दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आज, 2 सितंबर 2026 को राजधानी में होने वाली BRICS मोटरकेड रिहर्सल को लेकर एक विस्तृत ट्रैफिक एडवाइज़री जारी की है। सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलने वाली इस फुल-ड्रेस रिहर्सल के चलते नई दिल्ली और आसपास की कई मुख्य सड़कों पर यातायात प्रभावित रहेगा तथा रूट डायवर्ट किए गए हैं। एडवाइज़री के अनुसार, रिहर्सल के दौरान 22 जगहों और 35 से ज़्यादा सड़कों पर ट्रैफिक डायवर्जन (रास्ता बदलना) किया जाएगा।
ट्रैफिक जाम से बचने के लिए लोगों से अपील की गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें, यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें, पब्लिक ट्रांसपोर्ट (खासकर मेट्रो) का इस्तेमाल करें और ट्रैफिक पुलिस के बताए डायवर्जन रूट और निर्देशों का पालन करें। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के X पोस्ट के अनुसार, इमरजेंसी और ज़रूरी सेवाओं वाली गाड़ियों को निकलने में प्राथमिकता दी जाएगी।
BRICS समिट 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होनी है। इस समिट में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के शामिल होने की संभावना है। BRICS नेताओं की पिछली मुलाकात पिछले साल जुलाई में ब्राजील के रियो डी जनेरियो में 17वीं BRICS समिट के लिए हुई थी, जिसकी थीम "अधिक समावेशी और टिकाऊ शासन के लिए ग्लोबल साउथ सहयोग को मजबूत करना" थी।
BRICS समिट 2026
BRICS एक प्रभावशाली अंतर-सरकारी संगठन है, जिसे ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ने पश्चिमी देशों के पारंपरिक भू-राजनीतिक और आर्थिक दबदबे को चुनौती देने के मकसद से बनाया था। दुनिया की आबादी और ग्लोबल GDP के एक बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करने वाला यह समूह अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों में सुधार और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करने की कोशिश करता है। बाद में इस समूह का विस्तार हुआ और इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात जैसे नए सदस्य शामिल हुए, जिससे पश्चिम एशिया और अफ्रीका में इसका प्रभाव काफी बढ़ गया है।
भारत ने वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए BRICS के बीच तालमेल का आह्वान किया
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने BRICS देशों से भू-राजनीतिक तनाव और व्यापार में रुकावटों के असर से बेहतर ढंग से निपटने के लिए "व्यावहारिक तरीके" खोजने का आह्वान किया है। साथ ही, उन्होंने वैश्विक विवादों को सुलझाने में बातचीत और कूटनीति के महत्व पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित BRICS सम्मेलन में ये बातें कहीं, जिसमें रूस, ईरान, ब्राजील और अन्य सदस्य देशों के विदेश मंत्री शामिल हुए थे। भारत में हुई यह बैठक इसलिए और भी अहम हो गई क्योंकि इस ग्रुप के देशों में पश्चिम एशिया के संकट के आर्थिक असर, खासकर अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच चल रहे टकराव की वजह से एनर्जी सप्लाई में रुकावट को लेकर चिंता बढ़ रही थी। दो दिन की इस बैठक में अपने शुरुआती भाषण (जो टीवी पर दिखाया गया) में जयशंकर ने कहा, "हम ऐसे समय में मिल रहे हैं जब अंतरराष्ट्रीय रिश्तों में काफी उतार-चढ़ाव आ रहे हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "चल रहे टकराव, आर्थिक अनिश्चितता और व्यापार, टेक्नोलॉजी व क्लाइमेट से जुड़ी चुनौतियां दुनिया की तस्वीर बदल रही हैं।" ब्रिक्स में 11 बड़ी उभरती हुई अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं और यह दुनिया की लगभग 49.5 प्रतिशत आबादी, ग्लोबल GDP के करीब 40 प्रतिशत और ग्लोबल ट्रेड के लगभग 26 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। ग्रुप के मौजूदा चेयरमैन के तौर पर, भारत ने सितंबर में होने वाले सालाना ब्रिक्स समिट से पहले विदेश मंत्रियों की यह बैठक आयोजित की।
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जहां 15 साल की उम्र में ज्यादातर किशोर पढ़ाई, दोस्त व सोशल मीडिया में व्यस्त रहते हैं, वहीं अमेरिका के वरमोंट का छात्र डीन रॉय अनोखा रिकॉर्ड बनाने जा रहा है। डीन अभी न वोट दे सकते हैं, न अकेले कार चला सकते हैं, पर नवंबर में होने वाले चुनाव में उनका नाम वरमोंट के गवर्नर पद के आधिकारिक प्रत्याशी के रूप में बैलेट पेपर पर होगा। इतनी कम उम्र में चुनावी मैदान में उतरकर उन्होंने सभी का ध्यान खींच लिया है। डीन रॉय ने डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टियों की पारंपरिक राजनीति से अलग हटकर अपनी एक नई पार्टी बनाई है... ‘फ्रीडम एंड यूनिटी पार्टी’। वे मानते हैं कि बुजुर्ग राजनेताओं ने युवा पीढ़ी की बुनियादी समस्याओं को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है। डीन का कहना है, ‘हमारा मकसद चुनाव जीतना ही नहीं, बल्कि ऐसा असर छोड़ना है कि सत्ता में बैठे शीर्ष नेताओं को युवाओं की आवाज सुनने के लिए मजबूर होना पड़े।’ न्यू हैंपशायर यूनिवर्सिटी के सर्वे में डीन को 3% समर्थन मिलता दिखा है, जो 15 वर्षीय निर्दलीय हाई स्कूल छात्र के लिए चौंकाने वाला आंकड़ा है। डीन पढ़ाई के साथ पैरेंट्स के पिज्जा रेस्त्रां में भी मदद करते हैं। सोशल मीडिया पर वे बेबाक और संतुलित विचारों के कारण तेजी से लोकप्रिय हुए हैं। किसी एक विचारधारा से बंधने के बजाय वे मुद्दों के आधार पर राय रखते हैं। अरबपतियों की संपत्ति पर सीमा लगाने की बात करने वाले डीन बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर सरकारी रोक के भी विरोधी हैं। डीन मानते हैं कि लोकप्रिय गवर्नर फिल स्कॉट को हराना मुश्किल है, पर उनकी उम्मीदवारी युवाओं की राजनीतिक भागीदारी व नई सोच का संकेत है। चुनाव के बाद कॉलेज जाएं या सक्रिय राजनीति में उतरें, इसका फैसला करने के लिए उनके पास अभी पर्याप्त समय है। चुनौती की तरह लिया शिक्षक का मजाक वरमोंट राज्य के संविधान में गवर्नर बनने के लिए न्यूनतम आयु की कोई बाध्यता नहीं है। 8वीं कक्षा में राज्य विधानसभा में इंटर्नशिप के दौरान जब एक शिक्षक ने मजाक में उनसे चुनाव लड़ने को कहा, तो डीन ने इसे चुनौती की तरह लिया। उन्होंने नियमों की पड़ताल की और मां चेसी के साथ पोस्ट ऑफिस के बाहर खड़े होकर लोगों से बात की। चुनाव लड़ने के लिए जरूरी 500 वोटर्स के साइन जुटाए।
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