने 31 अगस्त के कार्यक्रम में, “पद्मावत” में ‘जौहर’ के चित्रण की आलोचना की और फिल्म के अंतिम दृश्य से दिये जाने वाले संदेश पर सवाल उठाए।
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उन्होंने कहा, “मैं यह फिल्म देख रही थी और मैंने सोचा कि अगर - भगवान न करे - मैं दुष्कर्म पीड़िता होती, तो यह फिल्म मुझे क्या बता रही है? मुझे कायर जैसा महसूस होता कि मैंने अपनी इज्जत बचाने के लिए आत्महत्या नहीं की... क्या हम यह कह रहे हैं कि दुष्कर्म का मतलब किसी औरत की जिंदगी का अंत है? यह दृश्य बहुत ही आपत्तिजनक था।” इस कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हुआ था और कई उपयोगकर्ताओं ने अभिनेत्री की टिप्पणियों के लिए उनकी आलोचना की।
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