Varanasi में Ganga का जलस्तर चेतावनी स्तर के पार, नाव संचालन बंद
वाराणसी (उप्र), दो सितंबर उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी के निशान को पार कर गया है, जिसके कारण जिला प्रशासन ने नाव संचालन निलंबित कर दिया है और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार जिले में गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर 70.26 मीटर के मुकाबले 70.29 मीटर दर्ज किया गया।
खतरे का स्तर 71.26 मीटर है, जबकि उच्चतम बाढ़ स्तर 73.90 मीटर तय किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए, गंगा नदी में नाव संचालन निलंबित कर दिया गया है और श्रद्धालुओं और निवासियों से घाटों पर या तेज धाराओं वाले क्षेत्रों में न जाने का आग्रह किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन गंगा और वरुणा नदियों के जलस्तर में वृद्धि के साथ-साथ वरुणा के किनारे के क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ के बाद स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है।
उन्होंने बताया कि जिले के लगभग 11 इलाके और वार्ड बाढ़ से आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं, जबकि वरुणा नदी में बाढ़ से 328 परिवारों के 1,388 लोग प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों ने कहा कि पर्याप्त राहत और बचाव उपाय सुनिश्चित करने के अलावा, प्रभावित परिवारों को आवश्यकतानुसार सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिले में 13 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां 219 प्रभावित परिवारों के 935 लोग वर्तमान में रह रहे हैं।
जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने और प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया है। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का भी निर्देश दिया। अधिकारियों ने कहा कि पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने पुलिस और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर निगरानी बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
Tamil Nadu में पूर्वोत्तर मानसून की तैयारियां तेज, Chief Secretary ने दिए निर्देश
चेन्नई, दो सितंबर तमिलनाडु के मुख्य सचिव एम. साई कुमार ने अधिकारियों को ग्रेटर चेन्नई नगर निगम तथा अवाडी और तांबरम के उपनगरीय क्षेत्रों में पूर्वोत्तर मानसून से निपटने की तैयारियां युद्धस्तर पर करने का निर्देश दिया है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, कुमार ने एक सितंबर को यहां सचिवालय में क्षेत्रीय निगरानी अधिकारियों और संबंधित विभागों के प्रमुखों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभी गाद निकालने और तूफानी जल निकासी नेटवर्क से जुड़े कार्य सितंबर के अंत तक पूरा करने की समयसीमा तय की। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के निर्देश पर विभिन्न क्षेत्रों में मंत्रियों और निगरानी अधिकारियों की तैनाती की गई है, जो मानसून की तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं।
मुख्य सचिव कुमार ने भारी बारिश और अल नीनो के प्रभाव से निपटने के लिए किए जा रहे मानसून-पूर्व उपायों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से जलभराव वाले और निचले इलाकों में उच्च क्षमता वाले मोटर पंप तैयार रखने का निर्देश दिया। उन्होंने विशेष रूप से वेलाचेरी, अंबत्तूर सिडको, तिरुवोत्तियूर और मणली का उल्लेख करते हुए कहा कि आम लोगों का सामान्य जनजीवन बाधित नहीं होना चाहिए।
उन्होंने तूफानी जल निकासी व्यवस्था में मौजूद खामियों को जल्द दूर करने और छूटी हुई नालियों को जोड़ने का काम तेजी से पूरा करने का आदेश दिया।
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