2 September History: Bula Choudhury ने दूसरी बार English Channel तैरकर रचा था इतिहास
नयी दिल्ली, दो सितंबर दो जनवरी 1970 को कलकत्ता में जन्मी बुला चौधरी लम्बी दूरी की एक अद्भुत महिला तैराक हैं। उन्होंने पांचों महाद्वीपों के सातों समुद्र तैर कर पार किए हैं। ‘अर्जुन पुरस्कार’ से सम्मानित बुला चौधरी को ‘जल परी’ की उपाधि दी गई।
उन्होंने इंग्लिश चैनल को दो बार तैरकर पार किया है और वह दो सितंबर 1999 का दिन था, जब उन्होंने दूसरी बार इंग्लिश चैनल पार करने का गौरव हासिल किया था। यह कारनामा अंजाम देने वाली वह एशिया की पहली महिला बनीं। 2003 में ‘ध्यानचंद लाइफटाइम एचीवमेंट’ अवॉर्ड से सम्मानित बुला का पूरा नाम बुला चौधरी चक्रवर्ती है| देश दुनिया के इतिहास में दो सितंबर की तारीख पर कुछ अन्य प्रमुख घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:- 1573 : अकबर ने अहमदाबाद के निकट एक निर्णायक युद्ध में विजय हासिल की और गुजरात पर कब्जा कर लिया।
इस जीत की खुशी में बुलंद दरवाजा बनवाया गया। 1775 : पहले अमेरिकी युद्ध पोत ‘हाना’ का जनरल जॉर्ज वाशिंगटन ने जलावतरण किया। 1789 : अमेरिका में राजस्व विभाग बनाया गया।
एलेक्जेंडर हेमिल्टन पहले मंत्री बने। 1806 : भूस्खलन के कारण स्विट्जरलैंड का एक पूरा शहर बर्बाद, 457 लोगों की मौत। 1926 : इटली और यमन में एक समझौता हुआ जिससे लाल सागर तट पर इटली का वर्चस्व स्थापित हुआ।
1930 : यूरोप से अमेरिका के लिए पहली सीधी उड़ान भरी गई। 1945 : जापान द्वारा हार स्वीकार कर लिए जाने के बाद छह साल तक चला दूसरा विश्व युद्ध समाप्त हुआ। 1946 : जवाहर लाल नेहरू के उप सभापतित्व में अंतरिम भारत सरकार का गठन।
1956 : हैदराबाद से सौ किलोमीटर दूर जडचेराला और महबूब नगर के बीच एक पुल गिरने से 125 लोगों की मौत। 1962 : सोवियत संघ क्यूबा को हथियार देने को राजी हुआ। 1969 : अमेरिका के न्यूयॉर्क में पहली ऑटोमैटिक टेलर मशीन (ए.टी.एम.) को दुनिया के सामने पेश किया गया।
1990 : काला सागर में सोवियत यात्री जहाज के डूबने से 79 यात्रियों की मौत। 1992 : अमेरिका और रूस अंतरिक्ष स्टेशन के निर्माण के लिए संयुक्त उपक्रम बनाने पर सहमत हुए। 1996 : मुस्लिम विद्रोहियों और फिलीपीन सरकार ने 26 वर्ष के गृह युद्ध के बाद एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।
1998 : पायलट रहित प्रशिक्षण विमान निशांत ने सफलतापूर्वक उड़ान भरी। 1999 : भारतीय तैराक बुला चौधरी इंग्लिश चैनल दो बार पार करने वाली प्रथम एशियाई महिला बनीं। 2001 : 1967 में विश्व में पहला हृदय प्रतिरोपण करने वाले दक्षिण अफ़्रीका के अग्रणी हृदय विशेषज्ञ क्रिश्चियन बर्नार्ड का निधन।
2007 : अल्बानिया विश्व का पहला रासायनिक हथियार युक्त राष्ट्र बना। 2008: गूगल क्रोम की शुरुआत। 2009 : आंध्र प्रदेश में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में राज्य के मुख्यमंत्री वाई.ए. राजशेखर रेड्डी का निधन।
2014 : नाइजीरिया के बोर्नो राज्य के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर बामा पर आतंकवादी संगठन बोको हराम ने नियंत्रण कर लिया था। इस दौरान हुए हमले में बड़ी संख्या में नागरिकों की जान गई। बाद में नाइजीरिया ने मित्र देशों की मदद से बामा पर अपना नियंत्रण पुन: हासिल किया।
2016 : फिलीपींस के दावाओ शहर के एक नाइट मार्केट में हुए एक शक्तिशाली बम विस्फोट में कम से कम 14 लोग मारे गए थे और 70 से अधिक घायल हुए थे। 2019 : अमेरिका के कैलिफोर्निया में द्वीप के समीप गोताखोरों को ले जा रही नौका में आग लगने से 34 लोगों की मौत। 2022 : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के पहले स्वदेश निर्मित विमानवाहक पोत ‘आईएनएस विक्रांत’ का कोच्चि में जलावतरण किया।
इसी दिन अफगानिस्तान के हेरात शहर में एक सुन्नी मस्जिद के बाहर हुए विस्फोट में 18 लोगों की मौत। 2023 : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने देश के पहले सूर्य मिशन ‘आदित्य एल1’ का श्रीहरिकोटा स्थित अंतरिक्ष केंद्र से सफल प्रक्षेपण किया। ‘आदित्य-एल1’ के उपकरण इसरो के विभिन्न केंद्रों के सहयोग से स्वदेशी रूप से विकसित किए गए हैं।
2024 : 2024 को कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य की राजधानी किंशासा स्थित मकाला केंद्रीय कारागार में हुई सामूहिक जेल तोड़ने की कोशिश, भगदड़ और गोलीबारी में कम से कम 129 कैदियों की मौत हो गई थी और 59 अन्य घायल हो गए थे। 2025 : सूडान के पश्चिमी क्षेत्र दारफुर में विनाशकारी भूस्खलन ने मर्राह पर्वतों में स्थित तरासिन गांव को तबाह कर दिया, जिसमें 1,000 से अधिक लोग मारे गए।
Delhi Bus Safety Rules: दिल्ली में बसों की सुरक्षा को लेकर सरकार सख्त, पैनिक बटन और ट्रैकिंग डिवाइस जरूरी
नोएडा में चलती स्लीपर बस में 16 साल की लड़की के साथ कथित गैंगरेप की घटना के बाद दिल्ली सरकार ने बसों की सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। दिल्ली परिवहन विभाग ने बस ऑपरेटरों के लिए कई नए निर्देश जारी किए हैं। इन नियमों के तहत बसों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और पैनिक बटन हर समय चालू रखना जरूरी होगा। इसके अलावा बसों में पर्दे और फिल्म लगे शीशे लगाने पर रोक लगा दी गई है। बसों को सड़क के बीच या किसी असुरक्षित और अनधिकृत जगह पर रोकने पर भी पाबंदी होगी।
बसों में ट्रैकिंग डिवाइस और पैनिक बटन जरूरी
परिवहन विभाग के आदेश के मुताबिक, दिल्ली में चलने वाली बसों में सुरक्षा से जुड़े सभी जरूरी उपकरण सही तरीके से काम करने चाहिए। इनमें व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और पैनिक बटन भी शामिल हैं।
बसों में पर्दे नहीं लगाए जा सकेंगे और शीशों पर फिल्म लगाने की भी अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही ड्राइवरों को बस को सड़क के बीच, चौराहे या किसी असुरक्षित जगह पर रोकने से बचना होगा। ड्राइवर के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए और उसे निर्धारित यूनिफॉर्म पहननी होगी।
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महिलाओं की सुरक्षा को लेकर खास निर्देश
सरकार ने बस ड्राइवर, कंडक्टर और दूसरे स्टाफ को महिलाओं के साथ होने वाली बदसलूकी और उत्पीड़न को रोकने के लिए जागरूक करने का निर्देश दिया है। अगर बस में किसी महिला के साथ छेड़छाड़, अश्लील व्यवहार या किसी अन्य तरह का अपराध होता है, तो बस के स्टाफ को तुरंत पुलिस को सूचना देनी होगी। इसके अलावा बस को नजदीकी पुलिस स्टेशन, पुलिस चौकी या पीसीआर वैन तक ले जाने का निर्देश भी दिया गया है।
परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में चलने वाली हर बस को तय सुरक्षा और संचालन मानकों का पालन करना होगा और जरूरी सुरक्षा उपकरण हर समय काम करने की स्थिति में होने चाहिए।
ड्राइवर और स्टाफ का वेरिफिकेशन जरूरी
नए निर्देशों के मुताबिक बस ऑपरेटरों को ड्राइवर, कंडक्टर, अटेंडेंट और दूसरे कर्मचारियों की जांच और वेरिफिकेशन करने के बाद ही उन्हें बस में तैनात करना होगा। बस स्टाफ को यात्रियों के साथ शालीनता से व्यवहार करने का भी निर्देश दिया गया है। इसके अलावा शराब या किसी नशीले पदार्थ के सेवन के बाद बस चलाने पर पूरी तरह रोक है।
रात में बस पार्क करने के लिए भी नियम
परिवहन विभाग ने रात और बस के खाली खड़े रहने के समय को लेकर भी नियम तय किए हैं। अब बसों को केवल अधिकृत, सुरक्षित और पर्याप्त रोशनी वाली जगहों पर ही पार्क किया जा सकेगा।
स्कूल बसों के लिए भी खास निर्देश जारी किए गए हैं। जहां जरूरी हो, वहां अधिकृत अटेंडेंट की मौजूदगी अनिवार्य होगी। बस चलते समय उसके दरवाजे सुरक्षित तरीके से बंद रहने चाहिए। बस ऑपरेटरों को प्रदूषण से जुड़े नियमों का पालन करना होगा और हर बस में वैध पीसीयू सर्टिफिकेट होना जरूरी है।
नोएडा गैंगरेप मामले की पुलिस जांच जारी
दिल्ली सरकार का यह कदम नोएडा में 4 अगस्त की रात एक 16 वर्षीय छात्रा के साथ चलती स्लीपर बस में कथित गैंगरेप की घटना के बाद आया है। पीड़िता उत्तर प्रदेश के मैनपुरी की रहने वाली और 11वीं कक्षा की छात्रा बताई गई है।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, मामले में बस के ड्राइवर कुलदीप (39) और कंडक्टर संदीप (26) को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से बस की लोकेशन का पता लगाया और उसे तिमारपुर की एक पार्किंग से बरामद किया।
पुलिस के अनुसार, लड़की ने परी चौक से बस में सफर शुरू किया था। उसे कंडक्टर ने बताया था कि बस नोएडा सेक्टर-63 जाएगी, जहां उसकी कजिन रहती थी। आरोप है कि इसके बाद लड़की के साथ चलती बस में अपराध किया गया और उसे कश्मीरी गेट के पास छोड़ दिया गया।
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बस के रूट की सीसीटीवी से जांच
पुलिस बस के रूट का पता लगाने के लिए कश्मीरी गेट, तिमारपुर पार्किंग और ग्रेटर नोएडा के परी चौक की सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। जांच में एक आरोपी के मोबाइल फोन की लोकेशन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, बस पर जुलाई में उत्तर प्रदेश में आठ चालान हुए थे। इनमें ज्यादातर चालान तेज गति से बस चलाने को लेकर थे। एक चालान 23 जुलाई को हमीरपुर में बिना परमिट बस चलाने के आरोप में 23 हजार रुपये का हुआ था। आठ चालानों की कुल रकम करीब 54 हजार रुपये बताई गई है।
अप्रैल में खरीदी गई थी बस
पुलिस के मुताबिक, बस को अप्रैल में खरीदा गया था और 28 अप्रैल को फिरोजाबाद में रजिस्टर कराया गया था। जांचकर्ताओं के अनुसार, बस में कंपनी की तरफ से स्लीपर बर्थ के आसपास पर्दे लगाए गए थे। ट्रैवल कंपनी ने पहले बताया था कि बस में लगे सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे क्योंकि बस में मरम्मत और बदलाव का काम चल रहा था।
पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर मामले से जुड़े सबूतों की जांच शुरू कर दी है। लड़की के कपड़ों और बस से मिले दूसरे सामान को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
दिल्ली महिला आयोग ने भी लिया संज्ञान
दिल्ली महिला आयोग ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को मामले की तेजी से जांच करने और सात दिनों के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। चलती बस में हुई इस घटना के बाद दिल्ली सरकार के नए सुरक्षा निर्देशों का मकसद सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करना है।
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