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Pawan Kalyan Birthday: सुपरस्टार से Deputy CM तक का सफर, कैसे 'Power Star' ने बदली आंध्र की सियासत

साउथ फिल्मों के सुपरस्टार अभिनेता पवन कल्याण इस साल अपना 55वां जन्मदिन मना रहे हैं। वह साउथ के मेगास्टार चिरंजीवी के छोटे भाई हैं। साउथ इंडस्ट्री में उनको पावर स्टार के नाम से जाना जाता है। पवन कल्याण न सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री में सफल रहे, बल्कि उन्होंने राजनीति में जब कदम रखा, तो वहां भी फेमस हुए। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर अभिनेता पवन कल्याण के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

जन्म और परिवार

आंध्र प्रदेश के बापटला में 02 सितंबर 1971 को पवन कल्याण का जन्म हुआ था। उनका असली नाम कोन्निडेला कल्याण बाबू है। इनके पिता का नाम कोनिडेला वेंकट राव था, जोकि एक अभिनेता थे। वहीं 60 के दशक में उन्होंने फिल्मों में काम किया था। पवन कल्याण को अभिनय विरासत में मिला था।

फिल्मी सफर

साल 1997 में तेलुगु फिल्म 'गोकुलामलो सीता' से पवन कल्याण ने इंडस्ट्री में कदम रखा था। इसके बाद अभिनेता ने 'बद्री', 'जॉनी', 'गोपाला गोपाला', 'अन्नावरम', 'पुली', 'वकील साबट, 'अत्तरिन्तिकी दारेदी', 'भीमला नायक' और 'गब्बर सिंह' जैसी हिट फिल्में दीं। फैंस के बीच पवन कल्याण का जबरदस्त क्रेज देखने को मिलता है। 

सियासी सफर

साल 2008 में उन्होंने अपने पॉलिटिकल करियर की शुरूआत की थी। उन्होंने अपने बड़े भाई चिरंजीवी की पार्टी 'प्रजा राज्यम' के अध्यक्ष के रूप में सियासी सफर की शुरूआत हो रही है। साल 2014 में एक्टर ने अपनी खुद की पार्टी 'जनसेना' बनाई थी। जिसने साल 2020 में भारतीय जनता पार्टी से गठबंधन किया था। फिर साल 2024 के लोकसभा चुनाव में आंध्र प्रदेश में 21 सीटों पर चुनाव लड़ते हुए सभी सीटें जीती थीं। जिसके बाद पवन कल्याण को आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम का पद मिला था।

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National Nutrition Week 2026: दादी-नानी की थाली से Modern Diet तक, जानिए भारतीय भोजन का बदलता सफर

प्रत्येक वर्ष सितंबर के पहले सप्ताह में नेशनल न्यूट्रिशन वीक यानी राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाया जाता है। इस सप्ताह का उद्देश्य लोगों को पोषण, संतुलित आहार और हेल्दी जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है। गौरतलब है कि स्वस्थ शरीर के लिए केवल पेट भरना काफी नहीं है, बल्कि भोजन में जरुरी पोषक तत्वों का सही संतुलन होना भी जरुरी है।
आजकल की अनहेल्दी लाइफस्टाइल, बिजी दिनचर्या और खानपान में आए बदलाव के बीच पोषण को लेकर जागरुक होना पहले से कई ज्यादा जरुरी हो गया है। इसलिए नेशनल न्यूट्रिशन वीक इसी दिशा में लोगों को अपने भोजन और सेहत पर ध्यान देने का संदेश दिया जाता है। हालांकि बदलते समय के साथ केवल हमारी लाइफस्टाइल ही नहीं बदली, हमारी थाली भी बदल गई।
 दरअसल दादी-नानी की पारंपिरक और घर की थाली से लेकर आज के प्रोटीन और हेल्थ-कॉन्शस थाली तक खाने की आदतों में कई बदलाव देखने को मिलेगा। आखिर समय के साथ हमारी थाली में क्या-क्या बदला और अलग-अलग पीढ़ियों की डाइट कैसी रही? चलिए आपको बताते हैं दादी-नानी से लेकर आज की Gen Z तक भारतीय थाली के इस बदलते सफर को जानेंगे।

सबसे पहले जानें पोषण क्यों है जरूरी?
असल में हमारे शरीर को अलग-अलग पोषक तत्वों की जरुरत होती है। प्रोटीन शरीर के विकास और मांसपेशियों के लिए जरुरी है, बल्कि कार्बोहाइड्रेट शरीर को ऊर्जा देता है। विटामिन और मिनरल्स शरीर के विभिन्न कार्यों को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद करते हैं। फाइबर पाचन के लिए महत्वपूर्ण है और पर्याप्त पानी पीने से शरीर को हाइड्रेटेड रखें।

बदलती लाइफस्टाइल का खानपान पर असर
कुछ दशक पहले घर के खाने में दाल, सब्जियां, रोटी, चावल, दही, छाछ और मौसमी फल मुख्य होते थे। बाजरा, ज्वार और रागी जैसे पारंपरिक अनाज भी कई परिवारों के भोजन का हिस्सा थे। वहीं, आज की पीढ़ी फिर से इन चीजों की तरफ लौटकर आ रही है, क्योंकि वजह है- हेल्थ और न्यूट्रिशन।

दादी-नानी की थाली: प्राकृतिक और संतुलित भोजन
पुरानी पीढ़ी का भोजन काफी समय तक स्थानीय और मौसमी चीजों पर आधारित था। घर का बना ताजा खाना जैसे कि दालें, सब्जियां, अनाज, दही और छाछ रोजमर्रा के भोजन में शामिल रहते थे। बाजरा, ज्वार और रागी मिलेट्स भी कई क्षेत्रों नियमित रुप से खाए जाते थे। आज इन्हीं पारंपरिक अनाजों को फाइबर और पोषण के लिहाज से फिर इन्हें खाने की चर्चा बढ़ रही है।

माता-पिता की पीढ़ी: सुविधा ने बदली आदतें
बदलते हुए समय के साथ ही खाने की चीजों में काफी परिवर्तन देखा गया। पैकेज्ड और इंस्टेंट फूड घरों में बढ़ने लगा। बिस्कुट, पैकेज्ड स्नैक्स, इंस्टेंट नूडल्स और रेडी-टू-ईट फूड खाने का चलन बढ़ा। फिर फास्ट फूड और ऑनलाइन डिलीवरी ने बाहर के खाने की पहुंच को और बढ़ा दिया। स्वाद वाले इन भोजनों में ज्यादा नमक, चीनी या कैलोरी हो सकती है।

Gen Z: अब प्लेट में प्रोटीन और फाइबर
आज की युवा पीढ़ी भोजन को सिर्फ स्वाद से नहीं देख रही है, बल्कि फिटनेस और हेल्थ को लेकर बढ़ती जागरुकता के कारण प्रोटीन, फाइबर, कैलोरी और शुगर जैसे फैक्टर्स भी खाने के फैसले में शामिल हो रहे हैं। यह लोग प्रोटीन रिच फूड, दालें, पनीर, अंडे, दही, नट्स और सीड्स जैसे विकल्पों पर ध्यान बढ़ा है। इसके साथ ही सलाद, फल, सब्जियां और हाई-फाइबर फूड भी हेल्दी डाइट का हिस्सा बन रहे हैं।

मिलेट्स का क्रेज बढ़ता जा रहा है
 वर्तमान में बाजरा, ज्वार और रागी जैसे मिलेट्स इसका सबसे दिलचस्प उदाहरण है। जो अनाज कभी पारंपरिक भोजन का हिस्सा थे, वे अब आधुनिक हेल्थ डाइट में वापस आ रहे हैं। इस दौरान युवा पारंपरिक रोटी या दलिया के रुप में नहीं, बल्कि डोसा, चीला, खिचड़ी और दूसरे आधुनिक व्यंजनों में भी शामिल कर रहे हैं। 

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  Sports

दुनिया के वो 5 बल्लेबाज...जिन्होंने एक कैलेंडर वर्ष में बनाए सबसे ज्यादा टी20 रन

5 batsman Most runs in a calendar year in T20I: टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक कैलेंडर ईयर में रनों का अंबार लगाना बल्लेबाजों की असाधारण क्षमता को दर्शाता है. साल 2021 से 2025 के बीच कई खिलाड़ियों ने इस फॉर्मेट में रनों का पहाड़ खड़ा किया है. ऑस्ट्रिया के करणबीर सिंह ने 2025 में सर्वाधिक 1488 रन बनाकर इतिहास रचा, तो पाकिस्तान के मोहम्मद रिजवान ने 2021 में 1326 रन बनाए. इसके अलावा फियाज अहमद, सूर्यकुमार यादव और पी. कुरुप जैसे बल्लेबाजों ने अपनी तूफानी पारियों और शानदार औसत से टी20 क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराया है. Wed, 2 Sep 2026 19:28:23 +0530

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