Krishna Janmashtami 2026: भगवान कृष्ण की लीलाओं के बारे में कितना जानते हैं आप? जानें 4 अनसुने रहस्य
Krishna Janmashtami 2026: जन्माष्टमी का त्योहार सिर्फ भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव नहीं है. यह त्योहार उनकी अद्भुत लीलाओं और गूढ़ संदेशों और दिव्य प्रेम को याद करने का अवसर होता है. बता दें कि भगवान कृष्ण भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं. उनका जन्म द्वापर युग में हुआ था. कहते हैं कि भगवान कृष्ण की बचपन की लीलाएं मनमोहक थी और वे अपनी बाल-लीलाओं से लेकर जीवन के अनेक पहलुओं के लिए जाने जाते हैं. उनका जन्म ही किसी लीला से कम नहीं है. अगर आज भी हम उस कथा को सुनते हैं तो दिल आनंदित हो जाता है. भगवान श्रीकृष्ण का जीवन सिर्फ महाभारत और गीता के उपदेशों तक सीमित नहीं है, उनका संपूर्ण जीवन ही कथाओं से भरा हुआ है. चलिए आपको जन्माष्टमी 2026 के अवसर पर आपको बताते हैं उनकी अनोखी और रहस्यमयी लीलाओं के बारे में.
कृष्ण जन्माष्टमी 2026 पर पढ़ें कृष्ण लीलाओं के बारें में...
1.कान्हा को लड़कियों जैसा क्यों सजाती थी मैया यशोदा?
आज भी हमारे घर में माताएं बचपन में लड़कों को लड़कियों की तरह सजाती हैं. शायद ही कोई ऐसा लड़का होगा जिसकी माता ने उसे एक भी बार लड़की जैसा न सजाया हो. दरअसल, इसके पीछे एक प्रचलित मान्यता है, जिसका संबंध भगवान कृष्ण से है. भगवान श्रीकृष्ण का जन्म होते ही वे यशोदा मैया के पास पहुंच गए थे. कंस तब बार-बार श्रीकृष्ण को मारने के लिए किसी को भेजते रहते थे. कभी पूतना तो कभी बकासुर और अन्य राक्षसों को भेजता था. इन नकारात्मक शक्तियों और राक्षसों से रक्षा करने के लिए मैया यशोदा उन्हें लड़कियों की तरह सजाती थीं, ताकि कोई उन्हें पहचान न सके. लोक कथाओं के अनुसार, आज भी इसी परंपरा के चलते लोग छोटे बच्चों को बुरी नजर से बचाने के लिए लड़की की तरह सजाते हैं.
2.श्रीकृष्ण बंदरों को खिलाते थे माखन...
भगवान कृष्ण बचपन में माखन चुराते थे, ये तो आपको पता ही होगा. और फिर वे इस माखन को अपने मित्रों के साथ खाते थें. कई कथाओं में यह भी बताया गया है कि कान्हा अपने माखन को बंदरों को भी खिलाया करते थे. मगर क्यों? पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान कृष्ण को अपने पिछले अवतार में यानी भगवान राम के अवतार में बंदरों ने उनकी सहायता की थी. भगवान कृष्ण को यह बात स्मरण थी और इसलिए द्वापर युग में उनका बंदरों के प्रति खास आकर्षण होता था. वे उन्हें भी माखन खिलाते थे. इसे भगवान के विभिन्न अवतारों में प्रेम, कृतज्ञता और संबंधों की एक रोचक कथा के रूप में देखा जाता है.
3.जब श्रीकृष्ण समुद्र की गहराई में उतरे
आपने कालिया नाग की कथा तो सुनी ही होगी. इसमें भगवान कृष्ण यमुना नदी के जल में उतर गए थे. वहां उनका सामना कालिया नाग से होता है. प्रचलित कथा के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण एक अन्य अवसर पर भी समुद्र की गहराइयों में उतरे थे. पौराणिक कथाओं में बताया गया है कि बलराम और कृष्ण ने उज्जैन में महर्षि सांदीपनि के आश्रम में शिक्षा ग्रहण की थी. जब उनका शिक्षण पूरा हुआ तो भगवान कृष्ण गुरु सांदीपनि के पास पहुंचे और उनसे गुरुदक्षिणा मांगी. गुरु जी ने पहले इंकार कर दिया लेकिन जब भगवान श्रीकृष्ण के बार-बार आग्रह करने पर उन्होंने अपने पुत्र को वापस प्राप्त करने की इच्छा जाहिर की. कथा के अनुसार, गुरु का पुत्र समुद्र तट पर गया था और वहां लापता हो गया था. फिर श्रीकृष्ण ने समुद्र से उसके बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि वहां एक असुर ले गए हैं. तब वे समुद्र की गहराइयों में गए और वहां असुर से युद्ध किया. कहा जाता है कि असुर ने गुरु सांदीपनि के पुत्र को खा लिया था जिस वजह से वह यमलोक पहुंच गया था. इसके बाद श्रीकृष्ण यमलोक पहुंचे और वहां से गुरु के पुत्र को वापस लेकर आए. ऐसे उन्होंने अपने गुरु को गुरुदक्षिणा दी.
4.राधा ने श्रीकृष्ण के लिए पैरों की धूल भेजी थी?
एकबार जन्माष्टमी के अवसर पर ही उनके जन्मोत्सव की खूब तैयारियां चल रही थी और चारों तरफ उत्सव का माहौल था. बड़ी संख्या में लोग महोत्सव में शामिल होने आए थे. उस दिन श्रीकृष्ण के सिर में बहुत तेज दर्द हो रहा था. माता रुक्मिणी और सत्यभामा उनके पास पहुंची. उन्होंने पूछा की आप अपने ही उत्सव में इतने उदास क्यों है तो उन्होंने कहा की मेरे सिर में तेज दर्द हो रहा है. तब श्रीकृष्ण ने कहा की यदि कोई व्यक्ति जो उनसे सच्चा प्रेम करते हो, वह अपने पैरों की धूल उनके सिर पर लगाएगा तो दर्द ठीक हो सकता है. यह सुनने के बाद सभी हैरान हो गए. माता रुक्मिणी और सत्यभामा उनसे प्रेम करती थी लेकिन अपने पैर की धूल भगवान के सिर पर रखना उनके लिए संभव नहीं था. उन्हें लगा कि ऐसा करने से भगवान का अपमान होगा और इस कारण नारद मुनि ने भी यह कार्य नहीं किया था. तब राधा-रानीऔर गोपियों को पता लगा कि श्रीकृष्ण के सिर में तेज दर्द हो रहा है और उसका उपचार पैरों की धूल हैं तो राधा-रानी ने बिना किसी संकोच के तुरंत अपने पैरों की धूल उन्हें देने का निर्णय ले लिया.
राधा-रानी और गोपियों को इस बात की चिंता नहीं थी कि उन्हें दंड मिलेगा, वे बस श्रीकृष्ण के सिर में हो रहे दर्द को कम करना चाहती थी. इसलिए, इस कथा को प्रेम और पूर्ण समर्पण का प्रतीक कहा जाता है.
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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
Stock Market Today: अगस्त सेल्स नंबर्स ने बिगाड़ा ऑटो स्टॉक्स का मूड, UBS-HSBC की रेटिंग से Coal India में तेजी
Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 2 सितंबर को मार्केट खुलने के समय निफ्टी 500 इंडेक्स में मिला-जुला ट्रेंड देखा गया. IFCI, कोल इंडिया और न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी जैसे शेयरों ने इंडेक्स को ऊपर बढ़ाया, जबकि कई ऑटो शेयरों में गिरावट देखी गई. आज के ट्रेडिंग सेशन में ब्रोकरेज की राय और अगस्त की ऑटो बिक्री के आंकड़े मुख्य वजहें रहीं. UBS और HSBC ने कोल इंडिया पर अपनी राय दी, जबकि हीरो मोटोकॉर्प और आयशर मोटर्स ने मासिक बिक्री के मिले-जुले आंकड़े जारी किए.
मार्केट ओपन पर टॉप गेनर्स कौन रहे?
IFCI के शेयरों में आई सबसे ज्यादा तेजी
IFCI के शेयर मार्केट ओपन पर 5% तक चढ़े. कंपनी के शेयर इस साल की शुरुआत से अब तक 72% से ज्यादा और पिछले एक साल में भी 72% से ज्यादा चढ़ चुके हैं. स्टॉक अपने 52-वीक हाई ₹95.80 से 4.6% नीचे कारोबार कर रहा था. यहां 5 करोड़ से ज्यादा शेयरों का कारोबार हुआ, जो स्टॉक के 10-दिन के औसत वॉल्यूम का 1.07 गुना रहा.
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Coal India पर ब्रोकरेज हुए बुलिश
मार्केट खुलने पर कोल इंडिया के शेयरों में 4% तक की तेजी आई. यह तेजी UBS की तरफ से ₹550 प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ 'Buy' रेटिंग बनाए रखने के बाद आई. अपनी रिपोर्ट में, UBS ने थर्मल कोल की मजबूत मांग और पिटहेड इन्वेंट्री में 55 मिलियन टन की गिरावट का जिक्र किया. ये ऐसे कारक हैं जो ई-ऑक्शन प्रीमियम को सपोर्ट करते हैं. भले ही अगस्त में सालाना आधार पर प्रोडक्शन में 6% की गिरावट आई हो.
वहीं HSBC ने भी ₹440 प्रति शेयर के टारगेट के साथ 'Hold' रेटिंग बनाए रखी. ब्रोकरेज ने कहा कि कोल इन्वेंट्री तीन साल के निचले स्तर पर है, जिससे डिविडेंड पर शेयर में आगे बढ़त की संभावना बन सकती है. कंपनी के शेयर इस साल की शुरुआत से 4% से ज्यादा और पिछले एक साल में 9% से ज्यादा चढ़ चुके हैं. स्टॉक अपने 52-वीक हाई ₹491.25 से 17.9% नीचे कारोबार कर रहा था. यहां 1 करोड़ से ज्यादा शेयरों का कारोबार हुआ, जो 10-दिन के औसत वॉल्यूम का 1.63 गुना रहा.
New India Assurance में भी दिखी मजबूती
मार्केट खुलने पर New India Assurance Company के शेयरों में 4% तक की बढ़त हुई. साल की शुरुआत से कंपनी के शेयरों में 24% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है, जबकि पिछले साल इनमें सिर्फ 0.07% की मामूली बढ़त देखी गई थी. यह स्टॉक अपने 52-वीक हाई ₹218 से 12.9% नीचे ट्रेड कर रहा था. ट्रेडिंग वॉल्यूम 32 लाख शेयरों से ज्यादा रहा, जो 10-दिन के औसत वॉल्यूम का 0.80 गुना है.
मार्केट ओपन पर टॉप लूजर्स कौन रहे?
Hero MotoCorp के शेयरों में सबसे बड़ी गिरावट
मार्केट खुलने पर Hero MotoCorp के शेयरों में 5% तक की गिरावट आई. यह गिरावट कंपनी के अगस्त महीने के ऑटो सेल्स के आंकड़े जारी होने के बाद आई, जिसमें मोटरसाइकिल की बिक्री में साल-दर-साल 1.53% की कमी दिखी. यह 5.02 लाख यूनिट से घटकर 4.94 लाख यूनिट हो गई. इसके अलावा, एक्सपोर्ट सेल्स में 24.6% की गिरावट आई, जो 34,588 यूनिट से घटकर 26,093 यूनिट रह गई. साल की शुरुआत से अब तक कंपनी के शेयरों में 9% से ज्यादा की गिरावट आई है, जबकि पिछले एक साल में इसमें लगभग 0.27% की मामूली गिरावट दर्ज की गई है. स्टॉक अपने 52-वीक लो ₹4,671.50 से सिर्फ 13.4% दूर कारोबार कर रहा था. यहां 3 लाख से ज्यादा शेयरों का कारोबार हुआ, जो 10-दिन के औसत वॉल्यूम का 0.73 गुना रहा.
Eicher Motors में भी दिखी कमजोरी
Eicher Motors के शेयर मार्केट ओपन पर 4% से ज्यादा टूटे, भले ही कंपनी के अगस्त ऑटो सेल्स आंकड़े पॉजिटिव रहे हों. कंपनी की कुल VECV सेल्स साल-दर-साल आधार पर 17.7% बढ़कर 7,167 यूनिट्स से 8,434 यूनिट्स पर पहुंच गई. इसके बावजूद कंपनी के शेयर इस साल की शुरुआत से करीब 4% चढ़े हैं और पिछले एक साल में 20% से ज्यादा की बढ़त दिखा चुके हैं. स्टॉक अपने 52-वीक हाई ₹8,230 से 7.7% नीचे कारोबार कर रहा था. यहां 3 लाख से ज्यादा शेयरों का कारोबार हुआ, जो 10-दिन के औसत वॉल्यूम का 0.80 गुना रहा.
Ola Electric Mobility में भी बिकवाली
Ola Electric Mobility के शेयर मार्केट ओपन पर 3% से ज्यादा टूटे. कंपनी के शेयर इस साल की शुरुआत से करीब 5% चढ़े हैं, लेकिन पिछले एक साल में 36% से ज्यादा गिर चुके हैं. स्टॉक अपने 52-वीक हाई ₹71.25 से 80.9% नीचे कारोबार कर रहा था, वहीं यह अपने 52-वीक लो ₹22.25 से भी 76.9% दूर था. यहां 1 करोड़ से ज्यादा शेयरों का कारोबार हुआ, जो 10-दिन के औसत वॉल्यूम का सिर्फ 0.30 गुना रहा.
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डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए दी गई है और इसे निवेश की सलाह नहीं माना जाना चाहिए. किसी भी निवेश फैसले से पहले कृपया अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें.
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