राम मंदिर चढ़ावा चोरी: आरोपी के बैंक खाते पर लगी रोक हटाने वाली याचिका पर सुनवाई 9 सितंबर को
अयोध्या, एक सितंबर उत्तर प्रदेश के अयोध्या की एक अदालत ने मंगलवार को राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में एक आरोपी की ओर से बैंक खाते में लेन-देन पर लगी रोक को हटाने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई नौ सितंबर तक टाल दी। आरोपी के वकील ने यह जानकारी दी। यह याचिका भारतीय स्टेट बैंक के सेवानिवृत्त कर्मचारी सुभाष श्रीवास्तव ने दायर की है।
श्रीवास्तव राम मंदिर में दान की गिनती के काम में शामिल थे और वह चढ़ावे की चोरी के मामले में जेल में बंद आठ आरोपियों में से एक हैं। श्रीवास्तव के वकील कुल शेखर सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि याचिका पर अयोध्या की भ्रष्टाचार निरोधक अदालत के न्यायाधीश रजत वर्मा के समक्ष सुनवाई हुई। उन्होंने बताया कि सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि श्रीवास्तव के बैंक खाते में कथित तौर पर अवैध धन जमा होने का पुलिस का आरोप निराधार है।
सिंह के अनुसार, संबंधित खाता केनरा बैंक में है और उसमें श्रीवास्तव की पेंशन आती है, जिससे उनके परिवार का खर्च चलता है। बचाव पक्ष ने अदालत से खाते पर लगी रोक को हटाने की अनुमति देने का अनुरोध किया और कहा कि पुलिस अब तक अपने आरोपों को साबित नहीं कर सकी है। वकील ने बताया कि अदालत ने मंगलवार को याचिका पर कोई आदेश पारित नहीं किया और मामले की अगली सुनवाई के लिए नौ सितंबर की तारीख तय की।
सिंह ने दावा किया कि मामले में पुलिस द्वारा लगाए गए आरोप अभी तक साबित नहीं हुए हैं।
PCR Vehicle में शराब की बोतल दिखने पर Delhi Police का हेड कांस्टेबल निलंबित, चालक पर भी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस के एक कर्मी और दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के एक चालक के खिलाफ एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कार्रवाई की गई है। इस वीडियो में वे एक शराब की बोतल पकड़े दिख रहे हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) वाहन के अंदर कर्मचारी एक शराब की बोतल पकड़े हुए दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस उपायुक्त (पीसीआर) ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए कथित घटना की जांच पहले ही की जा चुकी है। दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल और डीटीसी चालक की पहचान कर ली गई है।
हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है। पोस्ट में कहा गया है कि डीटीसी ने अपने चालक के खिलाफ विस्तृत विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है। पोस्ट में कहा गया है कि दिल्ली पुलिस किसी भी प्रकार के कदाचार को बर्दाश्त नहीं करती और जिम्मेदार पाए गए लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने बयान में इन कर्मियों की पहचान का खुलासा नहीं किया।
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