BCCI बड़ा एक्शन लेने को तैयार, क्या गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट समेत इन खिलाड़ियों पर गिरेगी गाज?
BCCI : भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) दुनिया के सबसे अमीर बोर्ड में से एक हैं. इंडियन क्रिकेट टीम की देखरेख में बीसीसीआई कोई भी कमी नहीं छोड़ता है. टीम इंडिया के कोच, खिलाड़ियों और मैनेजमेंट को कोई परेशानी न हो इसका हिसाब बीसीसीआई पूरी तरीके से रखता है. लेकिन पिछले कुछ समय में टीम में अनबन और गौतम गंभीर के टीम मैनेजमेंट की कुछ ऐसी बातें समय-समय पर सामने आईं, जिन्होंने चिंता का माहौल इंडियन क्रिकेट में पैदा कर दिया.
इसमें रोहित शर्मा की इंग्लैंड दौरे पर लॉर्ड्स वनडे के बाद संन्यास लेने वाली खबर थी. इसके साथ ही संजू सैमसन को हमेशा के लिए टी20 सेटअप से बाहर करने की खबर से भी सभी को हैरान कर दिया था. वहीं वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग-11 में शामिल करने को लेकर भी विवाद सामने आया था. उन्होंने डेब्यू के लिए इंतजार करना पड़ा और आखिर में वो इंग्लैंड में प्रदर्शन नहीं कर पाए. उसके बाद वीवीएस लक्ष्मण की कोचिंग में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया.
भारत ने पिछली 3 टी20 सीरीज में से 2 सीरीज हारी हैं. इनमें आयरलैंड के खिलाफ 2-0 से और इंग्लैंड के खिलाफ 4-0 से हार मिली थी. इसके बाद जिम्बाब्वे सीरीज को भारत ने जीता था. वहीं 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप में क्या रोहित शर्मा और विराट कोहली खेलेंगे. ऐसे सवाल भी सामने आते रहते हैं. इनके अलावा 2027 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया में अनभवी गेंदबाजों भुवनेश्वर कुमार और मोहम्मद शमी की वापसी होगी. ऐसे सवाल भी बहुत सारे क्रिकेट फैंस के मन में हैं.
बीसीसीआई बड़ा एक्शन लेने को तैयार
अब इन सभी सवाल का जवाब देने के लिए शायद बीसीसीआई एक बड़ा कदम उठाने जा रही हैं. बीसीसीआई एक बड़ा एक्शन लेने वाली है. इससे कई खिलाड़ियों, टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं पर गाज गिर सकती है. दरअसल, जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीसआई कल मुंबई में एक मीटिंग करने वाली है. ये एक रिव्यू मीटिंग होगी.
???? REVIEW MEETING IS TOMORROW ????????
— Johns. (@CricCrazyJohns) September 2, 2026
- BCCI will do a review meeting for the losses aganist England, Ireland & future planing for New Zealand tour & World Cup tomorrow in Mumbai. [Abhishek Tripathi]
Main focus is on injured players. pic.twitter.com/NyMy1lWmkS
इन खिलाड़ियों के भविष्य पर भी होगी बात
इस मीटिंग में बीसीसीआई इंग्लैंड और आयरलैंड से मिली हार का आंकलन करने वाली है. इसके साथ-साथ बीसीसीआई न्यूजीलैंड दौरे और वनडे वर्ल्ड कप 2027 के लिए आगे की प्लानिंग को अंजाम देगी. इसमें रोहित शर्मा, विराट कोहली, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी और रविंद्र जडेजा जैसे सीनियर खिलाड़ियों के भविष्य पर भी बात हो सकती है.
इन मुद्दों पर भी किया जा सकता है विचार
इस मीटिंग में गौतम गंभीर के बाद टीम इंडिया का कोच कौन बन सकता है. इस पर भी विचार किया जा सकता है. गंभीर ने 2023 में टीम में हेड कोच का पद संभाला था. तब से अब तक उनका करियर बतौर कुछ बहुत ज्यादा अच्छा नहीं रहा है. अब जब 2027 में उनका कार्यकाल समाप्त हो जाएगा तो उनके बाद टीम का कोच कौन बनेगा इस पर भी सोचा जा सकता है. इसके साथ ही गंभीर के टीम मैनेजमेंट में क्या परेशानियां चल रहे हैं. इन पर भी खुलकर बात की जा सकती है.
India’s squad for Afghanistan T20I series announced. #TeamIndia will play three T20Is against Afghanistan at New Delhi, beginning September 13.#AFGvIND pic.twitter.com/UqTUeZyHz8
— BCCI (@BCCI) September 1, 2026
आपको बता दें कि, इन दिनों भारतीय क्रिकेट टीम अफगानिस्तान के साथ दिल्ली में तीन मैचों की टी20 सीरीज खेलने की तैयारी कर रही है. इस सीरीज को अफगानिस्तान होस्ट करने वाली है. ये सीरीज 13 से लेकर 17 सितंबर तक खेली जाने वाली है. इस सीहीज के लिए भारत के अपने स्क्वाड का ऐलान भी कर दिया है.
ये भी पढ़ें : IND VS AFG: 13 सितंबर से एक्शन में लौटेगी टीम इंडिया, नोट कर लीजिए भारत-अफगानिस्तान सीरीज का शेड्यूल और टाइम
Krishna Janmashtami 2026: 4 सितंबर को मनाई जाएगी जन्माष्टमी, निशिता काल में करें पूजा, जानें सरल पूजन विधि
Krishna Janmashtami 2026: हर साल जन्माष्टमी का त्योहार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनाई जाती है. इस वर्ष 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को जन्माष्टमी मनाई जाने वाली है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस वर्ष की जन्माष्टमी बेहद खास होने वाली है. जन्माष्टमी 2026 का व्रत रखने से साधकों को इस साल 40 एकादशियों का लाभ प्राप्त होगा. बता दें कि जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है. इसलिए, इस दिन देश के मंदिरों में लड्डू गोपाल का जन्मोत्सव होता है और रात्रि में व्रत तोड़कर भजन-कीर्तन किया जाता है. आइए जानते हैं इस साल जन्माष्टमी पर निशिता काल पूजा का मुहूर्त क्या रहेगा और जन्मोत्सव पर पूजा करने की सरल विधि के बारे में.
जन्माष्टमी 2026 तिथि
द्रिक पंचांग के अनुसार, जन्माष्टमी का त्योहार इस साल 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को मनाया जाने वाला है. इस बार भगवान श्रीकृष्ण का 5253 वां जन्मोत्सव मनाया जाएगा. वहीं, इस साल दही हांडी का त्योहार 5 सितंबर 2026, शनिवार को मनाया जाएगा. बता दें कि अष्टमी तिथि का प्रारम्भ 4 सितंबर 2026 को रात्रि 02:25 मिनट पर होगा और अष्टमी तिथि समापन 5 सितंबर 2026 को रात 12 बजकर 13 मिनट पर होगा. इस दिन रोहिणी नक्षत्र का प्रारम्भ 4 सितंबर को रात 12:29 पर होगा और रोहिणी नक्षत्र का समापन 4 सितंबर 2026 को रात 11 बजकर 4 मिनट पर होगा.
ये भी पढ़ें- Hartalika Teej 2026: 13 या 14 सितंबर... हरतालिका तीज कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व
पारण करने का शुभ मुहूर्त
वर्तमान में भारत के कई स्थानों पर पारण निशिता काल की पूजा के बाद यानी मध्य रात्रि में किया जाता है. ऐसे में समय रात्रि में भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव करने के बाद फल व दूध आदि जैसे भोजन ग्रहण कर सकते हैं. इसके पश्चात अगले दिन सुबह पूजा-पाठ करके विधिवत व्रत का पारण करें और व्रत खोलें. जन्माष्टमी के अगले दिन 5 सितंबर 2026 को प्रात:काल 6 बजकर 5 मिनट के बाद व्रत का पारण किया जा सकता है. सुबह स्नान आदि करने के बाद भगवान कृष्ण की पूजा करें और उन्हें भोग लगाएं फिर प्रसाद ग्रहण करें.
क्यों खास है जन्माष्टमी 2026?
भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ था. इस साल जन्माष्टमी पर रोहिणी नक्षत्र के साथ-साथ कई नक्षत्रों का भी शुभ संयोग बन रहा है. 4 सितंबर को जब मध्यरात्रि में जन्मोत्सव होगा तो रोहिणी नक्षत्र और अष्टमी तिथि का संयोग बनेगा. धार्मिक मान्यता है कि द्वापर युग में इस समय में ही कृष्ण जी का जन्म होता है. हालांकि, कई बार किसी-किसी वर्ष में अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का संयोग साथ में नहीं बन पाता है. मगर यह वर्ष विशेष है क्योंकि दोनों का संयोग हो रहा है. इसके अलावा, जन्माष्टमी के दिन चंद्रमा वृषभ राशि में रहेंगे और ग्रह-नक्षत्रों का भी दिव्य संयोग बन रहा है.
जन्माष्टमी क्यों मनाई जाती है?
धार्मिक कथाओं के अनुसार, जब द्वापर युग में मथुरा के राजा कंस का आतंक फैल गया था तो भगवान का जन्म हुआ था. कहा जाता है कि कंस जो स्वयं भगवान श्रीकृष्ण के मामा थे, वे यादवों पर अत्याचार करते थे. उन्होंने अपने पिता से राजगद्दी छीनकर उन्हें बंदी बना लिया था और स्वयं राज्य करने लगे थे. एक दिन एक आकाशवाणी होती है, जिसमें कंस के अंत का कारण उसकी बहन द्वारा पैदा होने वाली संतान को बताया था. देवकी कंस की बहन थी, जिसने वासुदेव से विवाह किया था. जैसे ही उन दोनों का विवाह हुआ तो वह मथुरा पहुंचे. वहां कंस ने दोनों को कारागार में कैद कर दिया और देवकी और वासुदेव की संतान का जन्म होते ही उसे मार दिया. इस तरह करीब 7 संतानों की मृत्यु हुई और फिर आठवी संतान भगवान कृष्ण थे. भगवान कृष्ण को श्रीहरी विष्णु का मनुष्य अवतार माना जाता है. उन्होंने यादवों को कंस के आतंक से मुक्त कराने के लिए पृथ्वी पर जन्म लिया था. जिस दिन भगवान कृष्ण ने जन्म लिया, वह रात्रि बहुत भयानक थी. तेज वर्षा और पूरा मथुरा जलमग्न हो चुका था. मगर वासुदेव ने श्रीकृष्ण की रक्षा के लिए उस वर्षा में भी कृष्ण को टोकरी में बिठाकर अपने सिर पर उठाया और उन्हें गोकुल तक लेकर आए, जहां उनके मित्र नंद ने भगवान कृष्ण का पालन पोषण किया था. गोकुल में यशोदा मैया के दुलारे कृष्ण ने अपनी लीलाओं से सभी को आश्चर्यचकित कर दिया था. इसके बाद कंस मामा का अंत किया और अपने माता-पिता को मुक्त करवाया.
भगवान कृष्ण के दिव्य जन्मोत्सव की वजह से ही हर वर्ष भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी पर जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई जाती है.
जन्माष्टमी पूजन की पहले से कर लें तैयारियां
जन्माष्टमी के लिए पूजा की तैयारियां हमें पहले से ही कर लेनी चाहिए. यदि आप घर में ही लड्डू गोपाल का जन्म करते हैं तो अपने लड्डू गोपाल के लिए नए वस्त्र, मुकुट, बांसुरी और सभी श्रृंगार की सामग्रियां एकत्रित कर लें. भगवान कृष्ण को पीले वस्त्र पहनाएं जाते हैं. इसलिए, पीले या पीतांबरी वस्त्र खरीदें. उन्हें माखन-मिश्री प्रिय होता है. इसलिए, भोग के लिए माखन-मिश्री, फल और अन्य चीजों को खरीदें. जन्माष्टमी पर धनिया पंजीरी का प्रसाद भी चढ़ाया जाता है.
कैसे करें लड्डू गोपाल का अभिषेक?
जन्माष्टमी के दिन लड्डू गोपाल का अभिषेक करना होता है. इसके लिए आपको सर्वप्रथम भगवान का गंगाजल से अभिषेक करना होता है. इसके बाद पंचामृत से अभिषेक करें. अब दोबारा गंगाजल या शुद्ध जल से स्नान आदि करवाएं. अभिषेक के बाद लड्डू गोपाल की मूर्ति को साफ कपड़े से पोंछ लें. इसके बाद उन्हें नए वस्त्र पहनाएं, मुकुट-बांसुरी समेत श्रृंगार की सभी चीजें उन्हें पहनाएं. इसके बाद उन्हें उनके स्थान पर विराजमान करें. आप चाहे तो जन्माष्टमी पर कान्हा के लिए झूले की व्यवस्था भी कर सकते हैं. झूला लगाया गया है तो पूजन के बाद भगवान को परिवार के सभी लोग उन्हें झूला झुलाएं.
जन्माष्टमी पूजन की सरल विधि
- सबसे पहले लड्डू गोपाल का पंचामृत व शुद्ध जल से अभिषेक करें. पंचामृत बनाने के लिए आपको दूध, दही, घी, शक्कर और शहद लेना होता है.
- लड्डू गोपाल की मूर्ति के साथ छोटी गौ माता की मूर्ति भी रखी जाती हैं. उनकी भी पूजा करें.
- अब ठाकुर जी को वस्त्र पहनाएं, अलंकार-आभूषण पहनाकर तैयार करें. उन्हें वैजयंती माला अर्पित करें.
- इसके बाद केसर चंदन का तिलक करें.
- भगवान श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री, लड्डू, मखाने की खीर, धनिया पंजीरी और तुलसी दल तथा फलों का भोग लगाएं.
- पूजा के दौरान ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नमः: मंत्र का जाप करें.
- गाय की मूर्ति के सामने देसी घी का दीया जलाएं और उनकी आरते उतारें.
- अब पूरा परिवार मिलकर भगवान कृष्ण की आरती करें. इसके बाद गायों को प्रसाद खिलाएं तथा परिवार के सभी लोगों को प्रसाद बांटे.
- भगवान से पूजा के दौरान हुई भूल-चूक के लिए माफी मांगे.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation







