NIC Scientific & Technical Assistant Recruitment 2026 Apply Online
National Informatics Centre (NIC) ने Scientific and Technical Assistant-A Recruitment 2026 के लिए भर्ती Notification जारी किया है। इस भर्ती के तहत Scientific / Technical Assistant-A के कुल 376 पदों पर योग्य उम्मीदवारों की भर्ती की जाएगी। जो उम्मीदवार NIC Scientific and Technical Assistant-A Recruitment 2026 में रुचि रखते हैं, वे 01 सितंबर 2026 से […]
भारत और विश्व बैंक के बीच साझेदारी होगी और मजबूत, वित्त मंत्री ने अजय बंगा के साथ की अहम बैठक
सागर कुलकर्णी
वॉशिंगटन, दो सितंबर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा से मुलाकात की और भारत तथा इस अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्था के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। सीतारमण ने मंगलवार को एशविल में जी20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नर (एफएमसीबीजी) की बैठक से इतर बंगा से मुलाकात की। वित्त मंत्रालय के बयान में कहा गया, ‘‘केंद्रीय वित्त मंत्री ने भारत के साथ विश्व बैंक समूह के लगातार जुड़ाव की सराहना की और 1.5 अरब अमेरिकी डॉलर के विकास नीति वित्तपोषण (डीपीएफ) को तेजी से मंजूरी दिए जाने का उल्लेख किया।’’ बयान में कहा गया कि सीतारमण ने सिडबी के जरिये सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) को अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम (आईएफसी) के समर्थन की भी सराहना की। इसे रिकॉर्ड समय में मंजूरी दी गई थी और इसका एमएसएमई क्षेत्र पर सकारात्मक असर पड़ा है। वित्त मंत्रालय ने कहा, ‘‘दोनों नेताओं ने भारत तथा विश्व बैंक समूह के बीच साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की। इसमें भारत में बहुपक्षीय निवेश गारंटी एजेंसी (एमआईजीए) की बड़ी भूमिका तलाशना भी शामिल है, ताकि गारंटी के व्यवस्थित इस्तेमाल और निजी पूंजी को अधिक जुटाने के जरिये कॉरपोरेट, बुनियादी ढांचा और स्थानीय बॉन्ड बाजारों को गहरा किया जा सके।’’ बयान में कहा गया कि बातचीत में बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए ऋण साख बढ़ाने के वास्ते क्षेत्र-आधारित और कार्यक्रम आधारित दृष्टिकोण पर भी चर्चा हुई। बयान के अनुसार, बंगा ने भारत के बुनियादी ढांचे में हुए महत्वपूर्ण बदलाव की सराहना की और कहा कि भारत की विकास संबंधी महत्वाकांक्षाओं को समर्थन देने के लिए विश्व बैंक समूह के साधनों का और अधिक इस्तेमाल करने की संभावनाएं हैं। इसमें एमआईजीए की भागीदारी और विदेशों में निवेश करने वाली भारतीय कंपनियों के लिए राजनीतिक जोखिम बीमा भी शामिल है। सीतारमण ने भारत में ‘ग्लोबल डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर नॉलेज हब’ स्थापित करने के लिए विश्व बैंक समूह के साथ भारत के जुड़ाव का उल्लेख किया। उन्होंने कृषि जैसे क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशने और इसके जल्द शुरू होने की दिशा में प्रगति की उम्मीद जताई। बयान में कहा गया कि केंद्रीय वित्त मंत्री ने नए भारत-विश्व बैंक समूह देश साझेदारी ढांचे के तहत वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी पर्यटन स्थलों के विकास पर भी चर्चा की। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक (आईबीआरडी) की नीतिगत और बुनियादी ढांचा सहायता, आईएफसी के निवेश और एमआईजीए की गारंटी को एक समन्वित दृष्टिकोण के तहत जोड़ा जाएगा। वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने साझेदारी को पारंपरिक ऋणदाता-ऋण लेने वाले संबंध से आगे बढ़ाकर वैश्विक ज्ञान, नवाचार तथा निजी पूंजी जुटाने के लिए एक रणनीतिक मंच बनाने पर भी चर्चा की। इसमें भारत के व्यापक स्तर और क्रियान्वयन क्षमता को विश्व बैंक समूह की वैश्विक विशेषज्ञता और वित्तीय साधनों के साथ जोड़ा जाएगा।
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