Responsive Scrollable Menu

Asafoetida benefits: मामूली मसाला नहीं है हींग! पाचन समेत इन 5 परेशानियों में दिलाता है राहत, जानें इस्तेमाल का तरीका

Asafoetida benefits: हींग को आमतौर पर दाल, सब्जी या कढ़ी का स्वाद और खुशबू बढ़ाने वाला मसाला माना जाता है, लेकिन भारतीय रसोई में इसका इस्तेमाल सिर्फ जायका बढ़ाने तक सीमित नहीं है। चुटकी भर हींग खाने का स्वाद बदल देती है और पारंपरिक तौर पर इसे पाचन से जुड़ी कई दिक्कतों में भी उपयोग किया जाता रहा है। पेट में गैस, भारीपन और अपच जैसी परेशानियों के दौरान हींग का इस्तेमाल घरेलू नुस्खे के तौर पर खूब किया जाता है।

हींग में मौजूद कुछ प्राकृतिक यौगिकों की वजह से इसे पाचन तंत्र के लिए उपयोगी माना जाता है। हालांकि, यह किसी बीमारी का इलाज नहीं है और इसके फायदे व्यक्ति की स्थिति पर निर्भर कर सकते हैं। खासतौर पर हींग का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।

हींग का सेवन करने के 5 बड़े फायदे

गैस और पेट फूलने में मददगार
खाने के बाद पेट में गैस बनना या पेट फूलना काफी परेशान कर सकता है। पारंपरिक रूप से हींग को गैस कम करने वाले मसाले के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। दाल, राजमा या छोले जैसी चीजों में थोड़ी मात्रा में हींग डालने से उनका स्वाद बढ़ने के साथ पाचन में भी मदद मिल सकती है। हालांकि, लगातार गैस की समस्या हो तो इसके पीछे किसी अन्य कारण की जांच जरूरी है।

अपच और भारीपन में राहत
कई बार ज्यादा या तला-भुना खाना खाने के बाद पेट भारी महसूस होने लगता है। ऐसे में भोजन में थोड़ी हींग शामिल करना पाचन प्रक्रिया को सपोर्ट कर सकता है। भारतीय खानपान में इसलिए हींग का इस्तेमाल खासतौर पर दाल और ऐसी चीजों में किया जाता है जिन्हें पचने में अपेक्षाकृत अधिक समय लगता है।

कब्ज की परेशानी में उपयोगी
हींग को पारंपरिक घरेलू उपायों में आंतों की गतिविधि को सपोर्ट करने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। कुछ लोगों को इससे पेट साफ होने में मदद मिल सकती है। लेकिन कब्ज से राहत के लिए सिर्फ हींग पर निर्भर रहना सही नहीं है। पर्याप्त पानी, फाइबर से भरपूर भोजन और नियमित शारीरिक गतिविधि भी जरूरी है।

पेट की ऐंठन में मिल सकती है राहत
पेट में गैस या पाचन संबंधी गड़बड़ी के कारण कभी-कभी ऐंठन और असहजता महसूस हो सकती है। ऐसे में हींग का इस्तेमाल पारंपरिक तौर पर किया जाता रहा है। इसे भोजन में मसाले के रूप में शामिल करना आसान तरीका है। अगर पेट दर्द तेज हो, बार-बार हो या इसके साथ उल्टी, बुखार या खून जैसे लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

भोजन पचाने में कर सकती है मदद
हींग को पाचन को सपोर्ट करने वाले मसालों में गिना जाता है। यही वजह है कि भारतीय व्यंजनों में इसका इस्तेमाल लंबे समय से होता आया है। खासकर दाल, कढ़ी और सब्जियों में चुटकी भर हींग स्वाद के साथ भोजन को पचाने में मदद कर सकती है। हालांकि, ज्यादा मात्रा में हींग लेने से फायदा बढ़ने के बजाय पेट में जलन या दूसरी परेशानी हो सकती है।

हींग का इस्तेमाल कैसे करें?

हींग की जरूरत बहुत कम मात्रा में होती है। दाल या सब्जी में तड़का लगाते समय तेल या घी में चुटकी भर हींग डालना सबसे आसान तरीका है। बाजार में मिलने वाली हींग अक्सर मिश्रित रूप में होती है, इसलिए पैकेट दी गई सामग्रियां जरूर देखें। किसी खास बीमारी की दवा चल रही हो, गर्भावस्था हो या हींग से एलर्जी की आशंका हो तो इसके सेवन से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।

(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)

अगर आपको यह खबर उपयोगी लगी हो, तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर करना न भूलें और हर अपडेट के लिए जुड़े रहिए [haribhoomi.com] के साथ।

लेखक: (कीर्ति)

Jaggery Benefits: गुड़ का छोटा सा टुकड़ा देगा सेहत को बड़े फायदे! डाइट में शामिल करने पर मिलेंगे ये लाभ

Paneer Kofta: होटल जैसा पनीर कोफ्ता घर पर बनाएं, ग्रेवी का स्वाद ऐसा कि हर कोई पूछेगा सीक्रेट रेसिपी!

Continue reading on the app

काशी में तैयार हो रहा क्रिकेट का ‘महाकुंभ’, 15 अक्टूबर से पहले पूरा होगा ये काम, डमरू से त्रिशूल तक सब तैयार

UP News: वाराणसी का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम निर्माण के निर्णायक चरण में है. 15 अक्टूबर 2026 तक मुख्य निर्माण कार्य पूरे करने का लक्ष्य है. शिव थीम से प्रेरित यह स्टेडियम काशी की पहचान बनेगा.

The post काशी में तैयार हो रहा क्रिकेट का ‘महाकुंभ’, 15 अक्टूबर से पहले पूरा होगा ये काम, डमरू से त्रिशूल तक सब तैयार appeared first on Prabhat Khabar.

Continue reading on the app

  Sports

BCCI: टीम इंडिया की हार और फिटनेस पर मंथन, मुंबई में जुटेंगे क्रिकेट के बड़े चेहरे

मुंबई। भारतीय क्रिकेट में लगातार मिल रही हार और खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) गंभीर नजर आ रहा है। गुरुवार को मुंबई स्थित BCCI मुख्यालय में भारतीय क्रिकेट के बड़े अधिकारियों और कप्तानों की अहम बैठक होगी। इसमें हेड कोच गौतम गंभीर, चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण, टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल और टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर शामिल होंगे। बैठक की अध्यक्षता BCCI सचिव देवजीत सैकिया करेंगे।

बैठक में पिछले कुछ समय के प्रदर्शन का लेखा-जोखा रखा जाएगा और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। खास तौर पर टीम की प्लानिंग और इन बड़े पदों पर बैठे लोगों के बीच बेहतर तालमेल कैसे बनाया जाए, इस पर फोकस रहेगा। भारतीय टी20 टीम का हालिया प्रदर्शन चिंता बढ़ाने वाला रहा है। टीम को आयरलैंड के खिलाफ सीरीज में 0-2 से चौंकाने वाली हार मिली, जबकि इंग्लैंड ने भारत को 0-4 से हरा दिया। वनडे में भी स्थिति बहुत अच्छी नहीं रही। पिछली पांच वनडे सीरीज में भारत को तीन में हार का सामना करना पड़ा है। ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में मिली हार ने टीम मैनेजमेंट की चिंता बढ़ाई है।

अब नजर टेस्ट क्रिकेट पर है। भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ विदेशी जमीन पर टेस्ट सीरीज खेलनी है। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी करनी है। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचना फिलहाल मुश्किल नजर आ रहा है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में जीत की लय लौटाना और घरेलू मैदान पर दबदबा फिर कायम करना टीम की बड़ी प्राथमिकता होगी।

फिटनेस को लेकर COE पर सवाल
बैठक में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी चर्चा के केंद्र में रह सकता है। पिछले कुछ समय में कई खिलाड़ी फिट घोषित होने के बाद इंटरनेशनल मैचों के दौरान दोबारा चोटिल हुए हैं। आईपीएल के बाद फिट घोषित किए गए नितीश रेड्डी अफगानिस्तान के खिलाफ जून में क्वाड इंजरी के कारण बाहर हुए। जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में हर्षित राणा और वरुण चक्रवर्ती हैमस्ट्रिंग चोट का शिकार हुए। इसके बाद वॉशिंगटन सुंदर भी इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से राइट हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण बाहर हो गए।

फिटनेस को लेकर स्थिति यह है कि साई सुदर्शन और जसप्रीत बुमराह को श्रीलंका टेस्ट सीरीज के लिए फिट बताया गया था, लेकिन दोनों खेल नहीं सके। वॉशिंगटन सुंदर को भी अभी पूरी तरह फिट घोषित नहीं किया गया है। COE में स्पोर्ट्स साइंस हेड का पद करीब 18 महीने से खाली है। 

BCCI के एक अधिकारी के मुताबिक, मेडिकल टीम को चयनकर्ताओं को खिलाड़ी की फिटनेस और जोखिम की स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। लेकिन जवाबदेही तय करने वाला कोई प्रमुख अधिकारी नहीं होने से फैसले पर स्थिति साफ नहीं हो पा रही है। नतीजा यह है कि ‘subject to fitness’ अब अपवाद के बजाय टीम चयन का आम हिस्सा बनता जा रहा है।

रोहित शर्मा का भविष्य
ODI टीम को लेकर फ़िलहाल सबसे अहम मुद्दा पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर चयन का मुश्किल फैसला है। माना जा रहा है कि चयनकर्ताओं को अगले वर्ल्ड कप तक उनकी फ़ॉर्म और फ़िटनेस बनाए रखने की क्षमता पर भरोसा नहीं रहा था और उन्होंने इंग्लैंड सीरीज़ से पहले उनसे बात भी की थी। चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को लग रहा था कि रोहित इंग्लैंड के ख़िलाफ़ ODI सीरीज़ के बाद रिटायर हो जाएंगे, लेकिन लॉर्ड्स में होने वाले आखिरी ODI से ठीक पहले सैकिया ने ऐसी बातों को महज़ अटकलें बताकर खारिज कर दिया।

यह देखना बाकी है कि लॉर्ड्स में रोहित के शतक के बाद अगरकर यह मुद्दा उठाते हैं या BCCI दखल देता है। अगरकर का चीफ़ सेलेक्टर बने रहना भी BCCI के लिए चर्चा का विषय है। कहा जाता है कि सितंबर में अपना कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने पर उन्होंने पद छोड़ने की इच्छा जताई थी, लेकिन BCCI ने अभी तक इस पर कोई फ़ैसला नहीं लिया है।

Wed, 02 Sep 2026 20:41:25 +0530

  Videos
See all

Jauhar Controversy: ''सनातन धर्म और हिंदू बहुत ऊपर हैं आप की सोच से'' | Tina Sharma | Swara Bhaskar #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-02T15:15:35+00:00

US Iran War | Trump की धमकी से Iran में हड़कंप! फिर शुरू हुई जंग! Trump Iran News | Trump Iran War #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-02T15:14:46+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers