उत्तराखंड में बिजली नियमों का उल्लंघन पड़ेगा महंगा, अब 10 लाख तक जुर्माने का प्रावधान
Uttarakhand Electricity Rules: उत्तराखंड में बिजली से जुड़े नियम और सख्त हो गए हैं. नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अब पहले के मुकाबले ज्यादा आर्थिक कार्रवाई होगी. उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने केंद्र के जन विश्वास अधिनियम के प्रावधानों को लागू करते हुए बिजली चोरी, मीटर या विद्युत आपूर्ति की सामग्री को नुकसान पहुंचाने और आयोग के निर्देशों का पालन नहीं करने जैसे मामलों में जुर्माने की सीमा बढ़ा दी है.
नए प्रावधानों के तहत बिजली चोरी या विद्युत आपूर्ति से जुड़ी सामग्री को लापरवाही से नुकसान पहुंचाने पर अब 5 हजार से 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. दोबारा इसी तरह का उल्लंघन करने पर भी यही जुर्माना लागू होगा. इससे पहले ऐसे मामलों में अधिकतम जुर्माना 10 हजार रुपये तक था.
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आयोग के आदेश नहीं माने तो 5 लाख तक जुर्माना
विद्युत नियामक आयोग की ओर से जारी आदेश या निर्देशों का पालन नहीं करना भी अब महंगा पड़ेगा. धारा 142 के तहत ऐसे मामलों में जुर्माने की सीमा 10 हजार से बढ़ाकर 5 लाख रुपये तक कर दी गई है. वहीं, अन्य उल्लंघनों के मामलों में 1 हजार से 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
नियम तोड़ने पर 10 लाख तक का जुर्माना
आयोग ने धारा 146 में भी बदलाव किया है. इसके तहत नियमों के उल्लंघन के मामलों में पहले मौजूद कारावास के प्रावधान को हटाकर जुर्माने पर जोर दिया गया है. गंभीर मामलों में यह जुर्माना 10 हजार से 10 लाख रुपये तक हो सकता है. छोटे उल्लंघनों के लिए 1 हजार से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना तय किया गया है.
कुछ मामलों में मौके पर हो सकेगा निपटारा
अपराधों के शमन से जुड़े प्रावधानों में भी बदलाव किया गया है. अधिनियम की धारा 135, 138 और 140 के तहत आने वाले मामलों में उपयुक्त सरकार या उसके अधिकृत अधिकारी निर्धारित राशि लेकर मामले का समाधान कर सकेंगे। यह व्यवस्था भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के प्रावधानों के बावजूद लागू की जा सकेगी. यानी नए नियमों के बाद उत्तराखंड में बिजली चोरी से लेकर विद्युत व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने और आयोग के निर्देशों की अनदेखी करने तक, कई तरह के उल्लंघनों पर आर्थिक कार्रवाई पहले से ज्यादा सख्त हो गई है.
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अदाणी पोर्ट्स ने अगस्त में संभाला 5 करोड़ मीट्रिक टन कार्गो, 19 प्रतिशत की हुई वृद्धि
अहमदाबाद, 2 सितंबर (आईएएनएस)। अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) ने बुधवार को कहा कि अगस्त 2026 में कंपनी ने 5 करोड़ मीट्रिक टन कार्गो संभाला है। इसमें सालाना आधार पर 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
कंपनी ने कहा कि यह कंपनी द्वारा किसी एक महीने में संभाला गया, अब तक का सबसे अधिक कार्गो है, जो उसके राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स की क्षमता को दिखाता है।
अगस्त में कार्गो ढुलाई में वृद्धि की वजह ड्राई कार्गो का सालाना आधार पर 25 प्रतिशत और कंटेनर वॉल्यूम का सालाना आधार पर 15 प्रतिशत बढ़ना था।
एपीएसईजेड ने कहा कि यह प्रदर्शन उसकी अलग-अलग तरह से ग्रोथ करने की रणनीति की सफलता को दिखाती है, जिसमें विझिंजम और कोलंबो में ट्रांसशिपमेंट ऑपरेशन्स की वजह से कंटेनर वॉल्यूम में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है।
अगस्त तक, इस साल अब तक एपीएसईजेड ने 23.44 करोड़ मीट्रिक टन कार्गो संभाला, जो पिछले साल के मुकाबले 16 प्रतिशत ज्यादा है। इस बढ़ोतरी में ड्राई कार्गो (17 प्रतिशत की वृद्धि) और कंटेनर (15 प्रतिशत की वृद्धि) का अहम योगदान रहा।
कंपनी ने कहा कि महीने का यह शानदार प्रदर्शन एपीएसईजेड को वित्त वर्ष 2031 तक सालाना 100 करोड़ मीट्रिक टन कार्गो संभालने के अपने लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ने में मदद करेगा।
इसके बाद, बुधवार को बीएसई पर एपीएसईजेड के शेयरों में तेजी देखी गई। शेयर 1.61 प्रतिशत या 27 रुपए प्रति शेयर चढ़कर दोपहर 1:20 बजे तक 1,674 रुपए के इंट्राडे हाई पर पहुंच गए।
एपीएसईजेड का 52-हफ्ते का उच्चतम स्तर 1,891.80 रुपए और निचला स्तर 1,293.10 रुपए छुआ है।
पिछले दस सालों में इस स्टॉक में 500 प्रतिशत से ज्यादा और पिछले पांच सालों में लगभग 120 प्रतिशत की तेजी आई है। पिछले तीन सालों और एक साल में इसने क्रमशः 100 प्रतिशत और 24 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।
इसके अलावा, कंपनी लिक्विड कार्गो में भी अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही है और साथ ही ड्राई कार्गो सेगमेंट में भी तेजी से आगे बढ़ रही है।
--आईएएनएस
एबीएस
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