Responsive Scrollable Menu

Hal Shashthi 2026: संतान की खुशहाली के लिए माताएं रखेंगी व्रत, जानें पूजन के लिए सही Shubh Muhurat

हर साल भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को हल षष्ठी का व्रत किया जाता है। इस बार 02 सितंबर 2026 को हल षष्ठी का व्रत किया जा रहा है। धार्मिक मान्यता है कि इस तिथि पर भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम का जन्म हुआ था। हल षष्ठी को चंदन षष्ठी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं संतान की दीर्घायु, सुख और बेहतर सेहत के लिए व्रत करती हैं। महिलाएं इस दिन चंद्र देव को अर्घ्य दिया जाता है। तो आइए जानते हल षष्ठी की तिथि, मुहूर्त, पूजन विधि और महत्व के बारे में...

तिथि और मुहू्र्त

वैदिक पंचांग के मुताबिक 02 सितंबर की सुबह 06:13 मिनट से भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि की शुरूआत होगी। वहीं इसी दिन मध्य रात्री के बाद यानी 3 सितंबर की सुबह 04:27 मिनट तक षष्ठी तिथि रहेगी। ऐसे में उदयातिथि के मुताबिक 02 सितंबर 2026 को हल षष्ठी का व्रत किया जाएगा।

पूजन विधि

इस दिन सुबह जल्दी उठकर महुए की दातून से दांत साफ करें और स्नान आदि करके साफ कपड़े पहनें। इसके बाद व्रत का संकल्प लें और पूजा स्थल पर गाय के गोबर से हल छठ माता, हल, सप्तऋषि, पशु और किसान से संबंधित चित्र बनाएं। एक चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर कलश स्थापित करें। फिर चौकी पर भगवान गणेश और मां पार्वती की प्रतिमा को स्थापित करें।

फिर विधिविधान से पूजा-अर्चना करें और मिट्टी के कुल्हट में ज्वार की धानी और महुआ आदि रखें। वहीं मटकी में देवली-छेवली रखें। सबसे पहले हल छठ माता की पूजा करें, इसके बाद कुल्हड़ और मटकी की पूजा करें। इस पूजा में 7 तरह के अनाज, धूल के साथ भुना हुआ चना, आभूषण और हल्दी से रंगा हुआ वस्त्र अर्पित करें। परंपरा के मुताबिक भैंस के दूध से बने मक्खन से हवन करें। फिर हल छठ की कथा सुनें। पूजा के अंत में भगवान श्रीकृष्ण और बलराम की आरती करें।

महत्व

हरछठ का पर्व सिर्फ संतान की सुख-समृद्धि से जुड़ा पर्व नहीं बल्कि इस पर्व का संबंध ग्रामीण और कृषि जीवन से भी है। हल को भगवान बलराम का प्रमुख अस्त्र माना जाता है। इसलिए इस पर्व में हल और खेती से संबंधित वस्तुओं का विशेष महत्व माना जाता है। इस व्रत को करने से माताओं को संतान की अच्छी सेहत और दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है।

Continue reading on the app

पंजाब सरकार DA मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंची:कहा- ₹14191 करोड़ 15 दिन में देना संभव नहीं, केंद्र से ज्यादा सैलरी दे रहे

पंजाब सरकार ने मुलाजिमों को DA जारी करने के लिए हाथ खड़े कर दिए हैं। सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की डबल बैंच के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने के लिए स्पेशल लीव पिटीशन फाइल कर दी है। सरकार ने अपनी पिटीशन में साफ कह दिया कि मुलाजिमों को 15 दिन में 14191 करोड़ रुपए की राशि देना संभव ही नहीं है। यही नहीं, सरकार ने अपनी पिटीशन में केंद्र सरकार और पंजाब सरकार के मुलाजिमों के वेतन के आंकड़ें भी दिए हैं। पंजाब सरकार की दलील है कि वो केंद्र सरकार से ज्यादा वेतन अपने मुलाजिमों को दे रही है। अगर डीए लागू किया तो मुलाजिमों की सेलरी और ज्यादा हो जाएगी। अब देखना होगा कि सुप्रीम कोर्ट पंजाब सरकार की स्पेशल लीव पिटीशन को सुनवाई के लिए कब लिस्टेड करता है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर सुनवाई करने से पहले मुलाजिमों का पक्ष भी जानेगा क्योंकि मुलाजिम पहले ही सुप्रीम कोर्ट में केविएट फाइल कर चुके हैं। उधर, साझा मुलाजिम मंच के अध्यक्ष सुखचैन सिंह खैहरा ने भी सरकार को सुप्रीम कोर्ट में पूरा जवाब देने की बात कही है। उनका कहना है कि पंजाब सरकार को जिस तरह हाईकोर्ट की सिंगल बैंच और डबल बैंच में मुंह की खानी पड़ी है वैसे ही सुप्रीम कोर्ट में भी खानी पड़ेगी। सुप्रीम कोर्ट बंगाल के मामले में भी अपना आदेश सुना चुकी है और उसी आदेश के आधार पर हाईकोर्ट ने भी फैसला दिया है। पंजाब सरकार ने पिटीशन में दी ये 7 अहम दलीलें... 1. पंजाब के कर्मचारियों की सैलरी केंद्र से पहले ही ज्यादा सरकार का कहना है कि पंजाब के कर्मचारियों की बेसिक पे अधिक होने से उनका कुल टेक-होम वेतन कई केंद्रीय कर्मचारियों से ज्यादा है। 42% DA के साथ पंजाब में क्लर्क और कांस्टेबल को ₹54,812 मिलते हैं, जबकि केंद्र में 60% DA के बावजूद ₹36,960 मिलते हैं। यानी पंजाब में वेतन 48% ज्यादा है। DA 60% होने पर पंजाब में यह वेतन ₹61,760 हो जाएगा, जो केंद्र से 67% ज्यादा होगा। 2. राज्य की 51% कमाई वेतन-पेंशन में खर्च हो रही सरकार के मुताबिक, पंजाब अपनी कुल राजस्व प्राप्ति का करीब 51% सिर्फ वेतन और पेंशन पर खर्च करता है, जबकि प्रमुख राज्यों का औसत 38% है। वेतन, पेंशन और कर्ज का ब्याज मिलाकर करीब 82% राजस्व खर्च हो जाता है। 2025-26 में वेतन-पेंशन का अनुमानित खर्च ₹58,064 करोड़ है। 3. केंद्र की तर्ज पर डीए देना कोई कानूनी बाध्यता नहीं है सरकार का कहना है कि पंजाब सिविल सर्विसेज (रिवाइज्ड पे) रूल्स, 2021 में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि राज्य को केंद्र के बराबर DA देना ही होगा। हर राज्य की अपनी वित्तीय क्षमता होती है और हम उसी के हिसाब से चलेंगे। नवंबर 2021 में पंजाब का DA 28% और केंद्र का 31% था। अक्टूबर 2022 में यह 34% और 38%, दिसंबर 2023 में 38% और 42% रहा। नवंबर 2024 से पंजाब का DA 42% है, जबकि केंद्र का 60% है। 4. IAS अफसरों के साथ राज्य के कर्मचारियों की तुलना करना गलत: सरकार के मुताबिक IAS अधिकारी अखिल भारतीय सेवा के तहत आते हैं और उनका DA केंद्र सरकार तय करती है। राज्य कर्मचारियों के सेवा नियम अलग हैं। इसलिए दोनों की तुलना अनुच्छेद 14 के आधार पर नहीं की जा सकती। 5. महज 15 दिनों के भीतर ₹14,191 करोड़ का बकाया देना मुश्किल सरकार ने कहा कि हाईकोर्ट के 15 दिनों में 2016-21 का ₹14,191 करोड़ बकाया देने के आदेश को पूरा करना संभव नहीं है। यह राशि राज्य के करीब 3 महीने के वेतन-पेंशन खर्च के बराबर है। 6. सरकार बकाए से भाग नहीं रही, किस्तों में भुगतान कर रही सरकार का कहना है कि उसने DA के बकाये से इनकार नहीं किया है। 13 फरवरी 2025 को कैबिनेट की मंजूरी के बाद 4 वित्तीय वर्षों में चरणबद्ध भुगतान की योजना बनाई गई थी। इसके तहत ₹6,100 करोड़ से अधिक का भुगतान पहले ही किया जा चुका है। 7. टेक-होम सैलरी को केंद्र के बराबर करने का नया प्रस्ताव दिया सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि वह कर्मचारियों के कुल टेक-होम वेतन को केंद्रीय समकक्षों के बराबर करने के लिए DA में जरूरी बढ़ोतरी करने को तैयार है। हालांकि, सरकार का तर्क है कि सभी कर्मचारियों को एक समान DA देने से उन कर्मचारियों पर अतिरिक्त खर्च होगा, जिन्हें अभी भी केंद्रीय कर्मचारियों से ज्यादा वेतन मिल रहा है। साझा मुलाजिम मंच ने सरकार की याचिका पर कही ये बातें… डीए मामले में अब तक क्या-क्या हुआ, जानिए...

Continue reading on the app

  Sports

इमाम उल हक तुम्हें शर्म आनी चाहिए, इस भारतीय क्रिकेटर ने टूटे पैर से टीम को जीत दिलाई

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के ओपनर बल्लेबाज इमाम उल हक की इन दिनों फेक इंजरी की के कारण खूब बदनामी हो रही है. इंग्लैंड दौरे पर लॉर्ड्स टेस्ट मैच में उनपर आरोप लगा कि वह चोटिल नहीं थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने बहाना बनाया और बल्लेबाजी के लिए नहीं आए. वहीं, चोट से जुड़ा एक वीडियो भारतीय क्रिकेटर वायरल हो रहा है, जिसमें बल्लेबाज ने टूटे पैर से अपनी टीम को जीत दिलाई. Wed, 2 Sep 2026 12:33:29 +0530

  Videos
See all

Rahul Gandhi On SIR: Maharashtra में 2 करोड़ वोटरों के नाम कटने पर कई सवाल उठाए | BJP | EC | Aaj Tak #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-02T07:08:24+00:00

Bokaro News: सड़क बनी 'समंदर'...दावों की खुली पोल | Heavy Rain | Garaga River | Hindi News #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-02T07:09:53+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers