Responsive Scrollable Menu

National Nutrition Week 2026: दादी-नानी की थाली से Modern Diet तक, जानिए भारतीय भोजन का बदलता सफर

प्रत्येक वर्ष सितंबर के पहले सप्ताह में नेशनल न्यूट्रिशन वीक यानी राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाया जाता है। इस सप्ताह का उद्देश्य लोगों को पोषण, संतुलित आहार और हेल्दी जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है। गौरतलब है कि स्वस्थ शरीर के लिए केवल पेट भरना काफी नहीं है, बल्कि भोजन में जरुरी पोषक तत्वों का सही संतुलन होना भी जरुरी है।
आजकल की अनहेल्दी लाइफस्टाइल, बिजी दिनचर्या और खानपान में आए बदलाव के बीच पोषण को लेकर जागरुक होना पहले से कई ज्यादा जरुरी हो गया है। इसलिए नेशनल न्यूट्रिशन वीक इसी दिशा में लोगों को अपने भोजन और सेहत पर ध्यान देने का संदेश दिया जाता है। हालांकि बदलते समय के साथ केवल हमारी लाइफस्टाइल ही नहीं बदली, हमारी थाली भी बदल गई।
 दरअसल दादी-नानी की पारंपिरक और घर की थाली से लेकर आज के प्रोटीन और हेल्थ-कॉन्शस थाली तक खाने की आदतों में कई बदलाव देखने को मिलेगा। आखिर समय के साथ हमारी थाली में क्या-क्या बदला और अलग-अलग पीढ़ियों की डाइट कैसी रही? चलिए आपको बताते हैं दादी-नानी से लेकर आज की Gen Z तक भारतीय थाली के इस बदलते सफर को जानेंगे।

सबसे पहले जानें पोषण क्यों है जरूरी?
असल में हमारे शरीर को अलग-अलग पोषक तत्वों की जरुरत होती है। प्रोटीन शरीर के विकास और मांसपेशियों के लिए जरुरी है, बल्कि कार्बोहाइड्रेट शरीर को ऊर्जा देता है। विटामिन और मिनरल्स शरीर के विभिन्न कार्यों को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद करते हैं। फाइबर पाचन के लिए महत्वपूर्ण है और पर्याप्त पानी पीने से शरीर को हाइड्रेटेड रखें।

बदलती लाइफस्टाइल का खानपान पर असर
कुछ दशक पहले घर के खाने में दाल, सब्जियां, रोटी, चावल, दही, छाछ और मौसमी फल मुख्य होते थे। बाजरा, ज्वार और रागी जैसे पारंपरिक अनाज भी कई परिवारों के भोजन का हिस्सा थे। वहीं, आज की पीढ़ी फिर से इन चीजों की तरफ लौटकर आ रही है, क्योंकि वजह है- हेल्थ और न्यूट्रिशन।

दादी-नानी की थाली: प्राकृतिक और संतुलित भोजन
पुरानी पीढ़ी का भोजन काफी समय तक स्थानीय और मौसमी चीजों पर आधारित था। घर का बना ताजा खाना जैसे कि दालें, सब्जियां, अनाज, दही और छाछ रोजमर्रा के भोजन में शामिल रहते थे। बाजरा, ज्वार और रागी मिलेट्स भी कई क्षेत्रों नियमित रुप से खाए जाते थे। आज इन्हीं पारंपरिक अनाजों को फाइबर और पोषण के लिहाज से फिर इन्हें खाने की चर्चा बढ़ रही है।

माता-पिता की पीढ़ी: सुविधा ने बदली आदतें
बदलते हुए समय के साथ ही खाने की चीजों में काफी परिवर्तन देखा गया। पैकेज्ड और इंस्टेंट फूड घरों में बढ़ने लगा। बिस्कुट, पैकेज्ड स्नैक्स, इंस्टेंट नूडल्स और रेडी-टू-ईट फूड खाने का चलन बढ़ा। फिर फास्ट फूड और ऑनलाइन डिलीवरी ने बाहर के खाने की पहुंच को और बढ़ा दिया। स्वाद वाले इन भोजनों में ज्यादा नमक, चीनी या कैलोरी हो सकती है।

Gen Z: अब प्लेट में प्रोटीन और फाइबर
आज की युवा पीढ़ी भोजन को सिर्फ स्वाद से नहीं देख रही है, बल्कि फिटनेस और हेल्थ को लेकर बढ़ती जागरुकता के कारण प्रोटीन, फाइबर, कैलोरी और शुगर जैसे फैक्टर्स भी खाने के फैसले में शामिल हो रहे हैं। यह लोग प्रोटीन रिच फूड, दालें, पनीर, अंडे, दही, नट्स और सीड्स जैसे विकल्पों पर ध्यान बढ़ा है। इसके साथ ही सलाद, फल, सब्जियां और हाई-फाइबर फूड भी हेल्दी डाइट का हिस्सा बन रहे हैं।

मिलेट्स का क्रेज बढ़ता जा रहा है
 वर्तमान में बाजरा, ज्वार और रागी जैसे मिलेट्स इसका सबसे दिलचस्प उदाहरण है। जो अनाज कभी पारंपरिक भोजन का हिस्सा थे, वे अब आधुनिक हेल्थ डाइट में वापस आ रहे हैं। इस दौरान युवा पारंपरिक रोटी या दलिया के रुप में नहीं, बल्कि डोसा, चीला, खिचड़ी और दूसरे आधुनिक व्यंजनों में भी शामिल कर रहे हैं। 

Continue reading on the app

  Sports

BCCI: टीम इंडिया की हार और फिटनेस पर मंथन, मुंबई में जुटेंगे क्रिकेट के बड़े चेहरे

मुंबई। भारतीय क्रिकेट में लगातार मिल रही हार और खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) गंभीर नजर आ रहा है। गुरुवार को मुंबई स्थित BCCI मुख्यालय में भारतीय क्रिकेट के बड़े अधिकारियों और कप्तानों की अहम बैठक होगी। इसमें हेड कोच गौतम गंभीर, चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण, टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल और टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर शामिल होंगे। बैठक की अध्यक्षता BCCI सचिव देवजीत सैकिया करेंगे।

बैठक में पिछले कुछ समय के प्रदर्शन का लेखा-जोखा रखा जाएगा और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। खास तौर पर टीम की प्लानिंग और इन बड़े पदों पर बैठे लोगों के बीच बेहतर तालमेल कैसे बनाया जाए, इस पर फोकस रहेगा। भारतीय टी20 टीम का हालिया प्रदर्शन चिंता बढ़ाने वाला रहा है। टीम को आयरलैंड के खिलाफ सीरीज में 0-2 से चौंकाने वाली हार मिली, जबकि इंग्लैंड ने भारत को 0-4 से हरा दिया। वनडे में भी स्थिति बहुत अच्छी नहीं रही। पिछली पांच वनडे सीरीज में भारत को तीन में हार का सामना करना पड़ा है। ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में मिली हार ने टीम मैनेजमेंट की चिंता बढ़ाई है।

अब नजर टेस्ट क्रिकेट पर है। भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ विदेशी जमीन पर टेस्ट सीरीज खेलनी है। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी करनी है। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचना फिलहाल मुश्किल नजर आ रहा है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में जीत की लय लौटाना और घरेलू मैदान पर दबदबा फिर कायम करना टीम की बड़ी प्राथमिकता होगी।

फिटनेस को लेकर COE पर सवाल
बैठक में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी चर्चा के केंद्र में रह सकता है। पिछले कुछ समय में कई खिलाड़ी फिट घोषित होने के बाद इंटरनेशनल मैचों के दौरान दोबारा चोटिल हुए हैं। आईपीएल के बाद फिट घोषित किए गए नितीश रेड्डी अफगानिस्तान के खिलाफ जून में क्वाड इंजरी के कारण बाहर हुए। जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में हर्षित राणा और वरुण चक्रवर्ती हैमस्ट्रिंग चोट का शिकार हुए। इसके बाद वॉशिंगटन सुंदर भी इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से राइट हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण बाहर हो गए।

फिटनेस को लेकर स्थिति यह है कि साई सुदर्शन और जसप्रीत बुमराह को श्रीलंका टेस्ट सीरीज के लिए फिट बताया गया था, लेकिन दोनों खेल नहीं सके। वॉशिंगटन सुंदर को भी अभी पूरी तरह फिट घोषित नहीं किया गया है। COE में स्पोर्ट्स साइंस हेड का पद करीब 18 महीने से खाली है। 

BCCI के एक अधिकारी के मुताबिक, मेडिकल टीम को चयनकर्ताओं को खिलाड़ी की फिटनेस और जोखिम की स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। लेकिन जवाबदेही तय करने वाला कोई प्रमुख अधिकारी नहीं होने से फैसले पर स्थिति साफ नहीं हो पा रही है। नतीजा यह है कि ‘subject to fitness’ अब अपवाद के बजाय टीम चयन का आम हिस्सा बनता जा रहा है।

रोहित शर्मा का भविष्य
ODI टीम को लेकर फ़िलहाल सबसे अहम मुद्दा पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर चयन का मुश्किल फैसला है। माना जा रहा है कि चयनकर्ताओं को अगले वर्ल्ड कप तक उनकी फ़ॉर्म और फ़िटनेस बनाए रखने की क्षमता पर भरोसा नहीं रहा था और उन्होंने इंग्लैंड सीरीज़ से पहले उनसे बात भी की थी। चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को लग रहा था कि रोहित इंग्लैंड के ख़िलाफ़ ODI सीरीज़ के बाद रिटायर हो जाएंगे, लेकिन लॉर्ड्स में होने वाले आखिरी ODI से ठीक पहले सैकिया ने ऐसी बातों को महज़ अटकलें बताकर खारिज कर दिया।

यह देखना बाकी है कि लॉर्ड्स में रोहित के शतक के बाद अगरकर यह मुद्दा उठाते हैं या BCCI दखल देता है। अगरकर का चीफ़ सेलेक्टर बने रहना भी BCCI के लिए चर्चा का विषय है। कहा जाता है कि सितंबर में अपना कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने पर उन्होंने पद छोड़ने की इच्छा जताई थी, लेकिन BCCI ने अभी तक इस पर कोई फ़ैसला नहीं लिया है।

Wed, 02 Sep 2026 20:41:25 +0530

  Videos
See all

Iran Attack on USA Base: ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर दागीं मिसाइलें | Jordan | Bahrin | IRGC | Trump #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-02T15:45:37+00:00

ChakraView | Sumit Awasthi: 'गड्ढापुर' का कालीन भैया कौन...सियासत ON ? | Ganga Express Way #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-02T15:45:32+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers